सोशल: गुजरात में मूंछों वाली सेल्फी क्यों शेयर कर रहे दलित?

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गुजरात में दलितों के मूंछ रखने के नाम पर एक और हमला हुआ है. ताज़ा मामला मंगलवार का है, जब 17 साल के लड़के को गांधीनगर में दो अज्ञात लोगों ने कथित तौर पर ब्लेड मारकर घायल कर दिया.
इससे पहले भी यहां मूंछ रखने के नाम पर दो दलितों को पीटने का मामला सामने आ चुका है. आरोप है कि हमले में कुछ सवर्णों का हाथ है. बीते रविवार को आनंद ज़िले में गरबा में शामिल होने पर एक दलित की कथित रूप से पीटकर हत्या कर दी गई थी.
दलितों पर बढ़ रहे हमले के बाद सोशल मीडिया पर विरोध का दौर शुरू हो चुका है. फेसबुक और ट्विटर पर दलित नौजवान घटना के विरोध में अपनी मूंछ वाली तस्वीर शेयर कर रहे हैं.

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मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, इलाके के सैकड़ों युवा विरोध में व्हॉट्सएप पर अपनी डीपी (डिस्प्ले पिक्चर) बदलकर मूंछ की तस्वीर लगा रहे हैं. डीपी में मूंछ के नीचे मिस्टर दलित लिखा हुआ है और ताज का आइकन भी है.
फ़ेसबुक और ट्विटर पर भी #DalitWithMoustache हैश टैग के साथ प्रोफाइल तस्वीरें बदली जा रही हैं.
फ़ेसबुक पर सुमित चौहान ने इस हैशटैग से भीमराव अंबेडकर की मूर्ति के साथ अपनी सेल्फी शेयर करते हुए लिखा है, "दलितों की मूंछों से जलने वालों ये लो और जलो ! मूंछ भी है, हैट भी है और हमारे प्यारे बाबा साहेब भी! जय भीम"

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उन्होंने और एक पोस्ट में एक एडिटेड तस्वीर भी लगाई गई है, जिसमें दो बच्चे अपने मूंछों पर ताव दे रहे हैं.
विजय कुमार ने खुद की तस्वीर पोस्ट की है और लिखा है, "ये जातिवादी हमसे डरते बहुत हैं. अभी तो बस शुरुआत है."

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हेमंत कुमार बौद्ध फ़ेसबुक पर अपनी फोटो शेयर करते हुए लिखते हैं, "हम भीमराव आंबेडकर के मानने वाले हैं. दाढ़ी-मूंछ भी रखते हैं और भीड़ से अलग भी दिखते हैं."

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ट्विटर पर भी यूजर अपनी घनी मूंछों के साथ फोटो ट्वीट कर रहे हैं. विनीत गौतम ने मूंछों पर ताव देते हुए तस्वीर ट्वीट की है और लिखा है, "मूंछे हो तो दलितों जैसी, वरना न हो."
संदीप गौतम ने मूंछों के साथ अपने और अपने दोस्तों के कई सेल्फी एक साथ ट्विटर पर पोस्ट की है और दलितों पर हो रहे हमले के खिलाफ अभियान से जुड़ने का आग्रह किया है. उन्होंने लिखा है, " अगर आप भी साथ हैं तो मूंछों पर ताव देती हुई सेल्फी लगाएं"

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गुजरात के युवा भी स्थानीय भाषा में सोशल मीडिया पर इसका विरोध कर रहे हैं. वघेला राहुल ने ट्विटर पर लिखा है, "जातिवाद मुझे मूंछ रखने की स्वतंत्रता नहीं देता है. लेकिन भारत का संविधान मुझे संपूर्ण स्वतंत्रता देता है."

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वहीं, फेसबुक पर गब्बर सिंह नाम के युवक ने मूंछ के साथ अपनी तस्वीर शेयर की है और गुजराती में लिखा है, "कहने के लिए तो बहुत हैं साहेब, लेकिन आज सिर्फ जय भीम कहना है."

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गुजरात में दलितों पर हमले के बाद मूंछ रैली की भी योजना बनाई जा रही है. कुछ दलित नेता इस सप्ताह अहमदाबाद में रैली कर सकते हैं.
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