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मंगलवार, 04 मई, 2004 को 06:30 GMT तक के समाचार
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नए वायरस का असर लाखों कंप्यूटरों पर
तेज़ी से फैल रहा है सासेर वायरस
तेज़ी से फैल रहे सासेर वायरस ने लाखों कंप्यूटरों को शिकार बना लिया है
इंटरनेट के ज़रिए फैल रहे एक नए तरह के कंप्यूटर वायरस ने दुनिया भर में लाखों कंप्यूटरों को निशाना बनाया है.

माइक्रोसॉफ़्ट के विंडोज़ पर हमला करने वाला ये सबसे नए तरह का वायरस है और दुनिया के अधिकतर कंप्यूटर इसी प्रणाली के आधार पर काम करते हैं.

'सासेर' नाम के इस वायरस की वजह से इंटरनेट पर लोगों के काम में मुश्किलें आ रही हैं और लोगों ने इंटरनेट का इस्तेमाल कम कर दिया है.

अब तक तो वायरस किसी ई-मेल के ज़रिए आते थे मगर इस वायरस का असर कंप्यूटर ऑन करके इंटरनेट पर जाने के साथ ही हो जाता है.

विशेषज्ञों के अनुसार कंप्यूटर के इंटरनेट से जुड़ने के दस मिनट के भीतर कंप्यूटर इससे संक्रमित हो जाता है.

इससे बचने के लिए विंडोज़ की 'फ़ायरवॉल' तकनीक का सहारा लेने का सुझाव दिया जा रहा है साथ ही माइक्रोसॉफ़्ट ने सुरक्षा के लिहाज से जो आधुनिक प्रणाली दी है उसे अपनाने की बात भी कही जा रही है.

इस वायरस की वजह से मशीन बार-बार बंद हो जाती है और फिर चालू होती है मगर इसकी वजह से किसी फ़ाइल को नुक़सान नहीं हो रहा है.

फ़िनलैंड के सबसे बड़े बैंक सांपो ने अपने कंप्यूटरों को सुरक्षा के लिहाज से अपडेट करने के लिए 120 कार्यालयों को बंद किया मगर बैंक की ऑनलाइन सेवाएं और कैश मशीनें चालू थीं.

दूसरी तरफ़ ऑस्ट्रेलियन बैंक को इस वायरस का असर देखना पड़ा जिसकी वजह से कर्मचारियों को कलम और काग़ज़ का सहारा लेना पड़ा.

अब जिन मशीनों पर इस वायरस का असर पड़ा है उन्हें ठीक करने के लिए लाखों डॉलर ख़र्च करने होंगे.

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