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टेस्ट क्रिकेट में भारत की पांच हैरतअंगेज़ जीत
कानपूर में जारी भारत और न्यूज़ीलैंड का मैच भारत का 500वां टेस्ट है. शुक्रवार को मैच का दूसरा दिन है और भारत के नौ विकेट पर 291 रन हैं.
जीत और हार के फ़ैसले में थोड़ा इंतज़ार है.
लेकिन भारत ने पहले जो टेस्ट खेले हैं उनमें पांच ऐसी जीत है जो एक वक़्त लग रहा था वो गंवा चुका है. इन मैचों को ऐतिहासिक कहा जाता है:
भारत बनाम ऑस्ट्रेलिया, कोलकाता टेस्ट,11-15 मार्च, 2001
इस मुक़ाबले में भारत ने ऑस्ट्रेलिया के मुंह से जीत छीन ली थी. लगातार 16 टेस्ट जीतने वाले स्टीव वॉ के धुरंधरों को वीवीएस लक्ष्मण और राहुल द्रविड़ की जोड़ी ने थाम लिया और बाक़ी का काम हरभजन सिंह ने पूरा कर दिखाया था.
फॉलोऑन खेलते हुए भारत ने चौथी पारी में ऑस्ट्रेलिया के सामने 384 रनों का लक्ष्य रखा था. जिसके सामने मेहमान टीम 212 रनों पर सिमट गई थी.
टेस्ट का स्कोर- ऑस्ट्रेलिया- 445 रन (स्टीव वॉ- 110, हरभजन- 123/7) और 212 रन (मैथ्यू हेडन- 67, हरभजन- 73/6). भारत- 171 रन (वीवीएस लक्ष्मण-59, ग्लेन मैक्ग्रा- 18/4, 657/7 पारी समाप्त घोषित (वीवीएस लक्ष्मण- 281, राहुल द्रविड़-180 ग्लेन मैक्ग्रा- 103/3).
भारत बनाम वेस्टइंडीज़, पोर्ट ऑफ़ स्पेन टेस्ट, 7-12 अप्रैल, 1976
उस ज़माने में क्रिकेट की दुनिया में वेस्टइंडीज़ की बादशाहत थी. लेकिन भारत ने पोर्ट ऑफ़ स्पेन में खेले गए इस टेस्ट में करिश्मा कर दिखाया. वो भी टेस्ट की चौथी पारी में 400 से ज़्यादा रन बनाकर.
सुनील गावस्कर के 102, गुंडप्पा विश्वनाथ के 112 और मोहिंदर अमरनाथ के 85 रनों रनों की बदौलत भारत ने 4 विकेट पर 406 रन बनाकर ऐतिहासिक जीत हासिल की थी.
टेस्ट का स्कोर- वेस्टइंडीज़ - 359 रन (विवियन रिचर्ड्स -177, बीएस चंद्रशेखर- 120/6) और 271/6 (एल्विन कालीचरण- नाबाद 103 रन, एस. वेंकटराघवन- 65/3) भारत- 228 (मदन लाल- 42, माइकल होल्डिंग- 65/6) और 406/4 ( गावस्कर- 203, अमरनाथ- 85, विश्वनाथ- 112)
भारत बनाम इंग्लैंड, ओवल टेस्ट, 19-24 अगस्त, 1971
इंग्लैंड के मैदान पर ये भारत की पहली टेस्ट जीत थी. एक बेहद रोमांचक मुक़ाबले में अजीत वाडेकर की कप्तानी में भारत ने ये मुक़ाबला चार विकेट से जीता था. जीत के हीरो रहे थे स्पिनर भागवत चंद्रशेखर, जिन्होंने पहली पारी में दो और दूसरी पारी में छह विकेट चटकाए थे.
टेस्ट का स्कोर- इंग्लैंड - 355 (एलन नॉट- 90 रन) और 101 रन ( बीएस चंद्रशेखर- 38/6), भारत- 284 ( फारूख़ इंजीनियर- 59, दिलीप सरदेसाई- 54) और 174/6 ( अजीत वाडेकर- नाबाद 45 रन)
भारत बनाम ऑस्ट्रेलिया, एडिलेड टेस्ट, 12-16 दिसंबर, 2003
ये टेस्ट भारतीय क्रिकेट में राहुल द्रविड़ के टेस्ट के तौर पर याद किया जाएगा. द्रविड़ ने लगभग अकेले दम पर ऑस्ट्रेलिया को इस टेस्ट में चार विकेट से हरा दिया.
उन्होंने पहली पारी में जहां 233 रनों की विशाल पारी खेली तो दूसरी पारी में टीम को जीत दिलाने के लिए नाबाद 72 रन बनाए.
टेस्ट का स्कोर- ऑस्ट्रेलिया- 556 रन (रिकी पॉन्टिंग- 242, अनिल कुंबले - 154/5) और 196 (अजीत अगरकर- 41/6). भारत- 523 ( राहुल द्रविड़- 233, वीवीएस लक्ष्मण- 148) और 233/6 ( राहुल द्रविड़- नाबाद 72 रन).
भारत बनाम ऑस्ट्रेलिया, मेलबर्न टेस्ट, 7-11 फरवरी, 1981
कपिल देव की शानदार गेंदबाज़ी की बदौलत भारत कम स्कोर वाला ये टेस्ट जीतने में कामयाब रहा. ऑस्ट्रेलिया को जीत के लिए चौथी पारी में महज़ 143 रन बनाने थे लेकिन कपिल देव की घातक गेंदबाज़ी की बदौलत भारत ये टेस्ट 59 रनों से जीतने में कामयाब रहा.
ख़ास बात ये है कि कपिल देव पूरी तरह फिट नहीं होने के बाद मैच विनर साबित हुए थे.
टेस्ट का स्कोर- भारत- 237 ( गुंडप्पा विश्वनाथ- 114, डेनिस लिली- 65/4) और 324 रन ( चेतन चौहान-85, सुनील गावस्कर- 70 रन) ऑस्ट्रेलिया- 419 (एलन बॉर्डर- 124 रन) और 83 रन ( कपिल देव- 28/5).
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