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माइक्रोसॉफ़्ट का मामला अदालत में | |||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||
माइक्रोसॉफ़्ट पर लगे यूरोपीय प्रतियोगिता क़ानूनों के उल्लंघन के आरोप के सिलसिले में लक्ज़मबर्ग की एक अदालत में सुनवाई होगी. यूरोपीय आयोग ने माइक्रोसॉफ़्ट पर यूरोपीय प्रतियोगिता क़ानूनों का उल्लंघन करने का आरोप लगाया है. यूरोपीय आयोग ने 2004 में माइक्रोसॉफ़्ट पर 49 करोड़ 70 लाख यूरो का जुर्माना लगाया था और उसे कहा था कि कंपनी अपने व्यापारिक प्रतिद्वंद्वियों के लिए बाज़ार खोले. इसके साथ ही माइक्रोसॉफ़्ट को आदेश दिया गया था कि वो बाकी कंपनियों को अपना सॉफ़्टवेयर को़ड दे ताकि वे ऐसे उत्पाद बना सकें जो विंडोज़ के साथ भी काम कर सकें. माइक्रोसॉफ़्ट कंपनी का कहना है कि वो क़ानून के मुताबिक ही चल रही है. अदालत पहले दो दिनों तक इस बात का जायज़ा लेगी कि क्या माइक्रोसॉफ़्ट कंपनी ने अपने मीडिया प्लेयर को विंडोज़ ऑपरेटिंग सिस्टम के अंतर्गत ला कर ग़ैर क़ानूनी कदम तो नहीं उठाया. यूरोपीय आयोग के मुताबिक इस कदम से बाकी कंपनियों को नुकसान हुआ है और उन्हें अपना सॉफ़्टवेयर बेचने में दिक्कतों का सामना करना पड़ा. माइक्रोसॉफ़्ट ने कहा है कि वो अदालत में अपना पक्ष रखने के लिए तैयार है. इस मामले में अगले कुछ महीनों या एक साल तक फ़ैसला आने की उम्मीद नहीं है. | इससे जुड़ी ख़बरें माइक्रोसॉफ़्ट का भारत में बड़ा समझौता15 नवंबर, 2004 | कारोबार माइक्रोसॉफ़्ट ने इंडोनेशिया को रियायत दी09 जून, 2005 | पहला पन्ना माइक्रोसॉफ़्ट भारत में 1.7 अरब डॉलर लगाएगा07 दिसंबर, 2005 | कारोबार | |||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||
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