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जम्हाई का मतलब है जागने की कोशिश | |||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||
आमतौर पर जम्हाई या उबासी लेने को अभद्रता माना जाता है और समझा जाता है कि जब आप उकता गए हों और आपको नींद आ रही हो तो जम्हाई आती है. लेकिन अमरीकी वैज्ञानिकों का शोध इसके एकदम उलट तथ्य बताता है. वैज्ञानिकों का कहना है कि जम्हाई का मतलब यह है कि आपका शरीर आपको जगाए रखने की कोशिश कर रहा है. मनोवैज्ञानिकों ने 44 छात्रों पर किए गए शोध में पाया कि जम्हाई लेने से मस्तिष्क में ठंडी हवा पहुँचती है और इससे अलर्ट रहने में सहायता मिलती है. शोधकर्ताओं का कहना है कि दूसरों को देखकर जम्हाई लेने की इच्छा भी किसी असामान्य स्थिति में एक साथ अलर्ट रहने की ज़रुरत के लिए हो सकता है. आमतौर पर समझा जाता था कि लोग जम्हाई इसलिए लेते हैं क्योंकि उनके शरीर को अतिरिक्त ऑक्सीजन की ज़रुरत होती है. लेकिन अल्बैनी यूनिवर्सिटी, न्यूयॉर्क के शोधकर्ताओं का कहना है कि ख़ून में ऑक्सीजन या कार्बन डायऑक्साइड के स्तर से जम्हाई का कोई लेना देना ही नहीं है. उनका कहना है कि प्रयोगों से पता चलता है कि जम्हाई लेने से मस्तिष्क में ठंडी हवा पहुँचती है और आप ज़्यादा चुस्त होकर काम कर सकते हैं. वैज्ञानिकों का कहना है जो लोग नाक से साँस लेते हैं, उन्हें वीडियो देखते हुए या दूसरों को जम्हाई लेते देखकर जम्हाई नहीं आती क्योंकि नाक की नली से मस्तिष्क में ठंडी हवा पहुँचती रहती है. उन्होंने माथे पर गर्म पानी की थैली रखकर यही प्रयोग किया और पाया कि जब मस्तिष्क का तापमान बढ़ जाता है तब जम्हाई लेने की इच्छा होती है या तब इसकी ज़रुरत होती है. सो अगली बार जब आप किसी से ज़रूरी बात कर रहे हों और उसे जम्हाई आ जाए तो नाराज़ होने के बजाय आप ख़ुश होंगे कि वह अलर्ट या चुस्त रहने की कोशिश कर रहा है. | इससे जुड़ी ख़बरें सेहत के लिए फ़ायदेमंद है झपकी 13 फ़रवरी, 2007 | विज्ञान कम सोने से बढ़ता है वज़न 25 मई, 2006 | विज्ञान सपने के स्टूडियो का पता चला12 सितंबर, 2004 | विज्ञान जैसा सोए, वैसा होए16 सितंबर, 2003 को | विज्ञान सपने तो आते ही रहते हैं28 जून, 2003 | विज्ञान ख़र्राटों का इलाज05 जून, 2003 | विज्ञान | |||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||
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