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सोशल: जब मोदी ने कहा था - GST कभी सफल नहीं होगा
एक जुलाई 2017. लंबे इंतज़ार के बाद पूरे भारत में GST (गुड्स एंड सर्विस टैक्स) व्यवस्था लागू हो गई है.
केंद्र सरकार ने आधी रात को संसद का विशेष सत्र बुलाकर GST को लागू किया.
इस मौके पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा,
- ''125 करोड़ भारतीय इस ऐतिहासिक घटना के साक्षी हैं. देश एक नई व्यवस्था की ओर चल पड़ा है.
- 2022 में भारत अपनी आज़ादी के 75 साल पूरे करेगा और जीएसटी हमारे लिए मील का पत्थर साबित होगा.
- जीएसटी केवल आर्थिक सुधार की बात नहीं है, ये आर्थिक सुधारों से आगे बढ़ कर सामाजिक सुधार की बात करता है.
- GST को भले ही 'गुड्स एंड सर्विसेस टैक्स' कहा जा रहा है लेकिन असल में ये 'गुड एंड सिंपल टैक्स' है.''
'GST कभी सफल नहीं होगा'
GST को लेकर पीएम मोदी के ये विचार 2017 के हैं. लेकिन इससे पहले जब मोदी गुजरात के मुख्यमंत्री थे, तब वो कुछ मुद्दों को लेकर GST का विरोध कर रहे थे.
विपक्षी पार्टी के नेता अब मोदी के पुराने भाषणों के छोटे वीडियो सोशल मीडिया पर शेयर कर रहे हैं.
कांग्रेस के ट्विटर हैंडल से एक वीडियो को शेयर करते हुए लिखा गया, ''मोदी जी, आप इतनी जल्दी अपने शब्द भूल गए. अब आप जीएसटी को बिना सही इंफ्रास्ट्रक्चर के क्यों लागू कर रहे हैं.''
पुराने वीडियोज़: UPA के शासन में GST पर क्या बोले थे मोदी?
- ''GST के संबंध में गुजरात और भारतीय जनता पार्टी का रुख़ बहुत साफ है. आपकी जीएसटी का सपना तब तक साकार नहीं हो सकता, जब तक आप पूरे देश में टैक्स पेयर के साथ आईटी इंफ्रास्ट्रक्चर का नेटवर्क नहीं बनाते. ये असंभव है. क्योंकि जीएसटी की सरंचना ही ऐसी है कि हम इसे लागू नहीं कर सकते.
- GST का सवाल है तो गुजरात और बीजेपी का रवैया शुरू से ही साफ है. जीएसटी कभी सफल नहीं हो सकता.
- जीएसटी को लेकर जब प्रणब मुखर्जी वित्त मंत्री थे तो मैंने पूछा था इंफॉर्मेशन टेक्नोलॉजी के बिना ये संभव हो सकता है. मुखर्जी का जवाब नहीं था. अगर आपके पास इंफॉर्मेशन टेक्नोलॉजी नहीं है तभी आप इसे लागू कर सकते हैं. इस योजना को लागू करने के लिए हर जगह 100 फीसदी बिजली सप्लाई ज़रूरी है. इसके बिना ये संभव नहीं है.''
फरवरी 2014 के एक ट्वीट में मोदी ने कहा था, ''GST पर मैंने ये साफ कह दिया है कि बीजेपी इसके खिलाफ नहीं है. लेकिन बिना अच्छे आईटी इंफ्रास्ट्रक्चर के जीएसटी को लागू करना मुश्किल होगा.''
IT इंफ्रास्ट्रक्चर का अब क्या हाल है?
कांग्रेस जिन वीडियोज़ को शेयर कर रही है. इन वीडियोज़ में मोदी जीएसटी को लागू करने के संबंध में बेहतर आईटी इंफ्रास्ट्रक्चर न होने की बात करते नज़र आते हैं.
ऐसे में अब जब जीएसटी लागू हो गया है. तब ये सवाल उठता है कि आईटी इंफ्रास्ट्रक्चर का अब क्या हाल है?
कुछ मीडिया रिपोर्ट्स की मानें तो छोटे और मझौले व्यापारियों के पास ज़रूरी आईटी इंफ्रास्ट्रक्चर की सुविधा नहीं है. इसके अलावा ज़ाहिर है कि पूरे भारत में 100 फीसदी बिजली की सप्लाई का सपना भी पूरा नहीं हुआ है.
'लाखों कंपनियां और सिर्फ 34 GST सुविधा सेंटर'
बिजनेस टुडे की एक रिपोर्ट के मुताबिक, गुड्स एंड सर्विस टैक्स नेटवर्क यानी GSTN जीएसटी के लिए आईटी इंफ्रास्ट्रक्चर का ज़िम्मा संभाल रही है. GSTN ने इसे लेकर कुछ चिंताएं ज़ाहिर की थीं.
तीन जून को हुई जीएसटी काउंसिल की बैठक में GSTN के सदस्यों ने इसको लेकर एक विस्तृत प्रेज़ेंटेशन दी थी. हालांकि GSTN ने अपनी प्रेज़ेंटेशन में आईटी इंफ्रास्ट्रक्चर को जीएसटी के लिए तैयार बताया था लेकिन इससे हर कोई संतुष्ट नहीं था.
पश्चिम बंगाल के वित्त मंत्री अमित मित्रा ने मीडिया से बात करते हुए कहा था,
- ''इन लोगों ने सिर्फ 100-200 कंपनियों पर ट्रायल किया है. इस ट्रायल के दौरान काफी लोगों को इनवॉइस अपलोड करने में दिक्कत हुई.
- अब तक सिर्फ 34 जीएसटी सुविधा प्रोवाइडर्स को मंज़ूरी मिली है. जिससे कुछ छोटी कंपनियों और व्यापारियों को जीएसटी नेटवर्क में डाटा अपलोड करने में मदद मिलेगी.
- लेकिन ऐसी लाखों कंपनियां हैं जो छोटे से बड़े व्यापारियों में लगी हुई हैं. ऐसी भी बहुत सी कंपनियां होंगी जो पहली बार टैक्स स्लैब के अंतर्गत आ रही हैं. ऐसे में सिर्फ 34 जीएसटी सुविधा प्रोवाइडर्स इसे लागू करने के लिहाज़ से काफी कम संख्या है.''
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