इंसान के बाद डॉल्फिन की याददाश्त 'सबसे लंबी'

वैज्ञानिकों का कहना है कि मनुष्यों के बाद सबसे लंबी याद्दाश्त डॉल्फिन मछली की होती है. अभी तक माना जाता था कि मनुष्यों के बाद हाथी की याद्दाश्त सबसे लंबी होती है.
अमरीका के शोधकर्ताओं का कहना है कि एक दूसरे से अलग होने के 20 साल बाद भी डॉल्फिन अपने पूर्व साथियों की सीटी जैसी आवाज़ पहचान लेती हैं.
वैज्ञानिकों का मानना है कि यह लंबी याद्दाश्त डॉल्फिनों के जटिल सामाजिक ताने -बाने का परिणाम है.
यह शोध 'प्रेसीडिंग्स ऑफ रॉयल सोसाइटी बी' में प्रकाशित हुआ है.
56 पालतू "बॉटल नोज़ डॉल्फिनों" पर किए गए शोध से यह जानकारी मिली है. इन्हें अमरीका और बरमूडा के छह अलग- अलग चिड़ियाघरों और एक्वेरियम में प्रजनन के लिए लाया गया था.
दशकों पुराने आंकड़ों से पता चलता है कि कौन सी डॉल्फिन साथ रहती थीं.
ऐली और बैली

शोधकर्ताओं ने पानी में रखे लाउडस्पीकरों पर डॉल्फिनों के पुराने साथियों की विशेष सीटियां बजाईं और उनकी प्रतिक्रिया देखी.
शोध करने वाले शिकागो विश्वविद्यालय के डॉक्टर जैसन ब्रक ने बताया, "जब उनकी जानी पहचानी आवाज़ बजाई गई तो <link type="page"><caption> डॉल्फिनें लंबे समय</caption><url href="http://www.bbc.co.uk/hindi/science/2013/07/130724_dolphin_call_dp.shtml" platform="highweb"/></link> तक लाउडस्पीकरों के आस पास मंडराती रहीं और अनजानी आवाज़ों को उन्होंने नज़रंदाज़ कर दिया."
जैसन ब्रक कहते हैं, "जीव व्यवहार में इतनी लंबी याद्दाश्त पहले कभी नहीं देखी गई."
डॉक्टर ब्रक ने ऐली और बैली नाम की दो <link type="page"><caption> डॉल्फिनों का उदाहर</caption><url href="http://www.bbc.co.uk/hindi/science/2013/02/130128_dolphins_help_companion_aa.shtml" platform="highweb"/></link>ण देते हुए अपनी बात स्पष्ट की. इन दोनों को कभी फ्लोरिडा में एक साथ रखा गया था.
बैली अब बरमूडा में रहती है. जब ऐली की रिकॉर्डिंग बजाई गई तब बैली ने तुरंत प्रतिक्रिया दी, जबकि दोनों को एक दूसरे के संपर्क में आए 20 साल छह महीने से ज्यादा हो चुका था.
परिवार

शोधकर्ताओं का विश्वास है कि डॉल्फिनों के सामजिक तंत्र का जटिल ढांचा इस लंबी याद्दाश्त का कारण है.
डॉल्फिनें अपने जीवन में कई बार एक समूह छोड़ कर दूसरे समूह में शामिल हो सकती हैं.
डॉक्टर ब्रक कहते हैं, "अपने साथी की आवाज़ पहचानना उनके लिए ज़रूरी हो जाता है. कई मील दूर से अपने पूर्व साथी की आवाज़ सुनकर <link type="page"><caption> डॉल्फिन यह निर्धारित करती है</caption><url href="http://www.bbc.co.uk/hindi/science/2011/10/111031_dolphins_sundarbans_rj.shtml" platform="highweb"/></link> कि उसे पुराने समूह में लौटना है या नहीं. "
शोधकर्ताओं के अनुसार डॉल्फिनों की यह विशेषता उन्हें मनुष्यों, चिम्पांजी और हाथियों की दुनियादारी की समझ के करीब ला खड़ा करती है.
हाथी भी 20 साल से ज़्यादा समय तक याद रख सकते हैं. लेकिन अपने परिवार के बाहर की चीज़ों को वो कितना याद रखते हैं, इस बारे में बहुत थोड़ी जानकारी प्राप्त है.
डॉल्फिनों पर किया गया यह शोध बताता है कि वह परिवार के साथ-साथ अजनबियों को भी याद रख सकने में सक्षम हैं.
हाल ही में हुआ शोध बताता है कि हर डॉल्फिन की अपनी ख़ास आवाज़ (सीटी) होती है. यह उसी प्रकार से काम करती है जैसे कि मनुष्यों के लिए उनका नाम.
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