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रंगीन फल खाने का फल मीठा | |||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||
अमरीकी शोधकर्ताओं का मानना है कि सब्जियों और फलों को गहरा रंग देने वाले रासायनिक तत्व ख़तरनाक कैंसर से लड़ने में मददगार हो सकते हैं. चूहों और मानव कोशिकाओं पर किए गए शोध से ये नतीजे सामने आए हैं. शोध से पता चला है कि फलों को लाल, बैंगनी और नीला रंग देने वाला रासायनिक तत्व एंथोसाइनिन बड़ी आंत की कोशिकाओं में कैंसर के बढ़ने की रफ़्तार को धीमा कर देता है. अहमियत वैज्ञानिकों के अनुसार पौधे का रंग जितना अधिक चटक होता है वह उतना ही गुणकारी होता है. अध्ययन में लाल रंग की तुलना में जामुनी और नीला रंग अधिक गुणकारी पाया गया. अमरीकी केमिकल सोसायटी की बैठक में शोध के ये नतीजे प्रस्तुत किए गए. काली गाजर और मूली में मौजूद तत्व एंथोसाइनिन से कैंसर वृद्धि 50 से 80 प्रतिशत धीमी हो गई. शोधकर्ताओं का कहना है कि उनके इन नतीजों से वैज्ञानिक बिरादरी को यह समझने में आसानी होगी कि किस तरह फल और सब्जियों में मौजूद तत्व कैंसर से लड़ने में सहायक होते हैं. शोध दल की प्रमुख मोनिका जुत्शी ने कहा, “सब्जियों और फलों में बहुत सारे तत्व होते हैं. हम इनका पता लगाने की कोशिश कर रहे हैं और यह भी जानने की कोशिश कर रहे हैं इनके फ़ायदे क्या हैं.” उन्होंने कहा कि इस अध्ययन से पता चलता है कि एंथोसाइनिन ख़ासतौर पर पेट के कैंसर के उपचार में सहायक हो सकता है. | इससे जुड़ी ख़बरें स्तन कैंसर के जीन ढूँढ़ना अब आसान27 मई, 2007 | विज्ञान त्रिफला से हो सकेगा कैंसर का इलाज18 अप्रैल, 2007 | विज्ञान स्तन कैंसर की ज़्यादा मार ग़रीबों पर07 मार्च, 2007 | विज्ञान कैंसर उपचार कोशिकाओं के लिए घातक30 नवंबर, 2006 | विज्ञान 'धूम्रपान पर रोक से दिल को ख़तरा कम'03 अक्तूबर, 2006 | विज्ञान मलेरिया से लड़ने के लिए फिर से डीडीटी15 सितंबर, 2006 | विज्ञान स्तन कैंसर की जाँच की नई विधि20 अगस्त, 2006 | विज्ञान | |||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||
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