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इनसैट-4ए का सफल प्रक्षेपण
इनसैट4ए उपग्रह
इस उपग्रह से टीवी प्रसारण सेवाओं में भारी परिवर्तन आने की उम्मीद
भारत ने चौथी पीढ़ी का संचार उपग्रह इनसैट-4 ए गुरुवार की सुबह फ़्रेंच गयाना के कौरु प्रक्षेपण केंद्र से प्रक्षेपित किया.

तीन टन के इस उपग्रह से टीवी प्रसारण में नई पहल संभव हो सकेगी.

इनसैट-4 ए को भारतीय अंतरिक्ष अनुसंधान एजेंसी (इसरो) ने तैयार किया है. इसमें ऐसा ट्रांसपोंडर्स हैं जो डायरेक्ट टू होम सेवा प्रदान करने में सक्षम है.

इसरो के चेयरमैन माधवन नायर ने कहा कि इस उपग्रह का प्रक्षेपण एक बड़ी उपलब्धि है.

माधवन नायर ने कहा,'' भारत तीन हज़ार किलोमीटर में फैला है और हर गाँव तक पहुँचना उपग्रह तकनीक से ही संभव है.''

उनका कहना था कि इसरो का यह सर्वाधिक उन्नत, सबसे भारी और शाक्तिशाली उपग्रह है. इसे यूरोप के एरियाना-5 रॉकेट से प्रक्षेपित किया गया.

सिरीज़ का पहला

इनसेट-4 सिरीज़ का यह पहला उपग्रह है.

 भारत तीन हज़ार किलोमीटर में फैला है और हर गाँव तक पहुँचना उपग्रह तकनीक से ही संभव है
माधवन नायर, इसरो प्रमुख

हालांकि इसरो के पास प्रक्षेपण सुविधा उपलब्ध है लेकिन तीन टन के उपग्रह के प्रेक्षपण की सुविधा नहीं है.

1998 के परमाणु विस्फोट के बाद अमरीका ने इस संगठन पर प्रतिबंध लगा दिया था.

लेकिन अब तीन संगठनों को छोड़कर बाकी सभी संगठनों से प्रतिबंध हटा लिया गया है.

इनसैट-4 ए के 12 टांस्पोंडर्स को टाटा-स्काई ने पहले अनुबंधित कर लिया है.

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