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पाकिस्तान के सबसे सफल कप्तान ने किया टेस्ट क्रिकेट को टाटा
पाकिस्तान की टेस्ट क्रिकेट टीम के कप्तान मिस्बाह उल हक ने टेस्ट क्रिकेट से संन्यास की घोषणा कर दी है.
2010 में पाकिस्तानी खिलाड़ियों पर लगे स्पॉट फ़िक्सिंग के आरोपों के बाद टीम को फिर से खड़ा करने और दुनिया की श्रेष्ठ टेस्ट टीम बनाने में मिस्बाह का बड़ा योगदान है.
मिस्बाह उल हक ने कहा है है कि वेस्टइंडीज़ के खिलाफ टेस्ट सिरीज उनके करियर की आखिरी सिरीज़ होगी.
मिस्बाह उल हक ने ये घोषणा गुरुवार को गद्दाफी स्टेडियम में नैशनल कैम्प के आखिर में मीडिया के सामने की.
गौरतलब है कि पाकिस्तान क्रिकेट बोर्ड के अध्यक्ष ने भी बुधवार को मिस्बाह के संन्यास के बारे में जानकारी दी थी.
बीबीसी उर्दू संवाददाता अब्दुल शकूर के अनुसार मिस्बाह उल हक ने कहा कि वे अपने रिटायरमेंट के बारे में बिल्कुल स्पष्ट थे कि वेस्टइंडीज के खिलाफ उनकी आखिरी सिरीज होगी.
पाकिस्तान ने वेस्टइंडीज में कभी टेस्ट सीरीज़ नहीं जीती है और मिस्बाह चाहते हैं कि अच्छे प्रदर्शन और जीत के साथ वह अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट को अलविदा कहें.
मिस्बाह उल हक ने स्पष्ट कर दिया कि क्रिकेट बोर्ड से उनकी कोई डील नहीं हुई और न ही उन पर किसी प्रकार का कोई दबाव रहा कि वह संन्यास ले लें.
पाकिस्तानी कप्तान ने कहा कि वह कुछ समय घरेलू क्रिकेट खेलते रहेंगे.
मिस्बाह उल हक ने 72 टेस्ट मैचों में पाकिस्तान का प्रतिनिधित्व करते हुए 10 शतकों और 36 अर्धशतकों की मदद से 4951 रन बनाए हैं.
उन्होंने पाकिस्तान की तरफ से सर्वाधिक 53 टेस्ट मैचों में कप्तानी की है जिनमें से 24 जीते, 18 हारे और 11 बराबरी पर रहे.
वह जीत के आधार पर पाकिस्तान के सबसे सफल कप्तान हैं.
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