BBCHindi.com
अँग्रेज़ी- दक्षिण एशिया
उर्दू
बंगाली
नेपाली
तमिल
गुरुवार, 09 फ़रवरी, 2006 को 08:47 GMT तक के समाचार
मित्र को भेजेंकहानी छापें
कार्टून का बदला वेबसाइटों से
ज़्यादातर हमले सऊदी अरब, इंडोनेशिया और ओमान जैसे देशों से हुए हैं
हज़रत मोहम्मद के कार्टून छापने के ख़िलाफ़ अपने ग़ुस्से का इज़हार करने के लिए डेनमार्क की 1000 हज़ार से अधिक वेबसाइटों को इस्लामी हैकरों ने अपना निशाना बनाया है.

ज़्यादातर मामलों में हैकरों ने वेबसाइटों के होम पेज पर इस्लामी संदेश प्रकाशित कर दिए हैं और कार्टूनों के प्रकाशन की निंदा की है.

हैकरों पर नज़र रखने वाले एक समूह ज़ोन-एच का कहना है कि इस तरह के हमलों में हैकरों के ग्रुप और निजी हैकर, दोनों शामिल हैं.

ज़ोन-एच का कहना है कि अधिकतर हैकरों ने अपना विरोध संयत तरीक़े से प्रकट किया है लेकिन कुछ हैकरों ने कार्टून छापने वालों से बदला लेने की बात कही है, कई संदेशों में डेनमार्क के बने उत्पादों का बहिष्कार करने की अपील की गई है.

 हैकरों ने काफ़ी एकजुटता का प्रदर्शन किया है और कई इस्लामी देशों के हैकर मिलजुल कर काम कर रहे हैं, इनमें तुर्की, सऊदी अरब, ओमान और इंडोनेशिया के हैकर सबसे आगे हैं
रोबर्टो पेरातोनी

ज़ोन-एच के प्रमुख रोबर्टो पेरातोनी कहते हैं, "बहुत कम समय में हैकरों ने बहुत बड़ी संख्या में वेबसाइटों को अपना निशाना बनाया है."

पेरातोनी का कहना है कि "हैकरों ने काफ़ी एकजुटता का प्रदर्शन किया है और कई इस्लामी देशों के हैकर मिलजुल कर काम कर रहे हैं, इनमें तुर्की, सऊदी अरब, ओमान और इंडोनेशिया के हैकर सबसे आगे हैं."

हैकरों के चैटरूम पर नज़र रखने वाले ज़ोन-एच का कहना है कि इनमें से कुछ हैकर तो जाने-पहचाने हैं जबकि कई नए भी हैं, यहाँ तक कि हैंकिंग से संन्यास ले चुका एक व्यक्ति दोबारा सक्रिय हो गया है.

साइबर विरोध

इस तरह के संगठित हमले के बाद विशेषज्ञों को लगने लगा है कि आने वाले दिनों में सड़कों के अलावा कंप्यूटरों के ज़रिए भी विरोध प्रदर्शन तेज़ होंगे.

ज़ोन-एच का कहना है कि सिर्फ़ डेनमार्क की वेबसाइटों ही नहीं बल्कि कई पश्चिमी देशों की वेबसाइटों को निशाना बनाया गया है.

पेरातोनी का कहना है कि ज़्यादातर मामलों ने वेबसाइटें दोबारा अपने पुराने रूप में आ गई हैं, वे अधिक से अधिक एक दिन तक बिगड़ी हुई हालत में होती हैं.

उनका कहना है कि सिर्फ़ होमपेज पर लिखे गए संदेश मिटाने में एक दिन से अधिक नहीं लगता लेकिन अगर वेबसाइट के अंदरूनी हिस्सों से छेड़छाड़ की गई हो तो उनका पता लगाने और उन्हें ठीक करने में लंबा समय लग सकता है.

इनमें से ज़्यादातर वेबसाइटें छोटी कंपनियों की हैं जिनके पास वेबसाइटों को बाहरी हमलों से बचाने के लिए पर्याप्त साधन नहीं हैं.

इससे जुड़ी ख़बरें
कानूनी होगी हैकिंग
27 जुलाई, 2002 | पहला पन्ना
इस्लाम के नाम पर हैकर एकजुट
22 जून, 2002 | पहला पन्ना
इसराइल बना हैकरों का निशाना
16 अप्रैल, 2002 | पहला पन्ना
हैकिंग का होनहार उस्ताद
14 अप्रैल, 2002 | पहला पन्ना
स्पाइवेयर सब कुछ देख रहा है
18 अप्रैल, 2004 | विज्ञान
इंटरनेट लिंक्स
बीबीसी बाहरी वेबसाइट की विषय सामग्री के लिए ज़िम्मेदार नहीं है.
सुर्ख़ियो में
मित्र को भेजेंकहानी छापें
मौसम|हम कौन हैं|हमारा पता|गोपनीयता|मदद चाहिए
BBC Copyright Logo^^ वापस ऊपर चलें
पहला पन्ना|भारत और पड़ोस|खेल की दुनिया|मनोरंजन एक्सप्रेस|आपकी राय|कुछ और जानिए
BBC News >> | BBC Sport >> | BBC Weather >> | BBC World Service >> | BBC Languages >>