'मस्तिष्क कोशिकाओं' के लिए कारगर हल्दी

हल्दी

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    • Author, स्मिथा मुंदसद
    • पदनाम, स्वास्थ्य संवाददाता, बीबीसी न्यूज़

एक शोध में पाया गया है कि करी में आम तौर पर डाली जाने वाली हल्दी खुद से ठीक होने की मस्तिष्क की क्षमता को बढ़ाती है.

स्टेम सेल रिसर्च एंड थेरेपी जर्नल में प्रकाशित शोध के अनुसार, हल्दी में पाया जाने वाला एक तत्व <link type="page"><caption> मस्तिष्क</caption><url href="http://www.bbc.co.uk/hindi/science/2014/09/140911_blood_group_memory_du.shtml" platform="highweb"/></link> की कोशिकाओं के विकास को बढ़ा सकता है.

वैज्ञानिकों का कहना है कि चूहों पर किया यह शोध <link type="page"><caption> अल्ज़ाइमर</caption><url href="http://www.bbc.co.uk/hindi/science/2014/03/140310_alzheimer_disease_research_ap.shtml" platform="highweb"/></link> और मस्तिष्क आघात की दवा बनाने में मददगार साबित हो सकता है.

हालांकि उनका कहना है कि मनुष्यों पर यह कारगर होगा या नहीं ये देखने के लिए और शोध की ज़रूरत है.

जर्मनी के जूलिख में स्थित इंस्टीट्यूट ऑफ़ न्यूरोसाइंस एंड मेडिसिन में शोधकर्ताओं ने हल्दी में पाए जाने वाले एक तत्व 'टर्मेरोन' के प्रभाव का अध्ययन किया.

इस तत्व को इंजेक्शन के मार्फ़त चूहों को दिया गया और फ़िर उनके मस्तिष्क का स्कैन किया गया.

स्टेम सेल में कारगर

मस्तिष्क

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इमेज कैप्शन, हल्दी में मौजूद 'टर्मेरोन' मस्तिष्क आघात और अल्ज़ाइमर जैसी बीमारियों के इलाज में मददगार हो सकता है

इसमें पाया गया कि मस्तिष्क की कोशिकाओं के विकास के लिए ज़िम्मेदार एक खास हिस्सा ज़्यादा सक्रिय दिखा.

एक अन्य अध्ययन में शोधकर्ताओं ने चूहे की तंत्रिका तंत्र की स्टेम कोशिका को 'टर्मेरोन' के घोल में डुबाया गया.

इन कोशिकाओं में मस्तिष्क की किसी भी प्रकार की कोशिका में बदलने की क्षमता पाई गई.

शोध टीम में शामिल डॉक्टर मारिया एडेल रूज़र ने बताया, ''इंसानों और अन्य विकसित प्राणियों में मस्तिष्क की मरम्मत करने की क्षमता नहीं दिखती है, लेकिन मछलियों और अन्य छोटे जीवों में यह क्षमता अधिक होती है.''

शोधकर्ताओं ने पाया कि टर्मेरोन का घोल जितना गाढ़ा किया गया मस्तिष्क की स्टेम कोशिकाओं में उतना ही अधिक विकास हुआ.

और शोध की ज़रूरत

अदरक

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इसमें यह भी पाया गया कि इन कोशिकाओं में कुछ खास किस्म की कोशिका में तब्दील होने की प्रक्रिया भी तेज हो गई.

ब्रिटेन के अल्ज़ाइमर रीसर्च की संस्था से जुड़ीं डॉक्टर लॉरा फिप्स का कहना है कि अभी यह पता नहीं लग पाया है कि इस शोध का मनुष्यों पर क्या असर होगा और इस तरह से तैयार कोशिकाएं अल्ज़ाइमर के रोगियों को कितना फ़ायदा पहुंचाएंगी.

उन्होंने कहा, ''हमें और आगे के अध्ययनों को देखने की ज़रूरत है.''

हल्दी में पाए जाने वाले दो महत्वपूर्ण तत्वों में टर्मेरोन पर बहुत कम अध्ययन हुआ है.

हालांकि पहले के अध्ययनों के अनुसार, इसमें मौजूद तत्व 'सर्कुमिन' सूजन को कम करता है और कैंसर में भी लाभप्रद होता है.

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