| नासा से सात्विक की डायरी | ||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||
आज भी नासा पहुँचते ही हमने मंगल ग्रह से आई तस्वीरों को देखना शुरू कर दिया. आप सोच रहे होंगे कि हर रोज़ हम एक ही काम क्यों करते हैं लेकिन असल में हर तस्वीर एक अलग तस्वीर होती है जिससे नई जानकारी मिल सकती है. आप सोच सकते हैं कि कितनी अधिक तस्वीरें आ रही होंगी, हर तस्वीर को ठीक तरीक़े से देखने में काफ़ी समय लग जाता है. जब सारी तस्वीरें देखकर चुन ली जाएँगी तो हम उन्हें एक सिक्वेंस में लगाकर एक मूवी बनाएँगे ताकि लोग देख सकें कि रोवर की आँख से मंगल कैसा दिखता है. यह मूवी इंटरनेट पर भी होगी जिसे सब लोग आसानी से देख सकेंगे. हर रोज़ एक जैसी मीटिंग होती है लेकिन वह अलग इस मायने में होती हैं कि रोवर के उस दिन के कामकाज का विश्लेषण होता है और आगे की योजना बनती है. रोवर की स्मरण शक्ति आज की मीटिंग में इस पर चर्चा हुई कि रोवर की मेमरी की क्या सीमाएँ हैं, रोवर की इस मेमरी में ही सारी तस्वीरें और जानकारियाँ जमा होती हैं. वैज्ञानिक ने बताया कि रोवर की मेमरी कितनी है, उसमें कितनी फ़ाइलें आ सकती हैं, अब तक कितनी मेमरी ख़र्च हो चुकी है. आठ हज़ार से अधिक फ़ाइलें नहीं बन सकतीं, वैज्ञानिक इन बातों का ध्यान रखते हैं. हम मिशन कंट्रोल भी गए जहाँ से रोवर को सारे कमांड दिए जाते हैं, यह एक बहुत ही बढ़िया जगह थी. मिशन मैनेजर मार्क एडलर ने हमें सब कुछ बताया कि वहाँ किस तरह काम करते हैं, वे उस समय बहुत व्यस्त नहीं थे, वे व्यस्त तभी होते हैं जब मंगल ग्रह से आँकड़े आ रहे होते हैं. उसके बाद हम डाउनलिंक असेसमेंट मीटिंग में गए जहाँ मंगल से आए ताज़ा आँकड़ों पर चर्चा होती है.
इस मीटिंग में वे हर रोज़ का आँकड़ा, रोवर की स्थिति और बाक़ी जानकारियाँ देते हैं, आज हमारी सीट बहुत अच्छी नहीं थी इसलिए बहुत साफ़ दिखाई नहीं दे रहा था. लेकिन वैज्ञानिकों ने विस्तार से रोवर की सीमाओं के बारे में बताया और इन सीमाओं के बीच बेहतर काम करने पर चर्चा हुई. आज रोवर ने मंगल ग्रह पर काफ़ी लंबी दूरी नापी, आज वैज्ञानिक परीक्षण नहीं किए गए, रोवर बस चलता रहा. बाद में एक वैज्ञानिक ने बताया कि किसी भी ग्रह पर यह अब तक की सबसे लंबी ड्राइव थी, इस पर लोगों ने ख़ुश होकर तालियाँ बजाईं. आज का दिन उतना दिलचस्प नहीं था जैसे पिछले दिन थे, लेकिन मिशन कंट्रोल में बहुत मज़ा आया, कल का दिन शायद और बेहतर होगा. |
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