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चैंपियन्स ट्रॉफी: विराट जीत के 5 दांव
- चैम्पियंस ट्रॉफ़ी 2017
- मुकाबला: दक्षिण अफ़्रीका और भारत
- स्थान: ओवल (लंदन)
- टॉस: भारत (फ़ील्डिंग करने का फ़ैसला)
- दक्षिण अफ़्रीकी पारी: 44.2 ओवर में सारे विकेट खोकर 191 रन
- भारतीय पारी: 38 ओवर में 193 रन (शिखर धवन-78,कोहली- 76*)
- नतीजा : भारत की 8 विकेट से जीत
- मैन ऑफ द मैच : जसप्रीत बुमराह
चैंपियन्स ट्रॉफी में टीम इंडिया जीत के रास्ते पर लौट आई है.
श्रीलंका के ख़िलाफ गुरुवार को पहाड़ से स्कोर का बचाव करने में नाकाम रही भारतीय टीम ने रविवार के मैच में दक्षिण अफ्रीका को हर मोर्चे पर पस्त कर दिया.
डिफेंडिंग चैंपियन भारत ने 72 गेंद बाकी रहते ही दक्षिण अफ्रीका को 8 विकेट से हरा दिया और सेमीफ़ाइनल में जगह बना ली.
दक्षिण अफ्रीका के ख़िलाफ ओवल में खेले गए मुक़ाबले में भारतीय टीम रणनीति के मोर्चे पर इक्कीस नज़र आई.
आइए एक नज़र डालते हैं, उन पांच वजहों पर जिनके दम पर टीम इंडिया ने मुक़ाबले को एक-तरफा बना दिया.
1- आक्रामक कप्तानी
टीम के कप्तान विराट कोहली जीत के मोर्चे पर भी अगुवाई करते दिखाई दिए.
श्रीलंका के ख़िलाफ विराट की रणनीति सवालों के घेरे में थी, लेकिन दक्षिण अफ्रीका के ख़िलाफ विराट पूरी तरह तैयार होकर मैदान में उतरे थे.
विरोधी टीम में मौजूद बाएं हाथ के बल्लेबाज़ों को ध्यान में रखते हुए उन्होंने टीम में बदलाव किया. उमेश यादव की जगह आर अश्विन को मौका दिया.
टॉस जीतकर पहले गेंदबाज़ी चुनी और 'चोकर्स' का तमगा रखने वाली दक्षिण अफ्रीका टीम को शुरू से दबाव में ला दिया.
विराट कोहली ने बल्ले से भी दम दिखाया और नाबाद 76 रन बनाकर
2- गेंद से ग़जब
श्रीलंका के ख़िलाफ हार की वजह बने गेंदबाज़ों ने दक्षिण अफ्रीका के ख़िलाफ जीत का आधार तैयार किया.
मैच ख़त्म होने के बाद दक्षिण अफ्रीका के कप्तान एबी डिविलियर्स ने भी भारतीय गेंदबाज़ों की जमकर तारीफ की.
डिविलियर्स ने कहा, "शुरुआती 15-20 ओवरों में हम पर दबाब बनाने के लिए उन्हें श्रेय देना होगा. आम तौर पर हम इस अंदाज़ में बल्लेबाज़ी नहीं करते हैं."
भारत को पहला विकेट भले ही 18वें ओवर में मिला लेकिन गेंदबाज़ों ने विरोधी बल्लेबाज़ों को खुलकर खेलने नहीं दिया.
गेंदबाज़ों के बनाए दबाब का ही असर था कि दक्षिण अफ्रीका ने आखिरी 8 विकेट सिर्फ 51 रन जोड़कर गंवा दिए.
सिर्फ 28 रन देकर दो विकेट लेने वाले जसप्रीत बुमराह मैन ऑफ द मैच चुने गए.
भुवनेश्वर कुमार ने 23 रन देकर दो विकेट लिए. श्रीलंका के ख़िलाफ मुश्किल में दिखे रविंद्र जडेजा ने भी लय हासिल कर ली. उन्होंने 39 रन देकर एक विकेट और आर अश्विन ने 43 रन देकर एक विकेट लिया.
3- भुनाए मौके
भारतीय क्षेत्ररक्षकों ने भी विरोधी टीम की राह मुश्किल की.
भारतीय फील्डरों ने अफ्रीकी टीम के तीन बल्लेबाज़ों को रन आउट किया.
कप्तान एबी डिविलियर्स और डेविड मिलर का रन आउट होना मैच का टर्निंग प्वाइंट बन गया.
डिविलियर्स अच्छी लय में दिख रहे थे और आउट होने के पहले सिर्फ 12 गेंदों में 16 रन बना चुके थे.
4- धुरंधर धवन
ओपनर शिखर धवन की विकेट पर लंबे वक्त तक रुकने की रणनीति भी भारतीय टीम के लिए फायदेमंद साबित हुई.
रोहित शर्मा के जल्दी आउट होने के बाद धवन ने अफ्रीकी गेंदबाज़ों पर पलटवार की जिम्मेदारी खुद पर ले ली.
कप्तान विराट कोहली को शुरुआत में रन बनाने में दिक्कत हो रही थी. इस दौरान धवन ने स्कोर बोर्ड को चलाए रखने का मोर्चा संभाल लिया.
- धवन ने दक्षिण अफ्रीका के ख़िलाफ 83 गेंदों का सामना किया
- 12 चौकों और एक छक्के की मदद से 78 रन बनाए
- टूर्नामेंट के टॉप स्कोरर हैं धवन
- तीन मैचों में 90.33 के औसत से 271 रन बनाए हैं
5- भरोसेमंद धोनी
महेंद्र सिंह धोनी वनडे टीम की कप्तानी भले ही छोड़ चुके हैं लेकिन मैदान पर उनकी उपस्थिति अलग ही असर छोड़ती है. कप्तान कोहली ने भी माना की धोनी की सलाह बहुत काम आती है.
दक्षिण अफ्रीका के खिलाफ मैच में भी धोनी विकेट के पीछे से करिश्मा दिखाते रहे.
धोनी ने अफ्रीकी टीम के चार बल्लेबाज़ों को पवेलियन भेजने में अहम रोल निभाया.
उन्होंने दो कैच पकड़े और दो बल्लेबाज़ों को रन आउट किया. इनमें एबी डिविलियर्स भी शामिल थे.
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