You’re viewing a text-only version of this website that uses less data. View the main version of the website including all images and videos.
#100Women: वह खेल जो महिला-पुरुष साथ खेलते हैं
- Author, अमीलिया बटरली
- पदनाम, रियो डे जनेरो
यह एक स्कूल का आम दृश्य है जिसमें छात्रों की टीमें लाल, हरी और पीली जर्सी में खेलों की प्रतियोगिता में भाग ले रही हैं.
लेकिन यहां एक चीज़ इस खेल को बाकियों से अलहदा करती है. रियो डे जनेरो (ब्राज़ील) के इंस्टीट्यूटो जेरेमारियो में जो टीमें खेल रही हैं उनमें लड़के और लड़कियां दोनों हैं और यह खेल 'कोर्फ़बॉल' है.
20वीं सदी की शुरुआत में कोर्फ़बॉल खेल की शुरुआत हुई थी. यह असल में ऐसा खेल है जिसमें एक ही टीम में महिला और पुरुष दोनों होते हैं.
ब्राज़ील के एक स्कूल के स्पोर्ट्स हॉल में इस खेल के नियम ही छात्रों को खेल को लेकर प्रोत्साहित करते हैं.
विकलांग भी खेल सकते हैं
11 साल के जियोवानी कहते हैं कि वह इस खेल को इसलिए पसंद करते हैं क्योंकि इसमें लड़के और लड़कियां साथ खेल सकते हैं. यह खेल लड़के और लड़कियों के साथ खेलने के अलावा विकलांगों को भी साथ खेलने की अनुमति देता है.
जियोवानी कहते हैं, "हम सभी अलग हैं और अलग-अलग चीज़ों में हम अच्छे हैं, लेकिन इस खेल में हम सब साथ खेल सकते हैं."
इस पूरे हफ़्ते बीबीसी #100Women की अपनी ख़ास सिरीज़ में खेलों में लिंगभेद से निपटने के तरीकों की तलाश करेगी.
कई खेलों में महिला और पुरुष खिलाड़ियों के बीच पैसों के भुगतान में अंतर है. बहुत कम महिलाएं टेलीविज़न पर खेल देखती हैं, साथ ही स्कूलों में लड़कियां शारीरिक शिक्षा की पढ़ाई छोड़ रही हैं. इसके अलावा और भी बहुत-सी समस्याएं हैं जिसका सामना महिलाएं खेलों में करती हैं.
लेकिन हम महिलाओं को चुनौती दे रहे हैं कि वह इन मुद्दों से निपटने के तरीकों के साथ सामने आएं. क्या कोर्फ़बॉल इसका जवाब है?
कहीं भी खेल सकते हैं
इंस्टीट्यूटो जेरेमारियो में शिक्षक शीला डुअर्ट बताती हैं, "लड़का-लड़की साथ नहीं खेल सकते या लड़कियां कमज़ोर होती हैं, कोर्फ़बॉल इस रूढ़ि को तोड़ रहा है."
वह कहती हैं कि यह दिखाता है कि लड़कियां बॉल गेम्स के अलावा कोई तेज़ी वाला खेल भी खेल सकती हैं.
12 साल के जॉन कहते हैं कि वह कोर्फ़बॉल को प्यार करते हैं क्योंकि इस खेल में गति है और लड़कियों के साथ भी इसे खेला जा सकता है.
यह खेल इनडोर और आउटडोर दोनों जगहों पर खेला जा सकता है. इसमें बॉल को गोल की तरफ़ फेंका जाता है जिसे 'कोर्फ़' कहते हैं. एक प्लास्टिक की बाल्टी खंभे पर 3.5 मीटर की ऊंचाई पर बंधी होती है.
विश्व में इस खेल की सबसे मज़बूत टीम नीदरलैंड्स की है. पूरे विश्व में इस खेल को प्रसिद्धि मिल रही है.
कैसे खेला जाता है - कोर्फ़बॉल
- हर टीम में चार पुरुष और चार महिला खिलाड़ी होते हैं. इसमें फ़ील्ड दो बराबर ज़ोन में बंटा होता है और हर ज़ोन में दो महिला-पुरुष खिलाड़ी होते हैं.
