बैंगनी टमाटर खाएंगे क्या?

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- Author, डेविड शकमैन
- पदनाम, वरिष्ठ संपादक, बीबीसी न्यूज़
आनुवांशिक रूप से संशोधित बैंगनी टमाटरों के बाज़ार तक पहुँचने की संभावना और प्रबल हो गई है.
उम्मीद है कि ये गहरा रंग इन टमाटरों को ब्लूबेरी की तरह स्वास्थ्य के लिए लाभकारी गुण देगा.
ब्रिटेन में विकसित किए गए इन बैंगनी टमाटरों का कनाडा में व्यापक स्तर पर उत्पादन किया जा रहा है.
बैंगनी टमाटरों के 1200 लीटर जूस की पहली खेप बाज़ार में पहुँचने के लिए तैयार है.
जानवरों पर हुए परीक्षणों से पता चला है कि ये टमाटर कैंसर की रोकथाम में मददगार हो सकते हैं क्योंकि इनमें एंथोसाइनिन नाम का एंटी-ऑक्सीडेंट होता है.
वैज्ञानिकों का मानना है कि ये नए टमाटर टोमैटो कैचअप से लेकर पिज़्जा तक में पोषण तत्व बढ़ा सकते हैं.
ये टमाटर ब्रिटेन के नॉरिज में स्थित जॉन इनस सेंटर में विकसित किए गए हैं. जॉन इनस सेंटर की प्रोफ़ेसर कैथी मार्टिन को उम्मीद है कि बड़ी मात्रा में जूस की पहली खेप उपलब्ध होने से शोधकर्ताओं को इसमें काफी मदद मिलेगी.

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कैथी कहती हैं, "इन बैंगनी टमाटरों में वही तत्व होंगे जो ब्लूबेरी और क्रेनबेरी को स्वास्थ्य के लिए लाभदायक बनाते हैं लेकिन आप इसे उसे भोजन में शामिल कर सकते हैं जिसे आम लोग वास्तव में प्रचुर मात्रा में खाते हैं और जो किफ़ायती भी हैं."
जीन का स्थानांतरण
आनुवंशिक रूप से संशोधित ये टमाटर आनुवांशिक संशोधन (जेनेटिकली मॉडिफ़ाइड) वाले उन पौधों में शामिल हैं जिन्हें ग्राहकों को आकर्षित करने के लिए बनाया गया है.
टमाटरों का बैंगनी रंग स्नैपड्रैगन पौधे से निकाले गए एक जीन को टमाटर के पौधे में स्थानांतरित करने का नतीज़ा है. आनुवांशिक संशोधन के कारण टमाटर के पौधों में एंथोसाएनिन अपने आप विकसित होने लगता है.
हालांकि इन टमाटरों का विकास ब्रिटेन में हुआ है लेकिन आनुवांशिक रूप से संशोधन पर यूरोपीय संघ के प्रतिबंध के कारण प्रोफ़ेसर मार्टिन को इस तकनीक के विकास के लिए विदेश जाना पड़ा.
जल्द ही बैंगनी टमाटरों का 1200 लीटर जूस नॉरिज लाया जाएगा. बीज पहले से निकाल लिए जाने से इसमें आनुवांशिक संशोधित पदार्थ नहीं होगा और किसी संक्रमण का ख़तरा भी नहीं होगा.
मार्टिन का कहना है कि उनका उद्देश्य इस जूस का विभिन्न तरह के परीक्षणों में इस्तेमाल करना है. इन परीक्षणों में एंथोसायनिन के मनुष्यों के स्वास्थ्य पर होने वाले सकारात्मक प्रभाव का पता लगाने वाले परीक्षण भी शामिल हैं.
उम्मीद
इससे पहले चूहों पर हुए शोध में पता चला था कि यह कैंसर के फैलाव को धीमा कर देता है.
सवाल यह है कि क्या इसके बाद आनुवांशिक रूप से संशोधित खाद्य पदार्थों के बारे में लोगों की राय बदेलगी.
यूरोपीय संघ में साल 2010 में हुए एक सर्वेक्षण में लगभग तीन चौथाई लोगों ने ही आनुवांशिक रूप से संशोधित खाद्य पदार्थों का विरोध किया था.
वर्ष 1998 के बाद से यूरोपीय संघ में किसी भी संशोधित फ़सल को अनुमति नहीं मिली है.
प्रोफ़ेसर मार्टिन को उम्मीद है कि बैंगनी टमाटरों के जूस को दो सालों के भीतर उत्तरी अमरीका में बिक्री के लिए अनुमति मिलने की अच्छी संभावना है.
प्रोफ़ेसर मार्टिन और अन्य ब्रितानी शोधकर्ताओं को उम्मीद है कि आनुवांशिक संशोधन के बारे में लोगों की राय सकारात्मक होगी.
चिंता
कार्डिफ़ यूनिवर्सिटी में पर्यावरण मनोवैज्ञानिक प्रोफ़ैसर निक पिजन ने आनुवांशिक संशोधन और अन्य तकनीकों पर जनमत संग्रह और समूह केंद्रित सर्वेक्षण किए हैं.
वे मानते हैं कि लंबे समय से चला आ रहा अविश्वास गंभीर चिंता का विषय है.
वे कहते हैं, "सिर्फ़ फ़ायदों को ही रेखांकित करने का असर ज़रूर होगा लेकिन यह सिर्फ़ कहानी का एक पक्ष है जो कि काफ़ी जटिल है."
वे कहते हैं, "लोगों को अब भी चिंता रहेगी कि यह ऐसी तकनीक है जो प्राकृतिक व्यवस्था के साथ छेड़छाड़ करती है. इसके बड़ी कंपनियों के हाथ में जाने की भी चिंता लोगों को रहेगी. आखिरकार यह आपके और आपके बच्चों के भोजन का हिस्सा बनेगा. और यह समूचे ब्रिटेन के परिवारों के लिए चिंता की बड़ी वजह होगी."
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