रोज़ ऐस्प्रिन से कैंसर का ख़तरा कम

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ऐस्प्रिन के रोज़ाना सेवन से पेट और <link type="page"><caption> आंत के कैंसर</caption><url href="http://www.bbc.co.uk/hindi/news/2012/04/120425_aspirin_vk.shtml" platform="highweb"/></link> का ख़तरा कम होता है. लंदन के क्वीन मैरी विश्वविद्यालय के शोध वैज्ञानिक उपलब्ध सबूतों के आधार पर इस नतीजे तक पहुंचे हैं.
इन वैज्ञानिकों के मुताबिक अगर ग्रेट ब्रिटेन में 50 साल से अधिक उम्र के लोग दस साल तक ऐस्प्रिन का इस्तेमाल करते हैं तो अगले दो दशक के बीच लगभग सवा लाख लोगों की उम्र लंबी हो सकती है.
हालांकि इन चिकित्सकों ने <link type="page"><caption> ऐस्प्रिन का सेवन</caption><url href="http://www.bbc.co.uk/hindi/science/2013/01/130126_science_aspirin_diseases_sp.shtml" platform="highweb"/></link> करने से पहले डॉक्टर की सलाह लेने को जरूरी बताया है. ऐस्प्रिन के सेवन से आंतरिक रक्तस्राव का ख़तरा भी होता है.
लंबे समय तक सेवन
वैज्ञानिकों के दल ने ऐस्प्रिन के इस्तेमाल से होने वाले फ़ायदे और नुकसान से संबंधित करीब 200 अध्ययनों का आकलन किया है.

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इस दौरान ऐस्प्रिन के सेवन से पेट, आंत और ग्रासनली के कैंसर से होने वाली मौतों में 30 से 40 फ़ीसदी की कमी देखी गई.
इतना ही नहीं, इस बात के भी शुरुआती संकेत मिले हैं कि स्तन, प्रोस्टेट और फेफड़े के कैंसर के मरीजों को भी ऐस्प्रिन के इस्तेमाल का फ़ायदा होता है.
इस अध्ययन के मुताबिक ऐस्प्रिन का सेवन कम से कम पांच साल तक करने के बाद ही फ़ायदा संभव है. हालांकि ऐस्प्रिन का इस्तेमाल कैंसर के ख़तरे को किस तरह कम करता है, इसका पता नहीं चल पाया है. इस दिशा में अभी और भी अध्ययन की जरूरत है.
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