41 दिन बाद खुली शराब की दुकानें, ख़रीदने के लिए उमड़ी भीड़

कोरोना वायरस की रोकथाम के लिए देश भर में लागू लॉकडाउन का तीसरा चरण सोमवार से शुरू हो गया है. इस दौरान कई चीज़ों में छूट दी गई है और जिस चीज़ की सबसे अधिक चर्चा है वो है शराब की बिक्री को मंज़ूरी.

राजधानी दिल्ली समेत कई राज्यों में शराब की दुकानें 22 मार्च से बंद थीं. लेकिन अब कई प्रदेश की सरकारों ने शराब दी दुकानों के खुलने को मंज़ूरी दे दी है.

शराब की दुकानें तीनों ज़ोन यानी रेड, ऑरेंज और ग्रीन में खुलेंगी. हालाँकि रेड ज़ोन में शराब की दुकानें खुलने को लेकर कुछ शर्तें भी लागू हैं. सरकार ने लोगों से शराब की दुकानों पर सोशल डिस्टेंसिंग का ख़याल रखने को कहा है.

सोशल डिस्टेंसिंग के इस नियम के तहत दो व्यक्तियों के बीच कम से कम छह फ़ीट की दूरी रखने और एक समय में पाँच से अधिक व्यक्तियों की मौजूदगी नहीं होने की बात कही गई है.लेकिन सोमवार को देश के विभिन्न हिस्सों से जो वीडियो और तस्वीरें सोशल मीडिया पर आ रही हैं, वो चिंतित करने वाली हैं.

कुछ दुकानों पर सुबह होते-होते लाइन एक किलोमीटर तक पहुंच गई है और सोशल मीडिया के नियमों को ताक पर रख दिया गया है. राजधानी दिल्ली में कई जगह शराब की दुकानों के बाहर सुबह से ही लंबी लाइनें देखी गई.

कुछ जगहों पर तो भीड़ इस कदर बढ़ गई कि दुकानें बंद करवानी पड़ी. राजधानी दिल्ली में बढ़ी भीड़ के कारण शराब की की दुकानों को बंद कर दिया गया है.

समाचार एजेंसी एएनआई के मुताबिक कश्मीरी गेट इलाके में सोशल डिस्टेंसिंग नियमों की अनदेखी होने पर पुलिस को मामूली लाठीचार्ज भी करना पड़ा है.

आंध्र प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री एन चंद्रबाबू नायडू ने शराब की दूकानों के बाहर लंबी लाइनों का वीडियो ट्वीट करते हुए लिखा, "आंध्र प्रदेश में शराब की दुकानों के बाहर लंबी लाइनें देखकर स्तब्ध हूँ. हर कोई जानता था कि लोग बड़ी संख्या में आएंगे, लेकिन सरकार के पास सोशल डिस्टेंसिंग का पालन कराने के लिए कोई योजना नहीं थी."

बीबीसी के सहयोगी पत्रकार आलोक प्रकाश पुतुल ने बताया कि छत्तीसगढ़ सरकार ने सोमवार से शराब की 'होम डिलीवरी' यानी घर पहुंचाने की सेवा शुरू कर दी है. इसके लिये प्लेसमेंट एजेंसियों से 'डिलीवरी ब्वॉय' की भी नियुक्ति करने के आदेश जारी किये गये हैं.

इसके अलावा राज्य के कई हिस्सों में शराब की दुकानों के बाहर लोगों की लंबी लाइनें देखी गई.

इस दौरान सोशल डिस्टेंसिंग के नियमों की पूरी तरह से धज्जियां उड़ती हुई दिखीं.

केरल में भी सरकार ने मॉल्स को छोड़कर बाकी अधिकृत दुकानों से शराब की बिक्री शुरू करने के आदेश दिए हैं.

राजधानी तिरुवनंतपुरम समेत राज्य के कई इलाकों में शराब की दुकानों के बाहर लंबी कतारें देखी गई हैं.

कर्नाटक में पुलिस ने शराब खरीदने के लिए आए लोगों को लाइन में खड़ा किया. कर्नाटक सरकार ने सुबह 9 बजे से शाम 7 बजे तक शराब बेचने की अनुमति दी गई है.

शराब की दुकानें खोलने के कई प्रदेश सरकारों के फ़ैसले को अर्थव्यवस्था से जोड़ने का कई लोग विरोध भी कर रहे हैं.

आईपीएस पंकज ने ट्ववीट कर कहा कि "क्या ये कहा जाए कि जिन्हें बेवड़े समझते थे वो अर्थव्यवस्था के चौथे स्तंभ हैं."

कांग्रेस नेता आचार्य प्रमोद ने ट्वीट कर कहा है कि "शराब बेचने से बेहतर होता कि उत्तर प्रदेश सरकार शराब की होम डिलीवरी की करवा देती."

उत्तर प्रदेश के पूर्व मंत्री और सुहेलदेव भारतीय समाज पार्टी के प्रमुख ओमप्रकाश राजभर ने योगी सरकार से शराब बेचने का फ़ैसला वापस लेने की मांग की है.

सोशल मीडिया पर कई दिलचस्प मीम्स भी शेयर किए जा रहे हैं. एक यूज़र ने मीम शेयर कर लिखा "आज शराब भारतीय अर्थव्यवस्था से कह रही है कि सड़क से उठाकर स्टार बनाऊँगा."

नीरज नाम के एक यूज़र ने लिखा, "शराब की दुकान के बाहर पड़ोस के अंकल से टकराने के बाद."

ओक ट्विटर यूज़र ने कहा, "अब मैं अकेला नहीं आऊँगा, चार-पाँच आदमी साथ लाऊँगा."

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