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कहासुनी: 'सबसे पहले किस मंत्री की छुट्टी हो'
साल 2014 में सत्ता में आने के बाद से पीएम मोदी अपनी कैबिनेट में तीसरी बार फेरबदल करने जा रहे हैं.
कहा जा रहा है कि सरकार के कम से कम आधा दर्जन मंत्रियों ने अपने पदों से इस्तीफ़ा दे दिया है. इस्तीफ़ा देने वालों में कौशल विकास मंत्री राजीव प्रताप रूडी, महेंद्र नाथ पांडे और जल संसाधन राज्य मंत्री संजीव बाल्यान का नाम शामिल है.
चर्चा ये भी है कि मंत्रिमंडल के फेरबदल में 'काम न करने वाले' मंत्रियों को हटाकर नए चेहरों को जगह दी जा सकती है.
बीबीसी हिंदी ने 'कहासुनी' के जरिए अपने पाठकों से पूछा कि इस फेरबदल में सबसे पहले किस मंत्री की छु्ट्टी होनी चाहिए. लोगों ने फ़ेसबुक, ट्विटर और इंस्टाग्राम जैसे अलग-अलग सोशल मीडिया प्लेटफ़ॉर्म पर इस बारे में अपनी राय जाहिर की.
फ़ेसबुक पर मुकेश कुमार कहते हैं,''सबसे पहले तो अरुण जेटली का इस्तीफ़ा लेना चाहिए. जब से वो वित्त मंत्री बने हैं, सर्विस सेक्टर का बुरा हाल कर दिया है. ये जो रेल हादसे हो रहे हैं उसमें प्रभु जी का कोई दोष नहीं है. दोष जेटली का पॉलिसी है कि सरकारी कर्मचारियों को कम किया जाए. अब कर्मचारी कम हैं और काम ज्यादा, हादसा तो होगा ही.''
बलजीत साहू और ज़ुनैद अली भी अरुण जेटली का नाम लेते हैं. ज़ुनैद अली ने लिखा,''सरकार के नोटबंदी और अन्य आर्थिक अपरिपक्व निर्णयों ने समूचे अर्थव्यवस्था की कमर ही तोड़ दी. अब इस नतीजे के पश्चात वित्त मंत्री अरुण जेटली को पद पर आसीन रहने का कोई नैतिक आधार शेष नहीं है. अतः वित्त मंत्री को तत्काल पदच्युत करना ही तर्कसंगत होगा.''
डॉ. कुमार कहते हैं, ''हम लोगों को मंत्रियों से कोई शिकायत नहीं. इन्हें अपने रणनीति और विचार में परिवर्तन करना चाहिए. वरना मंत्री बदलते रहिए. इससे क्या फर्क पड़ेगा?.''
तेज बहादुर यादव ने ट्विटर पर कहा कि सबसे पहले रेलमंत्री सुरेश प्रभु की छुट्टी होनी चाहिए. कुंवरपाल सिंह ने कहा,''प्रधानमंत्री, वित्तमंत्री, रक्षामंत्री, ग्रहमंत्री, रेलमंत्री लिस्ट बहुत लम्बी है. सवाल होना चाहिए इस सरकार में कौन मंत्री के लायक है.''
मनीष शांडिल्य कहते हैं कि अरुण जेटली की छुट्टी सबसे पहले होनी चाहिए क्योंकि वो सिर्फ टैक्स बढ़ाना जानते हैं.
इंस्टाग्राम पर भी सबसे ज़्यादा लोगों ने अरुण जेटली और सुरेश प्रभु का नाम लिया. कइयों ने नोटबंदी की नाकामयाबी के बाद प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के इस्तीफ़े की बात भी कही.
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