'20 साल में पहली बार डिफ़ेंसिव हुए सहवाग'

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गुरमेहर कौर के प्लेकार्ड को लेकर किए पोस्ट ने इतना बवाल मचा कि आख़िरकार वीरेंद्र सहवाग को इस मामले को ठंडा करने की कोशिश में आगे आना पड़ा.
दिल्ली के रामजस कॉलेज में लेफ़्ट और राइट विचारधारा वाले स्टूडेंट के बीच हुई झड़प के बाद सारा फ़ोकस गुरमेहर कौर की एक पोस्ट पर आ गया था.
लेडी श्रीराम कॉलेज में पढ़ने वाली गुरमेहर ने फ़ेसबुक पर अपनी प्रोफ़ाइल पिक्चर बदली जिसमें वो एक पोस्टर के साथ दिख रही थीं.
इस पर लिखा है, ''मैं दिल्ली यूनिवर्सिटी की छात्रा हूं. मैं एबीवीपी से नहीं डरती. मैं अकेली नहीं हूं. भारत का हर छात्र मेरे साथ है. #StudentsAgainstABVP''

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लेकिन हंगामा मचा गुरमेहर की उस तस्वीर पर जिसमें वो एक प्लेकार्ड लिए खड़ी हैं. इस पर अंग्रेज़ी में लिखा है, ''पाकिस्तान ने मेरे पिता को नहीं मारा, बल्कि जंग ने मारा है.''
ये उस वीडियो का हिस्सा था जो पिछले साल सामने आया था.
इसके बाद पूर्व बल्लेबाज़ वीरेंद्र सहवाग ने एक प्लेकार्ड लेकर तस्वीर डाली जिस पर लिखा था, ''मैंने दो तिहरे शतक नहीं लगाए, बल्कि मेरे बल्ले ने ऐसा किया.''
सोशल मीडिया इसके बाद दो खेमों में बंटता चला गया. गुरमेहर ने आरोप लगाया कि उन्हें बलात्कार की धमकियां मिल रही हैं.

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सहवाग ने अब साफ़ किया है कि उनका मक़सद विचार सामने रखने पर किसी को घेरना नहीं बल्कि एक गंभीर मुद्दे पर सेंस ऑफ़ ह्यूमर के ज़रिए अपनी बात रखना था.
बुधवार को उन्होंने एक के बाद एक ट्वीट किए जिसमें उन्होंने कहा, ''मेरा ट्वीट अपना मत ज़ाहिर करने पर किसी को बुली करना नहीं था बल्कि चुटीले अंदाज़ में अपनी बात रखना था. सहमत या असहमति कोई मुद्दा ही नहीं था.''
सहवाग ने आगे लिखा, ''उन्हें (गुरमेहर कौर) अपने विचार रखने का पूरा हक़ है और जो कोई उन्हें हिंसा या बलात्कार की धमकी देता है, वो वाकई गिरा हुआ है.''

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साथ ही उन्होंने गीता और बबीता फौगाट के बचाव में भी उतरे.
उन्होंने लिखा, ''सभी को बिना किसी डर और धमकी के अपनी बात रखने का अधिकार है. वो चाहें गुरमेहर कौर हों या फिर फोगाट बहनें.''
इसके बाद सहवाग के इस ट्वीट पर भी प्रतिक्रिया आनी शुरू हो गई.

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कैस्पर हैंडल से लिखा गया, ''सहवाग ने वर्चस्व बनाए रखने का मौक़ा गंवा दिया. उन्हें फोगाट बहनों का नाम गुरमेहर कौर से पहले लेना चाहिए था.''

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श्रीकांत ने लिखा है, ''वीरू भाई ने नहीं उनके भाई ने लिखा है.''
क्रिकबीसी हैंडल से लिखा गया है, ''दो दशक लंबे क्रिकेट करियर में सहवाग ने पहली बार फ़ॉरवर्ड डिफ़ेंस स्टांस लिया है.''












