झारखंड विधानसभा चुनाव: बीजेपी के झारखंड चुनाव हारने की वजह लोगों ने बताई #SOCIAL

इमेज स्रोत, FB/RAGHUBAR DAS
झारखंड विधानसभा चुनावों के नतीजे अब अपने अंजाम की तरफ़ बढ़ते दिख रहे हैं.
झारखंड में सत्ताधारी भाजपा फिसलती दिख रही है और झारखंड मुक्ति मोर्चा की अगुवाई वाला गठबंधन शासन में आता नज़र आ रहा है.
सारे नतीजों का ऐलान अभी बाकी है लेकिन रुझानों से साफ़ है कि सत्ता की चाबी भाजपा के हाथ से निकल गई है.
लेकिन इस हार की वजह क्या है? नरेंद्र मोदी का करिश्मा भी इस राज्य में क्यों काम नहीं आया? क्या नागरिकता संशोधन कानून और एनआरसी का मुद्दा यहां नहीं चला? क्या ये नरेंद्र मोदी की हार है या भाजपा के नेता रघुवर दास की हार है?
बीबीसी ने कहासुनी के ज़रिए लोगों से यही सवाल पूछा कि किस वजह से बीजेपी हार की ओर बढ़ी?

लक्ष्मीनारायण पटनायक ने बीबीसी के फ़ेसबुक पन्ने पर लिखा है, ''ये सब कुछ तानाशाही की वजह से है. लोगों की ज़रूरतों और भावनाओं की तरफ़ ध्यान ना देने की वजह से है. सभी राजनीतिक दलों से आग्रह है कि वो ये समझें कि रैलियों में जुट रही भीड़ बेरोज़गारों की है, ना कि पार्टी समर्थकों की. वो आते हैं, रैली में रहते हैं, पैसा बनाते हैं. इसके अलावा कुछ नहीं.''
मुकेश कुमार सिंह ने शायराना अंदाज़ में लिखा है, ''ये शान-ओ-शौकत-ऐ-आलम, सदा किसी की नहीं. चिराग सबके बुझेंगे, हवा किसी की नहीं.''
विहान ख़ान का कहना है, ''हर बार राष्ट्रीय मुद्दे नहीं चलते, कुछ काम भी करना पड़ता है. जनता को राष्ट्रीय मुद्दे रास नहीं आ रहे. जनता जाग गई है.''
डॉक्टर अरविंद कुमार ने झारखंड के लिए आदिवासी मुद्दे को रेखांकित करते हुए लिखा है, ''प्रधानमंत्री का आदिवासी न होना.''
बीबीसी के इस सवाल पर टि्वटर पर भी कई लोगों ने अपनी प्रतिक्रिया दी है.
मनीष लश्कर ने ट्वीट किया है, ''रघुवर दास की नाकामी और भाजपा द्वारा 5 वर्ष तक झारखंड की जनता को केवल सब्जबाग दिखाए उसका परिणाम है ये.''
इस लेख में X से मिली सामग्री शामिल है. कुछ भी लोड होने से पहले हम आपकी इजाज़त मांगते हैं क्योंकि उनमें कुकीज़ और दूसरी तकनीकों का इस्तेमाल किया गया हो सकता है. आप स्वीकार करने से पहले X cookie policy और को पढ़ना चाहेंगे. इस सामग्री को देखने के लिए 'अनुमति देंऔर जारी रखें' को चुनें.
पोस्ट X समाप्त, 1
आसिम ने लिखा है, ''अत्यधिक घमंड, अकड़-अकड़ के चलना, अपने आप को भगवान मान लेना, जनता को मूर्ख समझना, इत्यादि इत्यादि...''
इस लेख में X से मिली सामग्री शामिल है. कुछ भी लोड होने से पहले हम आपकी इजाज़त मांगते हैं क्योंकि उनमें कुकीज़ और दूसरी तकनीकों का इस्तेमाल किया गया हो सकता है. आप स्वीकार करने से पहले X cookie policy और को पढ़ना चाहेंगे. इस सामग्री को देखने के लिए 'अनुमति देंऔर जारी रखें' को चुनें.
पोस्ट X समाप्त, 2
(बीबीसी हिन्दी के एंड्रॉएड ऐप के लिए आप यहां क्लिक कर सकते हैं. आप हमें फ़ेसबुक, ट्विटर, इंस्टाग्राम और यूट्यूब पर फ़ॉलो भी कर सकते हैं.)
















