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रोजर फ़ेडरर: टेनिस का मोहम्मद अली
रोजर फ़ेडरर ने पिछले साल ऑस्ट्रेलियन ओपन का ख़िताब जीता था तो ऐसा लगा जैसे कोई बीता हुआ सुहाना मौसम बस लौट आया था.
आख़िर उन्हें इस ग्रैंड स्लैम के लिए पांच बरस का जो इंतज़ार करना पड़ा था. एक वक़्त ऐसा भी आया जब लोगों ने कहा कि फ़ेडरर अब अतीत का हिस्सा हो चुके हैं.
तब फ़ेडरर 35 बरस के थे. घुटने की सर्जरी और पीठ की तकलीफ़ के कारण छह महीने से टेनिस कोर्ट से दूर थे. वरीयता क्रम में फिसलकर 17वें नंबर पर आ गए.
यहां तक कि उनकी वापसी लोगों को हैरत कर गई लेकिन ग्रैंडस्लैम में उनकी जीत ने आलोचकों की जुबान बंद कर दी.
पिछले 12 महीने में ये स्विस खिलाड़ी तीन ग्रैंडस्लैम टाइटल जीत चुका है. 36 की उम्र में उन्होंने अपनी शुरुआत ऑस्ट्रेलियन ओपन जीत कर की है.
उम्र की चुनौती
वे केवल दो सेट हारे और वो भी फ़ाइनल मुक़ाबले में. ये कोई बीते कल की कहानी नहीं है. ये रोजर फ़ेडरर का वर्तमान है.
टेनिस कोर्ट में उनकी मौजूदगी असर पैदा करती है और उसमें अतीत की कोई प्रतिध्वनि नहीं है.
उन्होंने एक-एक करके तीन ग्रैंड स्लैम जीते हैं और लगता है जैसे वे किसी मुहिम पर हैं. करियर का 20वां ग्रैंड स्लैम जीतने वाले इस खिलाड़ी के लिए उम्र कोई चुनौती नहीं है.
मारिन चिलिच के ख़िलाफ़ रविवार के फ़ाइनल मुक़ाबले से पहले फ़ेडरर मेलबर्न में खुद को मोटिवेट करने के लिए गैरी ओल्डमैन की बायोपिक चर्चिल देखने गए.
36 साल के रोजर फ़ेडरर ने ऑस्ट्रेलियन ओपन के ख़िताबी मुक़ाबले में मारिन चिलिच को 6-2, 6-7, 6-3, 3-6, 6-1 से हराया.
सबसे ज़्यादा ग्रैंड स्लैम ख़िताब
क़रीब तीन घंटे तक चले मुक़ाबले में फ़ेडरर ने चिलिच की चुनौती का बख़ूबी सामना किया.
इस कामयाबी के साथ उन्होंने रिकॉर्ड छठी बार ऑस्ट्रेलियन ओपन जीतने का करिश्मा कर दिखाया.
ये उनके करियर का 20वां ग्रैंड स्लैम ख़िताब है. दुनिया में सबसे ज़्यादा ग्रैंड स्लैम ख़िताब जीतने का करिश्मा उनके ही नाम है. रफ़ाएल नडाल से 4 ग्रैंड स्लैम ज़्यादा.
साल 2011 से 2016 के दरमियां फ़ेडरर केवल एक ग्रैंड स्लैम जीत पाए.
साल भर पहले लगने लगा था कि फ़ेडरर न सिर्फ़ ढलान पर हैं बल्कि वो उस ज़माने को भी काफ़ी पीछे छोड़ चुके हैं जब वो अपने खेल सबसे बड़े लड़ैय्या थे.
फोरहैंड शॉट
बाथरूम में बच्चों को नहलाते समय उनका घुटना चोटिल हो गया था, विंबलडन में वे मिलोस राओनिक का फोरहैंड शॉट खेलते समय मुंह के बल गिर गए.
काबिलियत के पैमाने पर मिलोस राओनिक फ़ेडरर के आधे भी नहीं थे. लेकिन उम्र के पैमाने पर मिलोस फ़ेडरर से नौ साल छोटे और फुर्तीले थे.
आख़िरकार फ़ेडरर ने माना कि उन्हें बड़े रैकेट हेड की ज़रूरत है. ये कुछ ऐसा ही था जैसे कोई अधेड़ हो रहा शख़्स घर में घूमने के लिए रीडिंग ग्लास पहन रहा हो.
नोवाक जोकोविच बेताज़ बादशाह थे. एंडी मरे घास वाले टेनिस कोर्ट के किंग माने जाते हैं. टेनिस की नई नस्ल कोर्ट के बाहर दस्तक देने लगी है.
और लोग ये कहने लगे कि रोजर फ़ेडरर को अब रिटायरमेंट ले लेना चाहिए.
मेलबर्न में खिताब
लेकिन अब हालात बदल गए हैं. ऑस्ट्रेलियन ओपन का टाइटल, विंबलडन पर फिर से फतह, मेलबर्न में खिताब बरकरार रखना.
पिछले दो महीने से रफाएल नडाल से अपनी रैंकिंग बरकरार रखने के लिए संघर्ष कर रहे हैं.
और बहुत मुमकिन है कि मार्च के आख़िर तक फ़ेडरर फिर से वर्ल्ड नंबर वन की रैंक पर पहुंच जाए.
12 महीने पहले मेलबर्न में फ़ेडरर की जीत ने 18 ग्रैंड स्लैम टाइटल जीतने वाले जैक निकलॉस की याद दिला दी.
जैक निकलॉस ने अगस्त, 1986 में अपने पहले ग्रैंड स्लैम टाइटल के 23 साल और आख़िरी ग्रैंड स्लैम टाइटल के 6 साल बाद ख़िताब जीता था.
मोहम्मद अली का उदाहरण
1998 में जैक निकलॉस मास्टर्स में छठे स्थान पर रहे. रोजर फ़ेडरर की तुलना मोहम्मद अली से भी की जाती है.
32 साल की उम्र में मोहम्मद अली ने जॉर्ज फ़ोरमैन से अपना ही ख़िताब किंशासा में हासिल किया था.
तब मोहम्मद अली एक तरह से निर्वासन के बाद कुछ इस तरह से रिंग में उतरे कि कम ही लोगों को यकीन हो पाया.
पिछले 6 महीने में दो ग्रैंड स्लैम जीतकर फ़ेडरर ने जैन निकलॉस और मोहम्मद अली के असाधारण खेल की याद दिला दी है.
आप भले ही ये कहें कि ये एक बुझते हुए दिये का उतावलापन है लेकिन हकीकत तो ये है कि फ़ेडरर कभी उतावले रहे ही नहीं.
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