सोशल: गुरमीत राम रहीम सिंह के बचाव में उतरे साक्षी महाराज

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बलात्कार के दोषी गुरमीत राम रहीम पर पंचकुला में सीबीआई की विशेष कोर्ट के फैसले के बाद 31 लोगों की मौत की पुष्टि हो चुकी है.
कोर्ट के फैसले के बाद जिस तरह से हिंसा की घटनाएं हुईं, उसके बाद राज्य सरकार की तैयारियों पर सवाल उठाए गए.
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने भी हिंसा की घटनाओं की निंदा करते हुए शांति बनाए रखने की अपील की.
लेकिन अक्सर विवादों में रहने वाले बीजेपी सांसद साक्षी महाराज ने हिंसा की घटना पर सबसे अलग ही बयान दिया.

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मीडिया से बात करते हुए साक्षी महाराज ने कहा,
- करोड़ों लोग डेरा सच्चा सौदा के बाबा को सच, भगवान मान रहे हैं. एक की बात सुनी जा रही है, करोड़ों लोगों की बात क्यों नहीं सुनी जा रही.
- एक आदमी यौन शोषण का आरोप लगा रहा है. पूर्वाग्रह भी हो सकता है. लोभ लालच भी हो सकता है. कर्नल पुरोहित और प्रज्ञा ठाकुर के साथ क्या हुआ. ये योजनाबद्ध तरीके से भारतीय संस्कृति को बदनाम करने का षडयंत्र है.
- मुझे लगता है कि माननीय उच्च न्यायालय को गंभीरता से इस बात को लेना चाहिए. इतना नुकसान हो गया है और ज्यादा नुकसान न हो.
- अगर ज्यादा बड़ी घटनाएं घटती हैं तो इसके लिए डेरा के लोग ज़िम्मेदार नहीं होंगे, न्यायालय भी ज़िम्मेदार होगा. जब आदमी की अस्मिता खतरे में होती है तो करो या मरो.
- महात्मा गांधी ने 1942 को नारा दिया था. जब अहिंसा से काम नहीं हुआ तो उन्होंने नारा दिया था- करो या मरो. जब अहिंसा से काम नहीं चला तो.
- वो सच्चे भक्त हैं. अहिंसावादी हैं. एक आदमी ने झूठी शिकायत कर दी. करोड़ों लोग उसे भगवान मान कर रहे हैं और कह रहे हैं कि हमारे गुरु सही हैं, सही हैं. तो केस भी तो गवाहों पर चलता है.
- मैं जो कहना चाहता हूं वही मैंने कहा है. एक आदमी ने शिकायत की है और करोड़ों लोग राम रहीम के साथ खड़े हैं तो करोड़ों सही हैं या एक?''
उत्तर प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री अखिलेश यादव ने भी एक ट्वीट किया, ''न्यू इंडिया' रहने दो, शांति से जीने दो.''

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साक्षी महाराज के इस बयान की सोशल मीडिया पर काफी आलोचना हो रही है.
पढ़िए साक्षी के बयान पर क्या बोले लोग?
केतन ने फेसबुक पर लिखा, ''साक्षी महाराज बढ़िया आदमी है. इसके साथ बैठ के पीने में बहुत मजा आएगा.''
अक्षय शर्मा ने लिखा, ''साक्षी महाराज के सीवी में भी भ्रष्टाचार के सितारे लगे हुए हैं. ऐसे आदमी के सामने माइक लेकर जाता कौन है? मानव सुधार यंत्र लेकर जाना चाहिए वो भी तेल पिलाया हुआ.''
निदा रहमान लिखती हैं, ''साक्षी महाराज भी माहौल बना रहे हैं. कल को उनको सज़ा हुई तो चिल्ला चिल्ला कर कहेंगे भारतीय संस्कृति के खिलाफ़ साजिश है.''
जितेंद्र नारायण लिखते हैं, ''भाजपा सांसद साक्षी महाराज बलात्कारी गुरमीत और उसके भक्तों के बचाव में आए. क्या इसे केंद्र की मोदी सरकार का पक्ष माना जाए?''
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