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मंगल ग्रह के लिए अंतरिक्ष यान रवाना | |||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||
अमरीका की अंतरिक्ष एजेंसी नासा ने मंगल ग्रह की यात्रा के लिए एक अंतरिक्ष यान रवाना किया है. ये यान मंगल ग्रह पर पूर्व या वर्तमान में जीवन होने की संभावनाएँ ढूँढेगा. यान नौ महीनों तक अंतरिक्ष में रहेगा. फ़िनिक्स नाम का ये यान फ़्लोरिडा से स्थानीय समयानुसार पाँच बजकर 26 मिनट पर रवाना हुआ. अगर सब कुछ योजना अनुसार रहा तो ये यान मंगल ग्रह पर मई 2008 में पहुँच जाएगा. पहले ये यान शुक्रवार को भेजा जाना था लेकिन खराब मौसम के कारण इसे शनिवार को छोड़ा गया. अहम योजना अमरीकी अंतरिक्ष एजेंसी चाहती है कि फ़िनिक्स समतल मैदान पर उतरे. इससे पहले नासा ने दो रॉबोट भेजे थे जो लगातार घूमते रहे थे लेकिन फ़िनिक्स मंगल ग्रह पर टिका रहेगा. ये तीन महीने तक वहाँ वैज्ञानिक जानकारी जुटाएगा. 42 करोड़ डॉलर की लागत वाले इस अभियान का नाम फ़िनिक्स इसलिए रखा गया है क्योंकि मंगल पर भेजने के पहले के दोनों अभियान विफल रहे थे. फ़िनिक्स के लिए बनाए गए उपकरण दरअसल मार्स पोलर लैंडर के लिए बनाए गए थे लेकिन 1999 में मंगल ग्रह के वायुमंडल में प्रवेश करते समय ये खो गया था. हाल ही में अमरीका के वैज्ञानिकों ने कहा था कि नए आँकड़ों के अनुसार मंगल ग्रह के कम से कम आधे हिस्से में बर्फ़ ही बर्फ़ हो सकती है. ये आँकड़े फ़िनिक्स मार्स मिशन के लिए काफ़ी महत्वपूर्ण साबित हो सकते हैं. | इससे जुड़ी ख़बरें मंगल के 'आधे' हिस्से में बर्फ़02 मई, 2007 | विज्ञान मंगल ग्रह से मिली अंतरिक्ष-यान को ऊर्जा25 फ़रवरी, 2007 | विज्ञान गूगल और नासा ने जोड़े तार19 दिसंबर, 2006 | विज्ञान 'मंगल की सतह पर बहा पानी'07 दिसंबर, 2006 | विज्ञान | |||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||
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