फ़ोन जो आपकी आवाज़ सुनकर करेगा बात

मोटो एक्स

<link type="page"><caption> गूगल</caption><url href="http://www.bbc.co.uk/hindi/science/2012/09/120927_google_birthday_ss.shtml" platform="highweb"/></link> के स्वामित्व वाली मोटोरोला ने एक ऐसा फ़ोन लॉन्च किया है जो 'ऑलवेज़ लिसनिंग' यानी हमेशा फ़ोन मालिक की आवाज़ के इशारों पर काम करता है.

'मोटो एक्स' नाम से लॉन्च हुआ ये फ़ोन 'टच स्क्रीन' वाला फ़ोन नहीं है बल्कि सुनकर कमांड लेता है.

इस फ़ोन का निर्माण अमरीका में किया जाएगा. इसे उपभोक्ताओं की ज़रूरतों के अनुकूल बनाने के लिए इसमें तमाम विकल्प दिए गए हैं.

इंटरनेट के क्षेत्र में शीर्ष कंपनी गूगल ने पिछले साल मोटोरोला को 12.5 अरब डॉलर में खरीद लिया था. उसके बाद से मोटोरोला ने ये पहला उत्पाद पेश किया है.

<link type="page"><caption> मोबाइल</caption><url href="http://www.bbc.co.uk/hindi/multimedia/2013/04/130403_40_years_mobilephone_rd.shtml" platform="highweb"/></link> फ़ोन उद्योग के विश्लेषकों का कहना है कि मोटो एक्स के बाज़ार में आने से <link type="page"><caption> एंड्राएड</caption><url href="http://www.bbc.co.uk/hindi/science/2012/07/120727_android_hacked_adg.shtml" platform="highweb"/></link> ऑपरेटिंग सिस्टम के बाज़ार पर असर पड़ेगा क्योंकि कई दूसरे फ़ोन निर्माता गूगल के इस ऑपरेटिंग सिस्टम का इस्तेमाल करते हैं और वो मुनाफ़े के लिए संघर्ष कर रहे हैं.

मोटो एक्स का हार्डवेयर अमरीका के टेक्सास में एक नए प्लांट में बनाया जाएगा. कई कंपनियां अब 'मेड इन यूएसए' को भुनाने की दिशा में काम कर रही हैं और मोटोरोला भी अब उनमें शामिल हो गई है.

<bold>(क्या आपने बीबीसी हिन्दी का एंड्रॉएड मोबाइल ऐप देखा ? <link type="page"><caption> डाउनलोड करने के लिए यहां क्लिक करें)</caption><url href="http://www.bbc.co.uk/hindi/multimedia/2013/03/130311_bbc_hindi_android_app_pn.shtml " platform="highweb"/></link></bold>

नया अनुभव

पिछले साल मई में मोटोरोला का स्वामित्व गूगल के पास आने के बाद से मोटो एक्स पहला ऐसा फ़ोन है जिसे कंपनी ने पूरी तरह खुद डिज़ाइन किया है.

हालांकि गूगल के नियंत्रण में आने के बाद मोटोरोला ने कुछ अन्य हैंडसेट बाज़ार में उतारे हैं लेकिन उन पर पहले से ही काम चल रहा था.

मतलब ये कि मोटो एक्स एक ऐसा फ़ोन है जिसे गूगल की मोबाइल फ़ोन को लेकर बाज़ार रणनीति के संकेतक के रूप में देखा जा रहा है.

<link type="page"><caption> गूगल ने बाज़ार में उतारा टचस्क्रीन लैपटॉप</caption><url href="http://www.bbc.co.uk/hindi/science/2013/02/130222_google_touchscreen_laptop_ia.shtml" platform="highweb"/></link>

मार्केट इंटेलिजेंस फर्म आईडीसी के मोबाइल फ़ोन विश्लेषक फ़्रांसिस्को जरोनिमो का कहना है कि कंपनी ने फ़ोन की नियंत्रण प्रणाली की मूलभूत अवधारणा को बदलने की कोशिश की है.

"बोलकर फ़ोन को कमांड देना एक अलग अनुभव है. यूज़र्स को इसमें बड़ा स्क्रीन मिलता है, वॉयस कंट्रोल है. इसलिए उपभोक्ता अगर इसकी ओर आकर्षित होते हैं तो उसकी सबसे बड़ी वजह होगी मौजूदा स्मार्ट फ़ोन से अलग नया अनुभव. मेरे हिसाब से ये अगले साल के सबसे बड़े मोबाइल ट्रेंड में से एक होगा."

जरोनिमो बताते हैं, "वॉयस कमांड सिस्टम वाले दूसरे फ़ोन में पहले एक बटन दबाना होता है फिर आप कमांड दे सकते हैं. लेकिन इस ऑपरेटिंग सिस्टम में आपको पहले सिर्फ ये बोलना होगा - 'ओके गूगल नाउ...' और फिर अपना कमांड देना होगा, फ़ोन कमांड के अनुसार काम करने लगेगा. ये वाक़ई बेहद आसान होगा."

गूगल बनाम सैमसंग

मोटो एक्स

मोटो एक्स के लॉन्च ने एक बार फिर गूगल और <link type="page"><caption> सैमसंग</caption><url href="http://www.bbc.co.uk/hindi/international/2013/04/130426_samsung_profit_dp.shtml" platform="highweb"/></link> के कारोबारी रिश्ते को लेकर सवाल खड़े कर दिए हैं.

सैमसंग गूगल के एंड्रॉएड ऑपरेटिंग सिस्टम का इस्तेमाल करने वाली सबसे प्रभावी कंपनी है, लेकिन अब इस नए फ़ोन से होने वाली संभावित प्रतिस्पर्धा को लेकर दोनों कंपनियों के बीच तनाव बढ़ सकता है.

जेरोनिमो कहते हैं, "एंड्रॉएड ऑपरेटिंग सिस्टम का पूरी दुनिया में होने वाले इस्तेमाल का 60 फ़ीसदी अकेले सैमसंग करती है. एक तरह से गूगल और सैमसंग कारोबारी हित को देखते हुए एक-दूसरे पर निर्भर हैं."

ऐसे में मोटो एक्स के बाज़ार में आने के साथ गूगल की कोशिश ये होगी कि ये सफल साबित हो और अगर ऐसा होता है तो सैमसंग के बाज़ार पर उसका असर होगा.

शायद इसी चुनौती को भांपते हुए पिछले हफ्ते ही सैमसंग ने घोषणा की कि जल्दी ही वो विशेषज्ञों का एक सम्मेलन आयोजित करेगा जिसमें तमाम सॉफ्टवेयर डेवलपर्स हिस्सा लेंगे.

मोटोरोला का कहना है कि मोटो एक्स को अमरीका, कनाडा और लैटिन अमरीका के बाज़ार में अगस्त के अंत या सितंबर की शुरुआत में उतारा जाएगा.

दो साल के कॉन्ट्रैक्ट डील के तहत ख़रीदे जाने पर इसकी क़ीमत होगी 199 डॉलर.

(आप ख़बरें पढ़ने और अपनी राय देने के लिए हमारे <link type="page"><caption> फेसबुक </caption><url href="http://www.facebook.com/bbchindi" platform="highweb"/></link>पन्ने पर भी आ सकते हैं और<link type="page"><caption> ट्विटर </caption><url href="https://twitter.com/BBCHindi" platform="highweb"/></link>पर फ़ॉलो भी कर सकते हैं.)