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बिल्ली को सुनाई मौत की सजा | ||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||
चिली के सुप्रीम कोर्ट ने एक पालतू बिल्ली को मार डालने का आदेश दिया है जोकि रेबीज़ बीमारी से ग्रस्त है. सुप्रीम कोर्ट ने निचली अदालत के एक फ़ैसले को सही ठहराते हुए कहा कि लुज़ नामक इस बिल्ली का सिर काट कर मारा जाए. इस आदेश के बाद पुलिस चिली के बंदरगाह शहर वालपराइज़ो में लुज़ की तलाश कर रही है. बिल्ली एक पशु संरक्षण गृह से भाग गई है. लुज़ में यों तो रेबीज़ के लक्षण नहीं दीखते लेकिन विशेषज्ञों की सलाह दी है कि ऐहतियात के तौर पर उसे मार देना उचित होगा क्योंकि वह लोगों में संक्रमण फैला सकती है. बहादुर लुज़ दरअसल लुज़ ने अपनी मालिक अमादा सालिनाज़ के घर हुई भिड़ंत में एक चमगादड़ को मार गिराया था. बाद में पता चला कि चमगादड़ रेबीज़ का शिकार था. यह जानकारी मिलते ही अधिकारी लुज़ की जान के पीछे पड़ गए. सालिनाज़ ने लुज़ की जान बचाने के लिए अदालत की शरण ली, लेकिन अधिकारी उसे छीनकर ले गए. इस समय लुज़ अधिकारियों की गिरफ़्त से बाहर है लेकिन इससे उसकी मालिक को संतोष नहीं. उसका मानना है कि लुज़ वालपराइज़ो शहर की गलियों में भूखी मारी जाएगी या फिर किसी अन्य जानवर का शिकार बन जाएगी. अब लुज़ की जान उस अंतिम अपील पर टिकी है जो उसका मामला देख रही वकील और सांसद लाउरा सोतो दायर करने वाली है. |
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