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'ये राहुल द्रविड़ और ज़हीर ख़ान का अपमान है'
- Author, अभिजीत श्रीवास्तव
- पदनाम, बीबीसी संवाददाता
भारतीय क्रिकेट कंट्रोल बोर्ड ने मंगलवार को भरत अरुण को टीम इंडिया का नया गेंदबाज़ी कोच नियुक्त किया है. माना जा रहा है कि बीसीसीआई ने भरत अरुण को यह ज़िम्मेदारी नए हेड कोच रवि शास्त्री के कहने पर दी है.
टीम इंडिया और तमिलनाडु के पूर्व गेंदबाज़ भरत अरुण रवि शास्त्री के 2014-2016 के टीम निदेशक के कार्यकाल के दौरान भी भारतीय टीम के सपोर्ट स्टाफ का हिस्सा थे. भरत अरुण अगले दो साल, यानी 2019 विश्व कप तक भारतीय टीम का हिस्सा रहेंगे.
रवि शास्त्री ने अपने सहायक कोच के रूप में संजय बांगड़ को चुना है जो फिलहाल टीम के बल्लेबाज़ी कोच हैं. इसके अलावा आर. श्रीधर फील्डिंग के कोच बने रहेंगे.
शास्त्री, अरुण और बांगड़ की तिकड़ी एक साथ अगस्त 2014 के दौरान भी टीम इंडिया के साथ रह चुकी है. तब डंकन फ्लेचर टीम इंडिया के कोच थे.
शास्त्री ने की थी द्रविड़, ज़हीर से बात
सपोर्ट स्टाफ के नामों की घोषणा के दौरान हेड कोच रवि शास्त्री ने कहा कि उन्होंने दोनों पूर्व क्रिकेटर्स राहुल द्रविड़ और ज़हीर ख़ान से तीन-चार दिन पहले बात की है.
शास्त्री ने कहा, "द्रविड़ और ज़हीर दोनों ही बेहद उम्दा क्रिकेटर रहे हैं. उन दोनों की सलाह टीम के लिए बेहद महत्वपूर्ण होंगी."
हालांकि अभी स्पष्ट नहीं है कि नई नियुक्तियों के बाद राहुल द्रविड़ और ज़हीर ख़ान की क्या भूमिका होगी.
गौरतलब है कि भारत के दिग्गज पूर्व क्रिकेटर राहुल द्रविड़ को विदेशी दौरे के दौरान बल्लेबाज़ी सलाहकार जबकि ज़हीर ख़ान को गेंदबाज़ी सलाहकार बनाने की अनुशंसा की गई थी.
"द्रविड़, ज़हीर का है अपमान"
वरिष्ठ खेल पत्रकार प्रदीप मैगज़ीन ने इस पूरे प्रकरण पर जहां रवि शास्त्री को अपना सपोर्ट स्टाफ चुनने का अधिकार दिए जाने की तारीफ़ की है वहीं उन्होंने इस उहापोह की स्थिति को शर्मनाक बताया है.
उन्होंने कहा कि द्रविड़ और ज़हीर ख़ान के नाम को सार्वजनिक तौर पर घोषित नहीं किया जाना चाहिए था.
उन्होंने कहा, "द्रविड़ और ज़हीर की नियुक्ति को सार्वजनिक तौर पर घोषित करना और फिर वापस ले लिया जाना उनका अपमान है. बीसीसीआई ने क्रिकेट सलाहकार समिति के प्लेयर्स की नहीं मानी है जबकि उनका कहना था कि कोच और कप्तान से बात कर ली गई है."
"शास्त्री की बात मानना गलत नहीं"
मैगज़ीन ने कहा, "रवि शास्त्री का कहना था कि जब उन्हें कोच बनाया गया है तो उन्हें ही सपोर्ट स्टाफ चुनने दिया जाए. उनकी बात मान ली गई है. इसमें कुछ भी ग़लत नहीं है. वो हेड कोच हैं उनको उनके अनुसार टीम दी जानी चाहिए. लेकिन बड़े क्रिकेट प्लेयर्स को अपमानित भी नहीं किया जाना चाहिए."
उन्होंने कहा, "तीनों प्लेयर्स ने बीसीसीआई को एक चिट्ठी भी लिखी है. उन्होंने इसमें लिखा था कि उनकी ईमानदारी पर प्रश्न उठाया जा रहा है. सभी चीज़ों को मिलाकर देखा जाए तो ऐसा लग रहा है कि जबसे सुप्रीम कोर्ट ने बीसीसीआई की प्रशासनिक समिति को नियुक्त किया है वो लोढ़ा पैनल की अनुशंसा को लागू करवाने की जगह क्रिकेट प्रशासन में पड़े हैं और जिससे क्रिकेट में कोई सुधार तो हो नहीं रहा बल्कि ये नए विवादों को जन्म देता आ रहा है."
कितने अनुभवी हैं भरत अरुण
दिसंबर के महीने में 55 साल के होने जा रहे नए गेंदबाज़ी कोच भरत अरुण को अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट का बेहद ही कम अनुभव है. अरुण को अंतरराष्ट्रीय स्तर पर खेले गए 2 टेस्ट और 4 एकदिवसीय मैचों के दौरान कुल पांच विकेट लेने का अनुभव है.
टेस्ट में अरुण ने कुल 252 गेंदें फेंकी हैं तो वनडे में उनके पास महज़ 102 गेंद फेंकने का अनुभव है. इसके अलावा उन्हें 48 प्रथम श्रेणी मैच खेलने का अनुभव भी है जहां उन्होंने 110 विकेट चटकाए हैं.
'बीसीसीआई में हो क्या रहा है'
प्रदीप मैगज़ीन कहते हैं कि 24 जुलाई को सुप्रीम कोर्ट में एक और सुनवाई है.
उन्होंने कहा, "श्रीनिवासन और निरंजन शाह को भी नोटिस भेजा गया है जिसमें यह पूछा गया है कि जब वो योग्य नहीं थे तो उनकी नियुक्ति कैसे की गई."
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