फ़ैसले से पहले क्या बोले गुरमीत राम रहीम?

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डेरा सच्चा सौदा के प्रमुख गुरमीत राम रहीम सिंह पर लगे बलात्कार के आरोपों के मामले में शुक्रवार (25 अगस्त) को फ़ैसला आना है.
और फ़ैसले से ठीक पहले प्रशासन के हाथ-पैर फूले हुए हैं. वजह ये कि डेरा समर्थकों की तरफ़ से प्रदर्शनों की आशंका है.
डेरा सच्चा सौदा की स्थापना साल 1948 में शाह मस्ताना ने की थी. मौजूदा प्रमुख गुरमीत सिंह ने 1990 में डेरे की गद्दी संभाली थी.

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कोर्ट का निर्णय आने से पहले गुरमीत राम रहीम सिंह ने कहा कि वो क़ानून का सम्मान करते हैं.
उन्होंने फ़ेसबुक पर लिखा, ''हालांकि हमारी पीठ में दर्द है लेकिन फिर भी क़ानून का पालन करते हुए हम कोर्ट ज़रूर जाएंगे. हमें भगवान पर दृढ़ यक़ीन है.''

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पुलिस महकमे ने दावा किया था कि फ़ैसला चाहें जो आए, हालात काबू में रखने के लिए पर्याप्त इंतज़ाम किए गए हैं. साथ ही डेरा सच्चा सौदा के प्रमुख से अपने अनुयायियों को समझाने की अपील भी की थी.
फ़ेसबुक पोस्ट में गुरमीत राम रहीम ने लिखा, ''सभी शांति बनाए रखें.''

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इस पर उनके प्रशंसक तारीफ़ कर रहे हैं. सिमरो ने लिखा है, ''हमने आपसे मानवता के महान सबक सीखे हैं और हम देख रहे हैं कि क़ानून का सम्मान कैसे किया जाना चाहिए भले वो आप अपनी सेहत की क़ीमत पर कर रही हों. इसलिए हम आपका इतना सम्मान करते हैं.''
चांदनी ने फ़ेसबुक पर पोस्ट किया, ''आप सच्चे संत हैं और हमारे लिए ईश्वर ने आपको पृथ्वी पर भेजा है और आप हमेशा हमारी दिक्कतें सुलझाते हैं.''
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