#SLvIND विराट कोहली ने कहा, सामने कोई भी टीम हो, मायने नहीं रखती

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भारत ने लीड्स के हेडिंग्ले में खेले गए अपने अंतिम लीग मुक़ाबले में श्रीलंका को सात विकेट से हराकर शानदार जीत दर्ज की.
भारतीय टीम पहले ही सेमीफ़ाइनल में अपनी जगह पक्की कर चुकी थी, इस लिहाज से इस मैच का नतीजा अंतिम चार के लिए तो मायने नहीं रखता था. पहले बल्लेबाज़ी करते हुए श्रीलंका ने 7 विकेट पर 264 रन बनाए. जवाब में टीम इंडिया ने 43.3 ओवरों में तीन विकेट पर 265 रन बनाकर मैच जीत लिया.
मैच में रोहित शर्मा ने और केएल राहुल ने शतक लगाए. रोहित ने विश्व कप में अपने बल्ले का जादू बरकरार रखते हुए पाँचवां शतक बनाया. राहुल ने 111 रन बनाए.
मैच के बाद कप्तान कोहली ने कहा, "ईमानदारी से कहूँ तो हमें सेमी फ़ाइनल से पहले इस तरह की स्कोरलाइन की उम्मीद नहीं थी. हम अच्छा क्रिकेट खेलना चाहते थे, लेकिन 7-1 की उम्मीद नहीं थी. भारत के लिए एक साथ इस तरह खेलना गर्व की बात है. कमोबेश सेमीफ़ाइनल के लिए सब कुछ तय हो चुका था, लेकिन मुझे लगता है कि टीम में जितनी लचीलापन हो, उतनी ही जल्द वो किसी मुक़ाबले के लिए तैयार हो जाती है."
भारत का सेमीफ़ाइनल तक का सफर शानदार रहा है और इस दौरान उसे केवल इंग्लैंड के ख़िलाफ़ पराजय का मुंह देखना पड़ा. कुल मिलाकर 9 मुकाबलों में उसे सात में जीत हासिल हुई, जबकि न्यूज़ीलैंड के ख़िलाफ़ बारिश के कारण मैच नहीं हो सका था और दोनों टीमों ने एक-एक अंक बांट लिया था.
सेमी फ़ाइनल मैच पर कोहली
सेमी फ़ाइनल में भारतीय टीम इंग्लैंड या न्यूज़ीलैंड किससे भिड़ना पसंद करेगी, इस सवाल के जवाब में कप्तान कोहली ने कहा कि वो इस बारे में नहीं सोचते कि विपक्ष में कौन सी टीम है.

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कोहली ने कहा, "हमारे लिए ये मायने नहीं रखता कि सामने कौन सी टीम है. अगर हम अच्छा नहीं खेले तो हमें कोई भी हरा सकता है और अगर हम अच्छा खेलते हैं तो हम किसी भी टीम को हरा सकते हैं."
उन्होंने कहा कि उन्हें टीम की स्किल्स पर पूरा भरोसा है. कोहली ने कहा, "हम सेमीफ़ाइनल में अपना कौशल दिखाना चाहेंगे और टीम के रूप में अपनी ताकत भी. इसलिए इस बात से कोई फर्क नहीं पड़ता कि सामने कौन खेलता है. हम अच्छा क्रिकेट खेलना चाहते हैं और इससे नतीजे हासिल करना चाहते हैं."
उधर, रोहित शर्मा ने शनिवार को श्रीलंका के ख़िलाफ़ ऐसी उपलब्धि हासिल की, जिसे अब तक दुनिया का कोई क्रिकेटर हासिल नहीं कर सका था. रोहित ने एक वर्ल्ड कप में पाँचवाँ शतक बनाया और ऐसा करने वाले दुनिया के पहले बल्लेबाज़ बने.
इससे पहले, श्रीलंका के कुमार संगकारा ने 2015 के विश्व कप में चार शतक बनाए थे.

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रोहित ने कहा, "हमारी बल्लेबाज़ी में अनुशासन आया है और मैंने भी अपनी पिछली गलतियों से कुछ सीखा है. जो कुछ हुआ वो हुआ, क्रिकेट में हर दिन नया दिन होता है. मैं हर दिन को नए तरीके से लेना चाहता हूँ. मैं ये सोचकर मैदान पर आया था कि मैंने कोई वनडे मैच नहीं खेला है और टूर्नामेंट में कोई शतक नहीं लगाया है. किसी भी खिलाड़ी के लिए सबसे बड़ी चुनौती यही होती है कि वो अपना ध्यान न बंटने दे."
उन्होंने कहा, "एक बार मैदान पर पहुंचने के बाद शॉट सेलेक्शन बहुत ज़रूरी हो जाता है. मैं ख़ुद से कहता रहा कि मैं किस तरह के शॉट खेल सकता हूं, विकेट किस तरह का है और मुझे किस तरह के गेंदबाज़ गेंद डाल रहे हैं."
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