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सोशल: सवालों में उलझे सोशल मीडिया पर जीएसटी के चुटकुले
भारत में जीएसटी लागू तो हो गया है लेकिन लोग अब भी कंफ्यूज्ड हैं. किसी को ठीक से समझ नहीं आ रहा है कि आगे क्या होने वाला है. लेकिन हालात चाहे जैसे भी हों, हंसना-हंसाना तो नहीं रुक सकता! जीएसटी को लेकर भी फ़ेसबुक और ट्विटर पर चुटकुलों की बौछार होती रही.
ऐसे ही कुछ मजेदार मीम्स और चुटकुले हम आपके लिए छांटकर लाए हैं. अंकित रॉय ने लिखा,''देखो...देखो...वो आ गया.'' नागेश मिश्रा जीएसटी लागू होने की ख़ुशी/ग़म में शायराना हो गए. उन्होंने लिखा,''मेरी रगों के बहते लहू में बेधड़क सप्लाई हो जाया करो, आधी रात चढ़ते ही जीएसटी की तरह अप्लाई हो जाया करो!''
अफ़वाह नाम के फ़ेसबुक पेज पर लिखा गया,''जीएसटी का साइड इफ़ेक्ट, सल्लू भाई सड़क पर आ गए.''
कीर्तीश भट्ट ने लिखा,''विपक्ष और व्यापारियों का कहना है जीएसटी ठीक है, बस सरकार को इसके लिए थोड़ा टाइम देना चाहिए था, करीब सात आठ सौ साल.''
पीयूष जैन ने ट्वीट किया,''मेरे पास जीएसटी पर एक जोक है लेकिन सुनने के लिए 28% टैक्स देना होगा.''
अब बच्चों को मेहमानों के सामने पोयम नहीं, जीएसटी समझाना होगा.
अरुण जेटली दूसरी ही चिंता में उलझे हैं.
आज तो कन्विन्स करके ही मानूंगा.
सीए की शरण में जाइए, कृपा आएगी.
यू आर अ गुड क्वेश्चन, बट योर क्वेश्चन हर्ट मी!
आ गया ना समझ में? चलिए, अब दूसरों को भी समझा दीजिए.
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