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क्या आप 150 साल तक जीना चाहेंगे? | ||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||
एक प्रमुख अनुसंधानकर्ता ने दावा किया है कि जो लोग आज इस दुनिया में हैं, उनमें से बहुत से लोग 150 साल तक की उम्र पा सकते हैं. अमरीका के टैक्सस विश्वविद्यालय के स्वास्थ्य विज्ञान केंद्र में कार्यरत स्टीवेन ऑस्टैड ने बीबीसी वर्ल्ड सर्विस के डिस्कवरी कार्यक्रम में कहा है कि इंसान की उम्र बहुत से लोगों के अनुमान से कहीं बढ़ कर होगी. उन्होंने विश्वास व्यक्त किया है कि आज जो बच्चे जीवित हैं उनमें से कई तो, सन् 2150 तक ज़िंदा रह सकते हैं. स्टीवेन ऑस्टैड ने इसे विस्तार से समझाते हुए कहा है, “मानव के विकास की तस्वीर बड़ी दिलचस्प है. हम अपने लिए एक ऐसा माहौल विकसित करने में सफल हुए हैं जो पहले की अपेक्षा अधिक सुरक्षित है.” “अगर चिकित्सा विज्ञान इतना आगे न भी बढ़ता तो भी, विकास क्रम में जो स्वाभाविक परिवर्तन होते हैं उनका असर यह होता है कि इंसानों में बुढ़ापा धीमी गति से आता है.” उनका कहना है कि औद्योगिक दुनिया में ऐसे लोगों की संख्या बढ़ती जा रही है जिनकी उम्र 90 या 100 साल से लंबी होती है और इस क्रम के बदलने के कोई संकेत भी नहीं है. पेंशन की चिंता इसीलिए बहुत से पश्चिमी देशों में यह चिंता बढ़ रही है कि लोगों को लंबे अर्से तक पेंशन देनी पड़ेगी.
ऐसे भी प्रमाण हैं कि दुनिया के कई अविकसित देशों में भी बहुत से लोग 70 या 80 साल से लंबी उम्र पाते हैं जबकि उन्हें आम दवाइयाँ तक आसानी से उपलब्ध नहीं होतीं. डॉक्टर ऑस्टैड की यह भविष्यवाणी उस अनुसंधान का एक हिस्सा है जो यह समझने के लिए किया जा रहा है कि अगर इंसान को प्राकृतिक माहौल में छोड़ दिया जाए तो उसकी उम्र कितनी होगी. डॉक्टर ऑस्टैड ने कहा कि उन्हें आज के किसी इंसान के सन् 2150 तक ज़िंदा रहने की अपनी बात पर इतना विश्वास है कि उन्होंने अपने एक मित्र के साथ शर्त लगा ली है. उनका कहना है, “मैं समझता हूँ कि यह एक ऐसी शर्त है जिसमें मेरे जीतने की तगड़ी उम्मीद है. मुझे ऐसा लगता है जैसे कि मैंने उसके पैसे चुरा ही लिए हैं.” |
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