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डोप टेस्ट- 2012 ओलंपिक में गोल्ड जीतने वाली तीन एथलीटों पर प्रतिबंध
अंतरराष्ट्रीय ओलंपिक समिति (आईओसी) ने लंदन ओलंपिक 2012 के एंटी डोपिंग टेस्ट में फेल हुए 8 एथलीटों पर प्रतिबंध लगाए हैं. इनमें कज़ाख़िस्तान के तीन गोल्ड जीतने वाले एथलीट शामिल हैं.
आईओसी ने ओलंपिक एजेंडा 2020 के लिए बनाए गए रोडमैप में एथलीटों की साफ छवि और डोपिंग के ख़िलाफ़ लड़ाई को शीर्ष प्राथमिकता बनाया है.
2016 के रियो ओलंपिक में सभी साफ छवि वाले खिलाड़ियों को शामिल करने के मकसद से आईओसी ने कुछ ख़ास उपाय किए, जिनमें प्री-टेस्ट और बीजिंग ओलंपिक 2008 और लंदन ओलंपिक 2012 के संग्रहित नमूनों का पुर्नविश्लेषण शामिल था.
इसकी ख़ुफ़िया जानकारी जुटाने की प्रक्रिया अगस्त 2015 में शुरू कर दी गई थी. इसी कार्रवाई के तहत 8 खिलाड़ियों पर गुरुवार को आईओसी ने प्रतिबंध लगाया.
लंदन ओलंपिक 2012 के जिन खिलाड़ियों पर प्रतिंबध लगा है उनके नाम हैं
- 23 साल की एथलीट ज़ुलफ़िया चिनशेनलो (स्वर्ण पदक विजेता) - कज़ाख़स्तान
- 32 साल के हैमर थ्रो प्रतिभागी किरिल इकोनिकोव- रूस
- 30 साल की 63 किलोग्राम वर्ग की वेटलिफ्टर (स्वर्ण पदक विजेता) मेया मनेज़ा- कज़ाख़स्तान
- 30 साल की 75 किलोग्राम वर्ग की वेटलिफ्टर (स्वर्ण पदक विजेता) स्वेतलाना पोडोबिडोवा - कज़ाख़स्तान
- 26 साल की 69 किलोग्राम वर्ग की वेटलिफ्टर डिज़िना सज़ानावेत्स - बेलारूस
- 26 साल की 69 किलोग्राम वर्ग की वेटलिफ्टर (कांस्य पदक विजेता) मरीना शरमेनकोवा - बेलारूस
- 30 साल के पोल वॉल्ट प्रतिभागी दिमित्री स्तारो़डबत्सेव- रूस
- 29 साल के +105 किग्रा वग के पुरूष वेटलिफ्टिंग प्रतिभागी योहेनी झारनेसेक- बेलारूस
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