इनका मिशन है हर फ़ेसबुक फ़्रेंड से मिलना

इमेज स्रोत, Tanja Hollande
फ़ेसबुक पर आपके ऐसे कितने दोस्त हैं जिन्हें आप फ़ेसबुक की दुनिया से बाहर भी कभी 'फ़ेस-टू-फ़ेस' मिले हैं.
सोशल मीडिया के आलोचक कहते रहे हैं कि इसकी वजह से लोगों का एक-दूसरे से 'फ़ेस-टू-फ़ेस' मिलना-जुलना बंद हो गया है और लोग अपने घरों में बैठकर ही दुनियाभर में अपने दोस्तों से बतियाना पसंद करते हैं.
लेकिन अमरीकी फ़ोटोग्राफर टानिया होलेंडर ने इससे एक क़दम आगे बढ़ाते हुए तय किया कि वे फ़ेसबुक पर मौजूद अपने 626 दोस्तों से 'फ़ेस-टू-फ़ेस' मिलेंगी और उनकी तस्वीरें भी खींचेंगी.
कैसे आया ख़्याल
टानिया को आख़िर क्या सूझा कि उन्होंने फ़ेसबुक पर अपने दोस्तों से 'फ़ेस-टू-फ़ेस' मुलाक़ात करने का फ़ैसला किया?
टानिया बताती हैं, ''साल 2010 की बात है. मैं अपने घर पर अकेली बैठी थी. मेरा एक दोस्त अफ़गानिस्तान में तैनात था, दूसरा दोस्त फ़्लोरिडा में था. मैंने अपनी दोस्ती के बारे में सोचना शुरू किया और तय किया कि मैं उनसे जाकर मिलूंगी. ''

इमेज स्रोत, Tanja Hollander
कैसे तय होता है कब किससे कहां जाकर मिलना है, इस सवाल के जबाव में टानिया बताती हैं, ''मैं एक स्प्रैडशीट बनाकर रखती हूं, उसमें दोस्तों के नाम होते हैं और ज़िक्र होता है कि कौन कहां रहता है. फिर में उनसे किसी तरह सम्पर्क करती हूं और बताती हूं कि मैं आपसे मिलना चाहती हूं.''

इमेज स्रोत, Tanja Hollander
टानिया बताती हैं कि इस तरह वह अब तक अपने ऐसे कई दोस्तों से 'फ़ेस-टू-फ़ेस' मिल चुकी हैं जो फ़ेसबुक के ज़रिये ही दोस्त बने थे जिनसे वह इससे पहले कभी आमने-सामने नहीं मिली थीं.
<bold>(बीबीसी हिन्दी के एंड्रॉएड ऐप के लिए <link type="page"><caption> यहां क्लिक करें</caption><url href="https://play.google.com/store/apps/details?id=uk.co.bbc.hindi" platform="highweb"/></link>. आप हमें <link type="page"><caption> फ़ेसबुक</caption><url href="https://www.facebook.com/bbchindi" platform="highweb"/></link> और <link type="page"><caption> ट्विटर </caption><url href="https://twitter.com/BBCHindi" platform="highweb"/></link>पर भी फ़ॉलो कर सकते हैं.)</bold>












