मनमोहन ने भी मोदी को बहुत कुछ कहा था

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नरेंद्र मोदी ने बुधवार को राज्यसभा में जो भाषण दिया, उससे कांग्रेस ख़ासी ख़फ़ा हो गई. लोकसभा में मल्लिकार्जुन खड़गे को लपेटने के अगले दिन प्रधानमंत्री के निशाने पर उनसे पहले ये सीट संभालने वाले मनमोहन सिंह रहे.
कांग्रेस ने इस पर पलटवार किया और मनमोहन सिंह पर की गई टिप्पणी को देश-संसद का अपमान बताया. हालांकि, ख़ुद मनमोहन सिंह ने नरेंद्र मोदी पर पूर्व में कई बार सीधा हमला किया है.
मोदी ने लपेटा मनमोहन सिंह को
मोदी ने बुधवार को कहा, ''इस देश में आर्थिक क्षेत्र से शायद ही कोई दूसरा है, जो आज़ादी के बाद देश के 70 साल में से आधे वक़्त इतना वर्चस्व रख सका है. इन 70 में से 30-35 साल वे (मनमोहन सिंह) सीधे तौर पर वित्तीय फ़ैसलों से जुड़े रहे हैं.''

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उन्होंने कहा, ''इस दौरान इतने सारे घोटाले हुए...हम लोग डॉ साहब से काफ़ी कुछ सीख सकते हैं. इतना कुछ हुआ, लेकिन उनके दामन पर एक भी दाग़ नहीं लगा. बाथरूम में रेनकोट पहनकर नहाने की ये कला तो डॉक्टर साहब से ही सीखी जा सकती है.''
रेनकोट वाले तंज़ पर भड़की कांग्रेस
इस पर कांग्रेस इतनी नाराज़ हुई कि वॉकआउट कर गई. पार्टी नेताओं ने इसे देश और संसद की तौहीन बता दिया. राहुल गांधी ने ट्वीट किया, ''जब कोई प्रधानमंत्री अपने से कहीं ज़्यादा वरिष्ठ पूर्व प्रधानमंत्री का अपमान करता है, तो वे संसद और राष्ट्र के सम्मान पर आघात है.''

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वित्त मंत्री रहे पी चिदंबरम ने कहा, ''इस तरह की कठोर और अमर्यादित टिप्पणी स्वीकार नहीं की जाएगी. आज तक किसी प्रधानमंत्री ने किसी पूर्व प्रधानमंत्री पर इस तरह की टिप्पणी नहीं की थी.''
राहुल ने बताया संसद का अपमान
कांग्रेक के वॉकआउट करने पर मोदी ने कहा कि जब कांग्रेस हमले करने के लिए तैयार रहती है, तो उसे हमले सहने को भी तैयार रहना चाहिए.

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उन्होंने कहा, ''अगर आप मर्यादा लांघेंगे, तो जवाब सहने की हिम्मत भी रखिए. हम उसी भाषा में जवाब देना जानते हैं. अगर इतने ऊंचे पद पर बैठा शख़्स लूट और प्लंडर जैसे शब्द इस्तेमाल करता है, तो उन्हें (कांग्रेस) को भी बोलने से पहले 50 बार सोचना चाहिए.''
पूर्व प्रधानमंत्री यूं तो कम बोलते हैं, लेकिन अलग-अलग मौक़ों पर उन्होंने नरेंद्र मोदी को आड़े हाथों लिया है.
मनमोहन सिंह ने नोटबंदी पर राज्यसभा में कहा था, ''मुझे लगता है कि ये प्रबंधन की नाकामी है. ये संगठित लूट और कानूनी डाका (प्लंडर) है.''
मनमोहन क्या-क्या बोल चुके हैं?

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पिछले महीने मोदी को निशाना बनाते हुए मनमोहन सिंह ने दिल्ली के एक कार्यक्रम में कहा था, ''मोदी जी कहते रहे कि वो भारत की अर्थव्यवस्था बदल देंगे. लेकिन अब हमें पता चल रहा है कि ये अंत की शुरुआत है.''
उन्होंने कहा था, ''आगे इससे भी बदतर हालात सामने आएंगे.''
मनमोहन सिंह ने कहा था, ''पिछले दो साल में राष्ट्रीय आय बढ़ने से जुड़ा मोदी का प्रोपेगंडा भी खोखला साबित हुआ है.''
साल 2014 में लोकसभा चुनावों से पहले उन्होंने कहा था कि 'जिस व्यक्ति के कार्यकाल में अहमदाबाद की सड़कों पर आम लोगों को क़त्लेआम हुआ हो,' वो देश का प्रधानमंत्री नहीं बनना चाहिए.
चुनावों से पहले भी बोला था हमला
मनमोहन सिंह ने उस वक़्त कहा था, ''किसी की विश्वसनीयता पर टिप्पणी किए बिना मुझे ऐसा लगता है कि नरेंद्र मोदी का प्रधानमंत्री बनना देश के लिए त्रासदी से कम नहीं होगा.''
हालांकि, चुनाव जीतने के बाद नरेंद्र मोदी ने ख़ुद मनमोहन सिंह के निवास जाकर उनसे मुलाक़ात की थी. इसके बाद दोनों नेताओं का आमना-सामना कम ही हुआ है.

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लेकिन नोटबंदी के मामले में जब सरकार को घेरने की बारी आई, तो कांग्रेस ने अपनी तरफ़ से मनमोहन सिंह को उतारा था और उन्होंने मोदी सरकार की इस योजना को लूट क़रार दिया था.
मोदी ने इसके बदले में 'रेनकोट पहनकर नहाने' वाला तंज़ कसा. कांग्रेस ने मांग की है कि नरेंद्र मोदी अपने बयान पर माफ़ी मांगे. अगर वो ऐसा नहीं करते तो वो आगे भी संसद में मोदी के भाषणों का बहिष्कार करेगी.