- वे अपना ज़ोन नहीं बदल सकते हैं, लेकिन हर बार दो गोल होते हैं. खिलाड़ी ज़ोन के साथ-साथ अपनी-अपनी भूमिका भी बदलते हैं.
- यह खेल नेटबॉल और बास्केटबॉल से मिलता जुलता है. विपक्षी खिलाड़ी के गोल (कोर्फ़) में बॉल फेंकने से स्कोर होता है.
- अगर आपके पास बॉल है तो आप उसे लेकर भाग नहीं सकते हैं और जानबूझकर किसी को छूना प्रतिबंधित है.
- जो टीम सबसे अधिक गोल करती है वो जीतती है.
स्रोत: इंटरनेशनल कोर्फ़बॉल फ़ेडरेशन, रूल्सऑफस्पोर्ट.कॉम
खेल के कई संस्करण
मिनी-कोर्फ़ भी एक खेल है जो छोटे बच्चों के लिए बनाया गया है जिसे समुद्र तट पर खेला जाता है. इसके अलावा पहली दफ़ा खेल रहे लोगों के लिए कोर्फ़लाइट खेल है.
साथ ही विकलांग लोगों के लिए इस खेल का एक संस्करण मौजूद है.
कोर्फ़बॉल को महिला और पुरुष खिलाड़ियों के साथ खेलने के कारण प्रसिद्धि मिली है. हालांकि, फुटबॉल, टेनिस, क्रिकेट, बास्केटबॉल के मुकाबले इस खेल का कद अभी भी बहुत छोटा है. यह वे खेल हैं जिनको दर्शकों के अलावा बड़ी स्पॉन्सरशिप और सिलेब्रिटी की तवज्जो मिलती है.
संयुक्त राष्ट्र की महिला संस्था में स्पोर्ट पार्टनरशिप मैनेजर बीट्रेस फ्रे कहती हैं कि अगर दूसरे क्षेत्रों को देखा जाए तो उसके मुकाबले खेलों में महिला और पुरुष खिलाड़ियों को मिलने वाले पैसे में काफ़ी अंतर है.
वह कहती हैं, "देश के संदर्भ और खेल के आधार पर एक पुरुष करोड़पति हो सकता है, लेकिन महिलाओं को न्यूनतम आय भी नहीं मिलती है."
विश्व में 100 सबसे अधिक कमाई करने वाली खिलाड़ियों की सूची में इकलौती महिला सेरेना विलियम्स हैं.
रियो के इस स्कूल में कोर्फ़बॉल ज़रूर प्रसिद्ध हो, लेकिन इसको भविष्य बनाने में कई दिक्कतें हैं.
पेशेवर फ़ुटबॉल खिलाड़ी और खेलों में लिंगभेद के मुद्दे पर #100Women की टीम के सदस्य बियट्रीज़ वाज़ कहते हैं कि यह दो घंटे का खेल है.
महिलाओं के लिए समस्याएं और भी गंभीर हैं. स्कूल में खेलों के अलावा सिस्टम को भी बदलना चाहिए.
100 वीमेन क्या है?
बीबीसी हर साल पूरी दुनिया की प्रभावशाली और प्रेरणादायक महिलाओं की कहानियां दुनिया को बताता है. इस साल महिलाओं को शिक्षा, सार्वजनिक स्थानों पर शोषण और खेलों में लैंगिक भेदभाव की बंदिशें तोड़ने का मौका दिया जाएगा.
आपकी मदद से ये महिलाएं असल ज़िंदग़ी की समस्याओं के समाधान निकाल रही हैं और हम चाहते हैं कि आप अपने विचारों के साथ इनके इस सफ़र में शामिल हों.
100Women सिरीज़ से जुड़ी बातें जानने और हमसे सोशल मीडिया पर जुड़ने के लिए आप हमारे फेसबुक, इंस्टाग्राम और ट्विटर पेज को लाइक कर सकते हैं. साथ ही इस सिरीज़ से जुड़ी कोई भी बात जानने के लिए सोशल मीडिया पर #100Women इस्तेमाल करें.
(बीबीसी हिन्दी के एंड्रॉएड ऐप के लिए आप यहां क्लिक कर सकते हैं. आप हमें फ़ेसबुक और ट्विटर पर फ़ॉलो भी कर सकते हैं.)