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ये टीम बन सकती है ऑल टाइम बेस्ट
- Author, मदन लाल
- पदनाम, पूर्व क्रिकेटर
श्रीलंका के ख़िलाफ टेस्ट सिरीज़ में भारत की 3-0 जीत तो ऐतिहासिक ही है.
भारतीय टेस्ट क्रिकेट इतिहास के 85 साल में पहली बार विदेशी ज़मीन पर क्लीन स्वीप किया है तो वो जीत ऐतिहासिक ही मानी जाएगी.
श्रीलंका की टीम बहुत कमज़ोर थी.
खेल के किसी भी क्षेत्र बैटिंग, बॉलिंग या फ़ील्डिंग में उन्होंने अच्छा प्रदर्शन नहीं किया.
मैच भी चार-चार दिन ही चले. आख़िरी टेस्ट मैच तो सिर्फ़ ढाई दिन में ख़त्म हो गया.
टेस्ट क्रिकेट के प्रचार के लिए ये अच्छा नहीं है, लेकिन भारतीय टीम के लिए तो अच्छा ही है.
भारत की टीम टेस्ट रैकिंग में पहले नंबर पर बनी हुई है. इससे टीम का मनोबल बढ़ता है और एक अच्छी टीम तैयार होती है.
विराट कोहली के बारे में मैंने पहले भी कहा है जितनी वो कप्तानी करेंगे वो परिपक्व होते जाएंगे. आने वाले समय में उन्हें मुश्किल सिरीज़ खेलनी है. वहां भी उन्हें अनुभव मिलेगा.
विराट ने कप्तान के तौर पर अच्छे फ़ैसले किए. उम्दा टीम चुनी.
मुझे लगता है कि कप्तान के तौर पर उनकी सोच साफ़ है. वो जो अपने खिलाड़ियों से कहना चाहते हैं वो साफ़ तौर पर कहते हैं और खिलाड़ी को जो भूमिका मिलती है उसे सही तरह से निभा रहे हैं.
विराट कोहली प्रगति कर रहे हैं और ऐसे में रिकॉर्ड तो बनने ही हैं.
कोहली कैसे कप्तान?
भारत के दूसरे टेस्ट कप्तानों से विराट कोहली की तुलना ठीक नहीं है.
सुनील गावस्कर के सामने वेस्ट इंडीज़ की टीम थी. दूसरे कप्तानों के सामने भी अलग चुनौतियां थीं.
महेंद्र सिंह धोनी ने भारत को वर्ल्ड कप, वर्ल्ड टी-20 और चैंपियन्स ट्रॉफ़ी में जीत दिलाई है.
उनकी कप्तानी में भी भारत टेस्ट में नंबर वन रह चुका है. रिकॉर्ड धोनी के भी बहुत अच्छे हैं.
मैं समझता हूं कि धोनी ने जो किया है अगर विराट वैसा कर दिखाते हैं तो महान कप्तान कहलाएंगे.
श्रीलंका की गेंदबाज़ी प्रथम श्रेणी क्रिकेट से भी ज्यादा कमज़ोर थी. लेकिन फिर भी भारतीय बल्लेबाज़ों की तारीफ़ करनी होगी. वजह ये है कि रन बनाने के लिए आपको विकेट पर वक्त बिताना होता है.
चेतेश्वर पुजारा का पहले का रिकॉर्ड भी बेहतरीन है.
शिखर धवन ने मौके का दोनों हाथों से फ़ायदा उठाया. धवन ने अपना अंदाज़ नहीं बदला है. वो रन बनाते हैं तो भारतीय टीम एक दिन में 360 से 370 रन बनाती है. इससे जीत की संभावना बढ़ जाती है. गेंदबाज़ों को विरोधी बल्लेबाज़ों को आउट करने के लिए ज्यादा वक्त मिलता है.
ये सब बातें भारतीय क्रिकेट के लिए सकारात्मक हैं.
श्रीलंका के ख़िलाफ़ तीसरे टेस्ट में आठवें नंबर पर आकर शतक बनाने वाले हार्दिक पांड्या भारत के लिए उम्दा ऑलराउंडर साबित हो सकते हैं.
विराट कोहली भी हर सिरीज़ में शतक बना ही देते हैं.
भारत की गेंदबाज़ी
भारत का गेंदबाज़ी आक्रमण भी संतुलित है. सबसे अच्छी बात ये है कि तेज़ गेंदबाज़ विकेट निकाल रहे हैं.
मोहम्मद शमी और उमेश यादव विकेट ले रहे हैं. जब पेस अटैक अच्छा होता है तो जीत की संभावना बढ़ जाती है. स्पिनर का दबदबा भी बना रहता है.
हालांकि, मैं अभी इस टीम को भारत की सर्वकालिक महान टीम का दर्ज़ा नहीं दे सकता.
अभी इस टीम को दक्षिण अफ्रीका, ऑस्ट्रेलिया और इंग्लैंड में जाकर जीत हासिल करनी होगी.
ये चुनौतियां सबसे बड़ी हैं. इस टीम में क्षमता है कि ये बाहर जाकर जीत हासिल कर सकती है.
(बीबीसी संवाददाता वात्सल्य राय से बातचीत पर आधारित )
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