अल्फाबेट के तहत काम करेगा गूगल

इमेज स्रोत, BBC World Service
सर्च इंजन गूगल ने 'अल्फाबेट इंक' नाम से एक नई कंपनी बनाई और इसी के तहत अब गूगल की सभी बड़ी गतिविधियां संचालित होंगी.
इस नई ब्रैंडिंग के तहत गूगल अपनी सबसे लोकप्रिय सेवाओं को बरक़रार रखेगा जिसमें इंटरनेट सर्च, ऐप, यूट्यूब और एंड्रॉयड शामिल हैं.
इसके अलावा अल्फाबेट के साथ कुछ नई चीज़ें भी जुड़ रही हैं और इनमें निवेश और शोध ईकाइयां, स्मार्ट-होम यूनिट 'नेस्ट' और ड्रोन शाखा शामिल हैं.
गूगल के संस्थापक लैरी पेज का कहना है कि गूगल अब कई तरह की सेवाएं दे रहा है, ऐसे में कंपनी के पुनर्गठन से उसका ढांचा ज़्यादा आसान होगा.
अधिक स्वच्छ, अधिक जवाबदेह
उन्होंने ब्लॉगपोस्ट में लिखा, "नए स्ट्रक्चर के ज़रिए हम उन अद्भुत अवसरों पर ज़बरदस्त तरीक़े से ध्यान बनाए रखेंगे, जो गूगल के भीतर मौजूद हैं."
वो कहते हैं, "आज हमारी कंपनी अच्छी तरह से चल रही है, लेकिन हम समझते हैं कि हम अब इसे और स्वच्छ और जवाबदेह बना सकते हैं. मूल बात ये है कि एलफाबेट कंपनियां स्वतंत्रत होनी चाहिए और वो अपने ब्रैंड खुद विकसित करें."
अब पेज अल्फाबेट के मुख्य कार्यकारी अधिकारी होंगे जबकि भारत में जन्मे सीनियर वाइस प्रेसीडेंट सुंदर पिचाई को गूगल का सीईओ बनाया जाएगा.
गूगल के सह संस्थापक सेरगे ब्रिन अल्फाबेट के प्रेज़ीडेंट बनाए जाएंगे जबकि गूगल के मौजूदा चेयरमैन एरिक श्मिट को अल्फाबेट का कार्यकारी चेयरमैन बनाया जाएगा.
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