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नासा अभियान में दो भारतीय छात्र
भारत के दो छात्रों को नेशनल एयरोनॉटिक्स ऐंड स्पेस ऐडमिनिस्ट्रेशन, नासा ने उस दल का हिस्सा बनाया है जिसमें 16 छात्र वैज्ञानिकों के साथ काम करने के लिए कैलिफ़ोर्निया जा रहे हैं. ये छात्र दुनिया के 12 देशों से चुने गए हैं. दिल्ली के सात्विक अग्रवाल और आँध्र प्रदेश के विज्ञान पट्टामट्टा भारत की ओर से इसमें शामिल होंगे. सात्विक ने बीबीसी हिंदी से विशेष बातचीत में कहा कि वह मंगल ग्रह पर जाने वाला पहला व्यक्ति बनना चाहता है. नासा के मंगल अभियान के तहत स्पिरिट नामक मानव रहित अंतरिक्ष यान तीन जनवरी को मंगल पर पहुँचा है और इस तरह ये 1970 के बाद से मंगल पर पहुँचने वाला पहला खोजी यान बना है. अब वहाँ से मंगल ग्रह की तस्वीरें आ भी रही हैं. उन्हीं तस्वीरों के अध्ययन और अभियान के अन्य कामों पर ये छात्र बारी-बारी से नज़र रखेंगे. दरअसल, नासा ने कुछ अन्य संगठनों के साथ मिलकर आठ से 16 वर्ष के छात्रों के लिए दुनिया भर में एक प्रतियोगिता आयोजित की. लगभग छह माह ये प्रतियोगिता विभिन्न स्तरों पर चली जिसमें इन छात्रों के ज्ञान, उनकी कल्पना शक्ति और रचनात्मकता को परखने की कोशिश की गई. प्रतियोगिता का नाम, "रेड रोवर गोज़ टू मार्स" था. मंगल पर जाने की चाह भारत का प्रतिनिधित्व कर रहे सात्विक अग्रवाल का सपना मंगल पर जाने वाला पहला व्यक्ति होने की है.
वह चाहते हैं कि चाँद पर जाने का भारत का अभियान पूरा हो मगर उनकी इच्छा ये है कि भारत वहाँ पर एक वैज्ञानिक स्टेशन बनाए. सात्विक ने बताया कि मंगल ग्रह की जितनी तस्वीरें उन्होंने देखी हैं और जो भी उसके बारे में उन्होंने पढ़ा है वह उन्हें रोमाँचित करता है. वह इस बात से उत्साहित हैं कि अमरीका के राष्ट्रपति जॉर्ज डब्ल्यू बुश ने मंगल पर अभियान भेजने और चाँद पर वैज्ञानिक स्टेशन बनाने की बात कही है. वह भविष्य में नासा में ही एक अंतरिक्षयात्री की तरह काम करना चाहते हैं. सात्विक भारत के राष्ट्रपति एपीजे अब्दुल कलाम को आदर्श मानते हैं. वह कहते हैं कि देश की रक्षा प्रौद्योगिकी से लेकर रक्षा संसाधनों तक में डॉक्टर कलाम का योगदान बहुत बड़ा है. सात्विक छह से 15 फ़रवरी के बीच नासा में काम करने जा रहे हैं और इस दौरान उनका साथ हंगरी के डेविड तुर्ज़ी देंगे. विज्ञान पट्टामट्टा उनसे पहले 22 जनवरी से एक फ़रवरी के बीच कैलिफ़ोर्निया के उस जेट प्रॉपल्शन लेबोरेटरी में जाएँगे. उनका साथ ताईवान की तान वेई लिन देंगी. उनके अलावा अमरीका, ब्राज़ील, श्रीलंका, स्पेन, ताईवान, सिंगापुर, पोलैंड, हंगरी, कनाडा, दक्षिण अफ्रीका और ब्रिटेन के छात्र इसमें शामिल होंगे. |
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