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सोशल: 'डीआरएस लेना होगा तो धोनी की याद आएगी'
भारतीय क्रिकेट टीम के पूर्व कप्तान महेंद्र सिंह धोनी को बीते 12 सालों में पहली बार टी-20 टीम से बाहर का रास्ता दिखा दिया गया है.
शुक्रवार रात भारतीय क्रिकेट कंट्रोल बोर्ड (बीसीसीआई) की चयन समिति ने वेस्ट इंडीज़ और उसके बाद ऑस्ट्रेलिया के साथ खेले जाने वाले आगामी छह टी20 मैचों के लिए भारतीय टीम का ऐलान किया.
टीम इंडिया को साल 2007 में टी-20 क्रिकेट का विश्व चैम्पियन बनाने वाले महेंद्र सिंह धोनी लंबे समय से ख़राब फॉर्म से जूझ रहे हैं. उनकी जगह युवा विकेटकीपर बल्लेबाज़ ऋषभ पंत विकेट के पीछे ज़िम्मेदारी संभालेंगे.
शुक्रवार को चयन समिति ने टी20 के अलावा वेस्ट इंडीज़ के ख़िलाफ़ बाकी बचे तीन वनडे मैच और उसके बाद ऑस्ट्रेलिया में खेली जाने वाली टेस्ट सिरीज़ के लिए भी टीम का ऐलान किया.
वेस्ट इंडीज़ के ख़िलाफ़ टी20 सिरीज में कप्तानी रोहित शर्मा को सौंपी गई है, विराट कोहली को इस सिरीज में आराम दिया गया है. रोहित की कप्तानी में भारत ने हाल ही में एशिया कप जीता था.
साल 2006 से लगातार रहे हिस्सा
37 वर्षीय महेंद्र सिंह धोनी ने साल 2006 के दिसंबर महीने में दक्षिण अफ़्रीका के ख़िलाफ़ अपना टी20 डेब्यू किया था. तब से भारत ने कुल 104 टी20 मुकाबले खेले जिसमें से 93 मैचों में धोनी टीम का हिस्सा रहे हैं.
धोनी ने 93 टी20 मैचों में 127 के स्ट्राइक रेट से 1487 रन बनाए हैं. इसके अलावा उन्होंने 54 कैच और 33 स्टम्प किए हैं. यह पहला मौक़ा है जब धोनी को फिट होने के बावजूद टीम में चुना नहीं गया है.
हालांकि मुख्य चयनकर्ता एमएसके प्रसाद ने कहा है कि इस टीम के आधार पर यह अंदाजा ना लगाया जाए कि धोनी का टी20 करियर समाप्त हो गया है. प्रसाद ने कहा कि स्टम्प के पीछे धोनी के अलावा कुछ और विकल्प तलाशे जा रहे हैं और यह उसी प्रक्रिया का हिस्सा है.
टी20 में धोनी का प्रदर्शन
जहां तक टी20 में धोनी के प्रदर्शन का सवाल है तो उनका सर्वश्रेष्ठ स्कोर 56 रन है. इस फ़ॉर्मेट में उन्होंने दो अर्धशतक लगाए हैं. इसमें से एक अर्धशतक उन्होंने इसी साल की शुरुआत में दक्षिण अफ़्रीका के ख़िलाफ़ लगाया गया था.
हालांकि इस एक पारी को छोड़ दिया जाए तो धोनी लंबे समय से अपनी बल्लेबाज़ी के साथ संघर्ष करते हुए दिख रहे हैं. जिस फिनिशिंग टच के लिए उन्हें दुनियाभर में जाना जाता रहा है वह भी कुछ समय से गायब दिख रहा है.
टी20 में धोनी ने अपनी अंतिम पांच पारियों में 32, 11, 12, 52 और 16 रन बनाए हैं.
आख़िरी पांच वनडे पारियों में भी वह सिर्फ़ 20, 36, 8, 33 और शून्य रन बना पाए हैं.
भारतीय टीम के अलावा धोनी टी20 लीग आईपीएल में चेन्नई सुपरकिंग्स (सीएसके) के कप्तान हैं. आईपीएल में सीएसके अकेली ऐसी टीम है जो 9 बार प्ले ऑफ़ में जबकि सात बार फ़ाइनल में पहुंच चुकी है.
दो साल के प्रतिबंध के बाद जब सीएसके ने इस साल आईपीएल में वापसी की तो धोनी की कप्तानी में वह चैम्पियन बनने में कामयाब रही. सीएसके ने कुल तीन बार आईपीएल खिताब जीता है.
सोशल मीडिया पर प्रतिक्रिया
धोनी को टी20 टीम में ना चुने की ख़बर आने के साथ ही सोशल मीडिया पर धोनी ट्रेंड करने लगे.
कुछ लोगों ने धोनी को टीम से बाहर किए जाने की आलोचना की तो कुछ ने इसे सही वक़्त पर उठाया गया कदम बताया है. इसी के साथ अगले साल होने वाले वन डे विश्वकप में उनके खेलने को लेकर भी अटकलें शुरू हो गई हैं.
क्रिकेट विशेषज्ञ हर्षा भोगले ने ट्वीट किया है, ''अगर यह एम एस धोनी के टी20 सफर का अंत है तो हमें कुछ देर रुककर इस महान खिलाड़ी का सम्मान करना चाहिए जिसने 2007 विश्व टी20 में भारत की ऐतिहासिक जीत में सबसे अहम भूमिका निभाई थी.''
पूर्व क्रिकेटर और कमेंटेटर आकाश चोपड़ा ने लिखा है कि हो सकता है कि धोनी अब कभी टी-20 मैचों में न दिखें.
श्रीधर माही ने लिखा है कि धोनी डीआरएस को आपकी याद आएगी. इसी तरह कुछ सोशल मीडिया यूजर्स ने लिखा है कि जब कभी कप्तान को एलबीडब्ल्यू पर डीआरएस लेना होगा तब वो धोनी को याद करेंगे.
ऋषिकेश कश्यप ने लिखा है कि लोग धोनी के बाहर होने पर इतना दुखी क्यों हैं, वो एक महान खिलाड़ी थे लेकिन उनका वक़्त बीत चुका है.
इन तमाम बातों के बीच दक्षिण अफ़्रीका के बल्लेबाज़ ए बी डिविलियर्स का वह बयान भी कई लोगों को याद आ रहा है जिसमें उन्होंने कहा था कि अगर धोनी 80 साल के भी हो जाएंगे तब भी वे उन्हें अपनी टीम में जगह देंगे.
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