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भारत ने पाक को ब्लाइंड क्रिकेट विश्व कप में हराया, सुनील बने हीरो
ब्लाइंड क्रिकेट वर्ल्ड कप में भारत ने पाकिस्तान को हराकर दूसरी बार ख़िताब अपने नाम कर लिया है.
शारजाह में खेले गए फ़ाइनल में भारत ने पाकिस्तान को दो विकेट से हराया. भारत के सामने जीत के लिए 309 रनों का लक्ष्य था, जिसे उसने 8 विकेट खोकर हासिल कर लिया.
भारत ने यह जीत 38.2 ओवर में हासिल की. इससे पहले टॉस हारकर पहले बल्लेबाज़ी करते हुए पाकिस्तान ने निर्धारित 40 ओवर में 8 विकेट खोकर 308 रन बनाए.
प्रधामंत्री नरेंद्र मोदी ने भी इस जीत पर भारतीय टीम को बधाई दी है.
मैच में किसने कितने रन बनाए?
कप्तान अजय रेड्डी ने भी 63 रन बनाए. भारत की तरफ से सुनील रमेश ने 93 रन बनाए.
इसके साथ ही भारत ने अपने ख़िताब का भी बख़ूबी बचाव किया. पिछले साल भी भारत ने ब्लाइंड विश्व कप क्रिकेट टूर्नामेंट के फ़ाइनल में पाकिस्तान को मात दी थी.
पाकिस्तान के रियासत ख़ान ने 48 और कप्तान निसार अली ने 47 रन बनाए.
पिछली बार ग्रुप मुक़ाबले में पाकिस्तान ने भारत को हराया था, लेकिन इस बार उसे ग्रुप और फ़ाइनल दोनों में हार का सामना करना पड़ा.
इस फाइनल मुक़ाबले के बाद पुरस्कार वितरण समारोह का सबसे बड़ा आकर्षण पाकिस्तान के पूर्व कप्तान और कभी एशिया के ब्रेडमैन कहलाने वाले ज़हीर अब्बास और भारत के पूर्व विकेट कीपर बल्लेबाज़ सैय्यद किरमानी थे.
जिस एक बल्लेबाज़ पर खेल के दीवानों की नज़र गई, वो हैं शानदार पारी खेलते हुए 93 रन बनाने वाले सुनील रमेश.
क़ौन हैं जीत के हीरो सुनील रमेश?
- सुनील रमेश का जन्म 7 अप्रैल 1998 को कर्नाटक में हुआ. ब्लाइंड क्रिकेट की वेबसाइट के मुताबिक, सुनील के माता-पिता दिहाड़ी मज़दूर हैं.
- सुनील के एक बहन और भाई भी हैं. सुनील की खेलकूद में बचपन से ही दिलचस्पी थी.
- एक दिन अचानक क्रिकेट खेलते हुए सुनील रमेश की आंख में एक तार घुस गया. इस तार के घुसने से सुनील रमेश की दायीं आंख की रोशनी चली गई.
- दायीं आंख में लगी इस चोट का असर सुनील की बायीं आंख पर भी हुआ. वक़्त बीतने के साथ सुनील की बायीं आंख की रोशनी भी कमज़ोर हो गई.
- ये हादसा तब हुआ था, जब उनकी उम्र 11 साल थी. ऐसे में सुनील ने ब्लाइंड स्कूल में दाखिला लिया. सुनील के टीचर कुमार नाइक ने कर्नाटक के चिकमंगलूर के एक स्कूल में उनका दाखिला कराया और मदद की.
- इस स्कूल में दाखिले की वजह से सुनील का फिर से क्रिकेट खेलना शुरू हो पाया. हालांकि शुरुआत में उन्हें कुछ दिक़्क़तों का सामना करना पड़ा, लेकिन बाद में वो इससे जीतने में सफल हुए.
- अच्छे खेल की वजह से सुनील को राज्य की ब्लाइंड टीम में जगह मिली. 2016 में अपने प्रदर्शन की वजह से सुनील एशिया कप के लिए राष्ट्रीय टीम में जगह बनाने में सफल हुए.
- सुनील रमेश टी-20 वर्ल्ड कप खेल चुके हैं जिसमें उन्होंने पाकिस्तान के ख़िलाफ़ तीन विकेट झटके थे.
- क्रिकेट के अलावा सुनील ग्रैजुएशन कर रहे हैं और सेकंड इयर में हैं. सुनील रमेश का सपना है कि वो ब्लाइंड क्रिकेट में एक बड़ा नाम बनकर उभरें.
- ब्लाइंड क्रिकेट की वेबसाइट के मुताबिक, सुनील रमेश कर्नाटक सरकार में नौकरी के लिए भी अप्लाई किया है, लेकिन अब तक मिली नहीं.
भारत ने पूरे टूर्नामेंट में शानदार खेल दिखाया. हालांकि भारत और ऑस्ट्रेलिया के बीच खेला गया पहला मैच बारिश की भेंट चढ़ गया था, लेकिन उसके बाद भारत ने श्रीलंका को 6 विकेट से हराया.
इस मैच में भारत के सामने जीत के लिए 359 रनों का लक्ष्य था जो उसने दीपक मलिक के 179 रनों की मदद से 6 विकेट खोकर हासिल किया.
श्रीलंका के बाद भारत ने पाकिस्तान को 7 विकेट से और बांग्लादेश को 10 विकेट से हराया. अपने अंतिम ग्रुप मैच में भारत ने नेपाल को 8 विकेट से हराया.
सेमीफाइनल में भारत ने बांग्लादेश को 7 विकेट से हराया था. इस तरह अजेय रहते हुए भारत ने पांचवें ब्लाइंड विश्व कप को लगातार दूसरी बार अपने नाम किया.