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सोशल: 'सिद्धू जी, राजनीति छोड़िए, वर्ल्ड कप में कमेंट्री करिए'- लोकसभा चुनाव-2019
कांग्रेस नेता नवजोत सिंह सिद्धू ने आम चुनाव के दौरान अपने एक चुनावी भाषण में कहा था कि अगर स्मृति ईरानी ने अमेठी में राहुल गांधी को हरा दिया तो वो राजनीति छोड़ देंगे.
सिद्धू ने दावा किया था कि अगर कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी अमेठी में हार जाते हैं तो वो राजनीति से संन्यास ले लेंगे. स्मृति ईरानी ने अमेठी में राहुल गांधी को 55 हज़ार से ज़्यादा वोटों से मात दी और राहुल गांधी की हार के संकेत मिलने के बाद से ही सोशल मीडिया पर सिद्धू को बुरी तरह ट्रोल किया जा रहा है.
ट्विटर पर #sidhuquitpolitics और Sidhu Ji टॉप ट्रेंड में है. लोग इन हैशटैग्स के साथ मीम्स भी शेयर कर रहे हैं.
सिद्धू के बयान से जुड़ी ख़बरों के स्क्रीनशॉट भी फ़ेसबुक और ट्विटर पर ख़ूब शेयर किए जा रहे हैं.
एक ट्विटर यूज़र ने लिखा है, "अब हमें वर्ल्ड कप में आपकी कमेंट्री का इंतज़ार है. अगर आप अमेठी के लिए इस्तीफ़ा देते हैं. ऑन सिद्धू जी, हम आपको मिस करते हैं."
गीतार्थ कुमार लिखते हैं, "अब क्या सर? अंग्रेज़ी में एक कहावत है कि अपनी जुबान को वैसे संभाल कर रखिए जैसे हीरे और सोने को संभालते हैं."
एक अन्य यूज़र ने लिखा है, "सिद्धू को ये याद दिलाने का वक़्त है कि भाई, बोलने से पहले दो बार सोच लेना चाहिए. ये क्रिकेट या कॉमेडी शो नहीं है जहां आप कुछ भी कह सकते हैं."
श्रेया शर्मा लिखती हैं, "आपका जवाब चाहिए सर, आपका इस्तीफ़ा चाहिए."
एक अन्य यूज़र ने लिखा कि अमेठी के लोग वैसे तो स्मृति ईरानी को वोट नहीं देना चाहते थे लेकिन जब उन्होंने सिद्धू का बयान सुना तो उन्हें वोट देने पर मजबूर हो गए ताकि सिद्धू राजनीति छोड़ दें.
इससे पहले भी नवजोत सिंह सिद्धू अपने कई बयानों से विवादों में रहे हैं.
पाकिस्तान के प्रधानमंत्री इमरान ख़ान के शपथ ग्रहण समारोह के दौरान वो पाकिस्तान के सेनाध्यक्ष जनरल क़मर बाजवा से बड़ी गर्मजोशी से गले मिले थे. इस वजह से भी उन्हें तीखी आलोचनाओं का सामना करना पड़ा था.
पुलवामा हमले के बाद सिद्धू ने कहा था, "आतंकवाद का कोई देश नहीं होता, आतंकियों का कोई मजहब, कोई जाति नहीं होती.''
उन्होंने कहा था कि क्या मुट्ठी भर लोगों के लिए एक पूरे देश को या किसी एक व्यक्ति को दोषी ठहराया जा सकता है. सिद्धू के इस बयान पर नेताओं से लेकर आम लोगों ने बेहद नाराज़गी भरी प्रतिक्रिया दी थी और सोनी टीवी का बहिष्कार करने की बात करने लगे.
लोगों के ग़ुस्से और विवादों को देखते हुए सोनी ने सिद्धू को 'द कपिल शर्मा शो' से हटा दिया था.
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