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वीनस एक्सप्रेस ने भेजी शुक्र की तस्वीरें | |||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||
यूरोपीय अंतरिक्ष एजेंसी के यान वीनस एक्सप्रेस ने शुक्र ग्रह की तस्वीरें भेजनी शुरू कर दी है. इन तस्वीरों में शुक्र के दक्षिणी ध्रुव के ऊपर बादलों को देखा जा सकता है. शुक्र का यह हिस्सा धरती से दूर है. पहली बार वैज्ञानिकों को शुक्र के दक्षिणी ध्रुव की तस्वीरें मिली हैं. शुक्र के दक्षिणी ध्रुव पर बादल कुंडली या भंवर की अवस्था में हैं. बादलों का रंग पीला है जो कि इसके गंधक से बने होने का संकेत देता है. लेकिन वैज्ञानिकों के कौतूहल को बढ़ाया है पीले रंग के बादलों के बीच बड़े काले धब्बे की उपस्थिति ने. उल्लेखनीय है कि धरती की ओर स्थित शुक्र के उत्तरी ध्रुव के ऊपर भी बादलों की ऐसी ही उपस्थिति है. वीनस एक्सप्रेस ने शुक्र से दो लाख किलोमीटर से भी ज़्यादा दूर से ये तस्वीरें भेजी हैं. उपयोगी अध्ययन यूरोपीय अंतरिक्ष एजेंसी के वैज्ञानिकों को उम्मीद है कि वीनस एक्सप्रेस द्वारा उपलब्ध कराई जाने वाली तस्वीरों और अन्य आँकड़ों से यह पता लगाने में मदद मिलगी कि शुक्र के गर्म वातावरण के पीछे क्या कारण है.
ग़ौरतलब है कि शुक्र के वायुमंडल में कार्बनडाइआक्साइड की बहुतायत है जो कि सौर विकिरणों को अवशोषित कर ग्रह की सतह को 467 सेल्सियस तक गर्म करने में मददगार होती है. यह अध्ययन धरती पर जलवायु परिवर्तन के परिणामों की सटीक भविष्यवाणी में भी मददगार होगा. वीनस एक्सप्रेस ने इसी सप्ताह ख़ुद को सफलतापूर्वक शुक्र ग्रह की कक्षा में स्थापित हो किया था. शुक्र की कक्षा में भेजा जाने वाला यह पहला यूरोपीय अंतरिक्ष यान अगले 500 दिनों तक शुक्र ग्रह के वातावरण का अध्ययन करेगा. | इससे जुड़ी ख़बरें शुक्र की कक्षा में मिलेगा नया ज्ञान11 अप्रैल, 2006 | विज्ञान यूरोप का 'गैलीलियो' उपग्रह प्रक्षेपित 28 दिसंबर, 2005 | विज्ञान प्लूटो अभियान पर ख़राब मौसम की मार17 जनवरी, 2006 | विज्ञान नासा यान मंगल ग्रह की कक्षा में पहुँचा11 मार्च, 2006 | विज्ञान इनसैट-4ए का सफल प्रक्षेपण22 दिसंबर, 2005 | भारत और पड़ोस | |||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||
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