|
| |||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||
दो अलग ज़िंदगी बनाने की कोशिश
अमरीका में एक ख़तरे से भरा ऑपरेशन हो रहा है जिसमें सिर से जुड़े जुड़वाँ को अलग किया जाएगा. ये जुड़वाँ मिस्र के रहने वाले हैं. मोहम्मद और अहमद इब्राहिम के दिमाग़ तो अलग अलग हैं लेकिन एक महत्वपूर्ण नस ऐसी है जो दोनों के बीच एक ही है. डॉक्टर मान रहे हैं कि इस ऑपरेशन में दोनों की मौत भी हो सकती है. इन दोनों बच्चों को आँखें मूँदने में, गर्दन घूमाने में और कुछ निगलने में तकलीफ़ होती है और यदि उनको अलग नहीं किया गया तो उन्हें उम्र भर तकलीफ़ होने वाली है. अमरीका के डलास के चिल्ड्रन्स मेडिकल सेंटर में शनिवार की सुबह ये ऑपरेशन शुरु हुआ है और कहा जा रहा है कि यह कम से कम रविवार की सुबह तक चलता रहेगा. इन बच्चों के पिता का कहना है कि वे इन बच्चों को सामान्य जीवन जीने का एक मौक़ा देना चाहते हैं इसलिए उन्होंने इस ऑपरेशन की स्वीकृति दे दी है.
पिछला पूरा साल इन बच्चों की जाँच और ऑपरेशन की तैयारी आदि में निकल गया. इस ऑपरेशन से जुड़े डॉक्टर डेल स्विफ़्ट का कहना है, ''मुझे नहीं लगता कि इस मामले से ज़्यादा किसी मामले का अध्ययन किया गया होगा.'' उनका कहना है कि इसके लिए बहुत मेहनत की गई है. इस ऑपरेशन में कोई 40 डॉक्टरों और नर्सों की टीम लगी हुई है. प्रार्थना
हालांकि उनकी उम्र उनके हक़ में है और डॉक्टर मानते हैं कि इस उम्र में ऑपरेशन होने से स्वस्थ्य होने में ज़्यादा वक्त नहीं लगेगा. ज़ुड़वाँ भाइयों के अंकल नासेर मोहम्मद बताते हैं कि उनके गाँव में हर कोई प्रार्थना कर रहा है. वे दक्षिणी मिस्र में के शहर क़ुस में अल-होम्र उनका गाँव है. गत जुलाई में दो जुड़वाँ ईरानी बहनों की ऑपरेशन के दौरान मौत हो जाने के बाद जुड़वाँ को अलग करने का यह पहला ऑपरेशन है. सिर से जुड़े लोगों को अलग करने के लिए पिछले तीन सालों में पाँच ऑपरेशन हुए हैं और उनमें से तीन मामले सफल रहे हैं. |
| |||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||