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मध्यकाल में भी जटिल सर्जरी संभव थी | ||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||
ब्रिटेन में कुछ पुरातत्व खुदाई में मिले एक शरीर के अवशेषों से पता चला है कि मध्यकालीन समाज में भी खोपड़ी के जटिल ऑपरेशन किए जाते थे और वे भी बड़ी तेज़ी से. योर्कशर में एक चालीस वर्षीय किसान की खोपड़ी पाई गई है और वह व्यक्ति 960 से 1100 ईस्वी के दौरान जीवित रहा. उसकी खोपड़ी को देखकर पता चला है कि उसके सिर में कोई भारी चोट लगी थी लेकिन उसे सर्जरी के ज़रिए जीने के योग्य बना दिया गया और उसने चालीस साल का जीवन जिया. इंगलिश हेरिटेज़ विभाग ने मैल्टन के निकट एक स्थान पर खुदाई में क़रीब 700 मानव ढाँचे बरामद किए हैं. जटिल ऑपरेशन वैज्ञानिक व्हारम पर्सी गाँव से मिले इन मानव अवशेषों का अध्ययन कर रहे हैं. किसी ज़माने में यह समुदाय भेड़ पालन पर निर्भर था लेकिन काली मौत के बाद उसका पतन होता चला गया और धीरे-धीरे पूरी तरह लुप्त हो गया. जिस खोपड़ी का अध्ययन किया जा रहा है कि उसमें किसी धारदार हथियार का चोट से बाईं तरफ़ ज़ख़्म बना हुआ था. बहुत गहराई से किए गए अध्ययन से पता चला है कि उस खोपड़ी की जिस तरह से ऑपरेशन किया गया उससे उस आदमी की ज़िंदगी बच गई. अध्ययन से पता चलता है कि इस ऑपरेशन के तहत क्षतिग्रस्त हुई हड्डियों को जोड़ने के लिए नौ सेंटीमीटर चौड़ा और दस सेंटीमीटर लंबी सर्जरी की गई होगी और इससे दिमाग़ पर चोट का असर कम हो गया होगा. रोमन और ग्रीक दस्तावेज़ों में तो खोपड़ी के ऑपरेशन के बारे में कुछ जानकारी मिलती है लेकिन अंग्रेज़ी इतिहास में ऐसी कोई जानकारी नहीं मिलती. इंगलिश हेरिटेज सेंटर के वैज्ञानिक डॉक्टर सिमॉन मेयज़ कहते हैं, "यह खोपड़ी इस बात का पक्का सबूत है कि उस ज़माने में भी इंगलैंड में इस तरह के जटिल ऑपरेशन किए जाते थे." इतिहासकारों का कहना है कि मध्य काल में इंगलैंड में मानसिक बीमारियों सहित कुछ अन्य बीमारियों के इलाज की भी व्यवस्था थी. |
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