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एशिया कप: भारत की हांगकांग से टक्कर या 'मिनी पाकिस्तान' से
- Author, टीम बीबीसी हिन्दी
- पदनाम, नई दिल्ली
विराट कोहली की ग़ैर-मौजूदगी और रोहित शर्मा की कप्तानी में भारतीय क्रिकेट टीम मंगलवार शाम एशिया कप में अपने अभियान की शुरुआत कर चुकी है.
टीम इंडिया का बड़ा मुक़ाबला बुधवार को पाकिस्तान से होना है, लेकिन मंगलवार को वो हांगकांग के सामने होनी है और इस मैच को टीम इंडिया के लिए अभ्यास मैच की तरह देखा जा रहा है.
क्रिकेट में किसी भी टीम को हल्के में नहीं लिया जा सकता और हांगकांग के मामले में टीम इंडिया ये भूल नहीं करना चाहेगी. हांगकांग की टीम दूसरी वजहों से भी चर्चा में है.
एशिया कप के अपने पहले मैच में हांगकांग को पाकिस्तान के हाथों हार का सामना करना पड़ा था.
इस मैच में हांगकांग ने टॉस जीतकर पहले बल्लेबाज़ी का फ़ैसला किया और पूरी टीम 38वें ओवर में 116 रनों पर सिमट गई. पाकिस्तान ने ये मैच 24वें ओवर में आठ विकेट से जीत लिया.
ज़्यादातर खिलाड़ी कहां के हैं?
आपको ये जानकर हैरानी हो सकती है कि हांगकांग की टीम में खेल रहे ज़्यादातर खिलाड़ी मूल रूप से इस देश के रहने वाले नहीं हैं.
मसलन, सलामी बल्लेबाज़ नज़ाकत ख़ान पाकिस्तान में पंजाब के अटक में पैदा हुए हैं और हांगकांग की टीमों के अलावा क्लब क्रिकेट में टोरंटो नेशनल्स की तरफ़ से खेलते हैं.
हांगकांग टीम की कप्तानी अंशुमन रथ के हाथों में हैं. इनका जन्म हांगकांग में हुआ है, लेकिन ये भी भारतीय मूल के परिवार से आते हैं.
टीम में शामिल बाबर हयात भी पाकिस्तान में पैदा हुए हैं और उनका जन्म भी पाकिस्तानी पंजाब के अटक में हुआ है.
हांगकांग टीम के विकेटकीपर हैं किंचित शाह और इनकी पैदाइश मुंबई की है.
पाकिस्तानी पंजाब के कई खिलाड़ी
इसी टीम में दायें हाथ से बल्लेबाज़ी करने वाले और ऑफ़ ब्रेक गेंदबाज़ी करने वाले एहसान ख़ान शामिल हैं जो 33 साल के हैं. इनका जन्म पाकिस्तानी पंजाब के रावलपिंडी में हुआ है.
हांगकांग की टीम में खेलने वाले तनवीर अफ़ज़ल ऑलराउंडर हैं जो तेज़ गेंदबाज़ी करते हैं. इनका जन्म पाकिस्तान के गुजरात में हुआ है.
इस टीम में तेज़ गेंदबाज़ के रूप में दूसरा चेहरा एहसान नवाज़ हैं, जो पाकिस्तान के अटक में पैदा हुए हैं.
इनके अलावा बायें हाथ के स्पिनर नदीम अहमद भी हैं जिनका जन्म पाकिस्तान के बहावलपुर में हुआ था.
चीन के प्रभुत्व वाले इस देश की क्रिकेट टीम में खेलने वाले ज़्यादातर लोग पाकिस्तान या भारतीय मूल के क्यों हैं, इस सवाल का जवाब तलाशने से पहले ये जानना ज़्यादा ज़रूरी है कि हांगकांग का इतिहास क्या है?
हांगकांग का इतिहास क्या है?
ये पूर्व ब्रिटिश कॉलोनी है जिसे साल 1997 में चीन का स्पेशल एडमिनिस्ट्रेटिव रीजन बनाया गया. तब ब्रिटेन की 99 साल की लीज़ ख़त्म हुई थी.
हांगकांग में 'एक देश, दो सिस्टम' के तहत शासन चलता है, जिसके तहत चीन ने उसे काफ़ी हद तक स्वायत्तता दी हुई है.
यहां की आबादी क़रीब 72 लाख है और यहां आमतौर पर चीनी भाषा और अंग्रेज़ी बोली जाती है.
लेकिन हांगकांग में क्रिकेट का क्या इतिहास है? हांगकांग क्रिकेट के मुताबिक़, साल 1839 से 1842 के बीच चले पहले अफ़ीम युद्ध के बाद हांगकांग ब्रिटिश साम्राज्य का हिस्सा बना था और साल 1841 में यहां पहला क्रिकेट मैच खेला गया.
और क्रिकेट का इतिहास क्या?
इसके दस साल बाद हांगकांग क्रिकेट क्लब बना. साल 1903-04 में सीज़न में यहां पहला घरेलू क्रिकेट टूर्नामेंट खेला गया. साल 1966 में मेरिलीबोन क्रिकेट क्लब (MCC) ने पहली बार हांगकांग का दौरा किया.
वो साल 1982 था जब हांगकांग की नेशनल क्रिकेट टीम पहली बार किसी आईसीसी ट्रॉफ़ी में खेली और आठ टीमों में वो पांचवें पायदान पर रही.
अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट में हांगकांग के लिए सबसे बड़ा मौक़ा साल 2014 में आया जब उसने चटगांव के मैदान पर बांग्लादेश को धूल चटाई.
ऐसा दावा है कि क्रिकेट, हांगकांग में सबसे तेज़ी से बढ़ते खेलों में से एक है. भारतीय महाद्वीप और अंग्रेज़ी मूल की आबादी के अलावा कई चीनी खिलाड़ी भी इसमें दिलचस्पी लेने लगे हैं.
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