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मोदी के सामने अमरीकी सांसद ने की नेहरू की तारीफ़
अमरीका में टेक्सस राज्य के ह्यूस्टन शहर में हुए हाउडी मोदी कार्यक्रम में भारतीय प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पूरी तरह छाए रहे. लगभग 50 हज़ार से अधिक अमरीकी भारतीयों ने नरेंद्र मोदी का स्वागत किया और उनका भाषण सुना.
इस कार्यक्रम की ख़ास बात रही कि खुद अमरीकी राष्ट्रपति डोनल्ड ट्रंप भी इसमें शामिल हुए. मोदी और ट्रंप ने एक दूसरे को गले लगाया और एक-दूसरे के साथ अपनी दोस्ती की बातें भी बताईं.
हाउडी मोदी कार्यक्रम में मोदी के स्वागत समारोह, जोशीले नारों और भाषणों के बीच एक पल ऐसा भी आया जब भारत के राष्ट्रपिता महात्मा गांधी और प्रथम प्रधानमंत्री जवाहरलाल नेहरू का ज़िक्र हुआ.
दरअसल अमरीकी संसद के निचले सदन हाउस ऑफ़ रिप्रेजेंटेटिव में बहुमत के नेता (लीडर ऑफ़ मेजोरिटी) और डेमोक्रेट सांसद स्टेनी एच होयर जब मोदी के स्वागत में भाषण दे रहे थे. तब उन्होंने गांधी और नेहरू की धर्मनिरपेक्ष सोच की बात की.
स्टेनी होयर ने कहा, ''अमरीका की तरह भारत भी अपनी परंपराओं पर गर्व करता है. जिससे वह अपने भविष्य को गांधी की शिक्षा और नेहरू की उस सोच जिसमें भारत को धर्मनिरपेक्ष लोकतंत्र बनाने की बात है, उसका बचाव कर सके, जहां प्रत्येक व्यक्ति और उसके मानवाधिकारों का सम्मान किया जाएगा.''
सोशल मीडिया पर चर्चा
जिस समय स्टेनी होयर यह बात बोल रहे थे उस वक़्त नरेंद्र मोदी भी उनके साथ ही खड़े थे.
सोशल मीडिया पर स्टेनी होयर के भाषण का यह अंश वायरल हो रहा है. लोग लगातार उनकी चर्चा कर रहे हैं.
कार्तिक लिखते हैं, ''क्या हाउस मेजोरिटी के नेता स्टेनी होयर को ठीक से समझाया नहीं गया था? उनकी हिम्मत कैसे हुई ऐसे शख्स का नाम लेने की जो भारत में अब होने वाली हर गलत चीज़ के लिए ज़िम्मेदार है. मैं उम्मीद करता हूं कि अगले कार्यक्रम में हमें सावरकर का नाम सुनने को मिलेगा.''
अभीजीत दिपके ने लिखा है, ''जब आप अपने प्रचार के लिए लाखों रुपए खर्च कर देते हैं और वहां आने वाले लोग नेहरू को याद करने लगें''
मुकुंद लिखते हैं, ''स्टेनी होयर के ऊपर अब प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) की गिरफ़्तारी ख़तरा बढ़ सकता है.''
नितिन कुमार लिखते हैं, ''हाउडी मोदी कार्यक्रम में भाषण देते हुए स्टेनी होयर ने नेहरू और उनकी नीतियों की तारीफ की. मोदी और उनके सहयोगी नेहरू-गांधी से चाहे जितनी नफरत कर लें. वो उनकी जगह सावरकर और दीन दयाल को नहीं दे सकते.''
राजीव सिन्हा ने लिखा है, ''स्टेनी होयर बोलते हैं, भारत को नेहरू और गांधी की विरासत पर गर्व करना चाहिए. यह नेहरू की ही सोच थी जिससे भारत दुनिया का सबसे बड़ा लोकतंत्र बन सका और अमरीका के साथ इतने बेहतर रिश्ते बने. उस वक़्त मोदीजी की प्रतिक्रिया देखने लायक थी.''
रूपाली श्रीवास्तव लिखती हैं, ''स्टेनी होयर ने नेहरू के दृष्टिकोण की बात एक से ज़्यादा बार की. लेकिन नेहरू के अपने ही घर में उन्हें हर परेशानी के लिए ज़िम्मेदार ठहरा दिया जाता है और कुछ तुच्छ लोग गोडसे का सम्मान करते हैं. वैश्विक तौर पर आज भी भारत का सिर ऊंचा करने का काम यही बड़े प्रतीक रहे हैं जिसमें गांधी नेहरू हैं.''
स्टेनी होयर ने अपने भाषण में भारत और अमरीका के रिश्तों की बात भी की और कहा कि वक़्त के साथ ये रिश्ते और मज़बूत होते गए हैं.
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