|
| |||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||
अनचाही ईमेल रोकने के लिए क़ानून
अमरीकी संसद ने अनचाही ईमेल यानी स्पैम की रोकथाम के लिए एक विधेयक पारित किया है. इसके तहत अब कोई कंपनी या फिर कोई व्यक्ति मना करने के बावजूद लगातार ईमेल भेजता रहता है, तो उस पर जुर्माना लगाया जा सकता है और उसे जेल की सज़ा तक हो सकती है. अमरीकी संसद से पारित होने के बाद अब ये विधेयक राष्ट्रपति बुश के पास हस्ताक्षर के लिए जाएगा और उसके बाद ये क़ानून बन जाएगा. इस क़ानून के तहत सभी अश्लील संदेशों वाली ईमेल में ये बात पहली लाईन में ही स्पष्ट रहनी चाहिए. हालाँकि अनचाही ईमेल के ख़िलाफ़ अभियान चलाने वालों का कहना है कि इस क़ानून का कोई बहुत लाभ होने वाला नहीं है. विशेषज्ञों का कहना है कि अनचाही मेल की समस्या केवल अमरीका तक ही सीमित नहीं है. पिछले महीने यूरोपीय संघ में भी इसके ख़िलाफ़ विधेयक लाया गया था लेकिन अन्य अनेक देशों में इससे निपटने के लिए कोई क़ानून नहीं है. अनचाही ईमेल इंटरनेट का इस्तेमाल करने वाले की सबसे बड़ी परेशानी अनचाही ईमेल मानी जा रही है और ये समस्या गंभीर होती जा रही है. अनचाही ईमेल से हर साल अरबों डॉलर का नुक़सान होता है. लाखों लोगों के 'इन बॉक्स' ऐसी अनचाही ईमेल से भरे होते हैं. इंटरनेट फिल्टर वाली कंपनियों का का कहना है कि कुल भेजी जानेवाली ईमेल में से लगभग आधी अनचाही ई-मेल होती हैं. विशेषज्ञों का कहना है कि गंभीर बात ये है कि अनचाही ईमेल की संख्या बढ़ती जा रही है. |
| |||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||