सचिन तेंदुलकर नहीं लेते मुंबई इंडियन्स से कोई पैसा

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पूर्व क्रिकेटर सचिन तेंदुलकर ने कहा है कि उन्होंने आईपीएल की टीम मुंबई इंडियन्स से कोई 'आर्थिक लाभ नहीं लिया' है और न ही वो इस फ्रेंचाइजी में 'फ़ैसला लेने वाली' कोई भूमिका निभाते हैं.
हितों के टकराव मामले में बीसीसीआई के लोकपाल रिटायर्ड जस्टिस डीके जैन की ओर से मिले नोटिस के जवाब में सचिन तेंदुलकर ने ये जानकारी दी है.
सचिन के ख़िलाफ मध्य प्रदेश क्रिकेट एसोसिएशन के सदस्य संजीव गुप्ता ने शिकायत की थी. उन्होंने पूर्व क्रिकेटर वीवीएस लक्ष्मण के ख़िलाफ भी शिकायत की थी.
हितों के टकराव का मामला उठाते हुए गुप्ता ने अपनी शिकायत में कहा था कि तेंदुलकर और लक्ष्मण दोहरी भूमिका निभाते हैं. वो आईपीएल की फ्रेंचाइजी मुंबई इंडियन्स और सनराइज़ हैदराबाद के 'सपोर्ट स्टाफ' हैं और क्रिकेट एडवाइज़री कमेटी के भी सदस्य हैं.

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'हितों का टकराव नहीं'
समाचार एजेंसी पीटीआई के मुताबिक सचिन तेंदुलकर ने जस्टिस जैन को भेजे जवाब में शिकायत को खारिज किया है. उन्होंने मुंबई इंडियन्स में अपनी भूमिका की भी जानकारी दी.
सचिन ने अपने जवाब में कहा, " रिटायरमेंट के बाद से मुंबई इंडियन्स के आइकन के तौर पर नोटिस पाने वाले शख्स (तेंदुलकर) ने कोई आर्थिक लाभ/ मुआवजा नहीं लिया है और वो इस फ्रेंचाइजी के किसी भी रूप में कर्मचारी नहीं हैं. उनके पास कोई पद नहीं है ना ही उन्होंने कोई फ़ैसला (टीम खिलाड़ियों के चयन समेत) नहीं लिया है. "
उन्होंने आगे कहा है, "ऐसे में बीसीसीआई के नियमों या अन्य नियमों के तहत हितों के टकराव का कोई मामला नहीं बनता."

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अपनी आक्रामक बल्लेबाज़ी शैली के लिए प्रशंसकों के बीच मास्टर ब्लास्टर के नाम से मशहूर सचिन तेंदुलकर के नाम टेस्ट क्रिकेट और वनडे में सबसे ज़्यादा शतक और रन बनाने के रिकॉर्ड हैं. सचिन टेस्ट क्रिकेट में 15 हज़ार 921 रन और 51 शतक बनाए हैं. उन्होंने वनडे में 18 हज़ार 426 रन और 49 शतक बनाए हैं.
उन्होंने वनडे से साल 2012 और टेस्ट से साल 2013 में संन्यास लिया. सचिन तेंदुलकर साल 2008 में आइकन खिलाड़ी के तौर पर आईपीएल टीम मुंबई इंडियन्स के साथ जुड़े और साल 2013 तक खेले 73 मैचों में एक शतक की मदद से 2 हज़ार 334 रन बनाए.
गुप्ता की शिकायत के जवाब में सचिन तेंदुलकर ने कहा है कि वो बीसीसीआई की क्रिकेट एडवाइज़री कमेटी के सदस्य साल 2015 में बने. इसके एक साल पहले ही वो मुंबई इंडियन से रिटायर हो चुके थे.
उन्होंने ये भी कहा, "सीएसी में नियुक्ति के वक़्त बीसीसीआई को उनके मुंबई इंडियन्स के साथ संबंध की जानकारी थी. "

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मार्गदर्शन तक सीमित भूमिका
टीम के डगआउट में बैठने को लेकर गुप्ता की ओर से उठाए गए सवाल को 'बेतुका' बताते हुए सचिन ने कहा, "एक मेंटर को फ्रेंचाइजी के प्रबंधन के तौर पर नहीं देखा जाना चाहिए."
सचिन ने कहा है कि उनकी भूमिका टीम का 'मार्गदर्शन करने और प्रेरित करने' तक सीमित है.
सचिन ने ये भी कहा है कि अगर जस्टिस जैन 'कार्यवाही को आगे चलाना चाहें' तो वो अपने कानूनी प्रतिनिधियों के साथ निजी सुनवाई का अनुरोध करेंगे.
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