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डूबते सूरज के पास इस ग्रह पर हो सकता है जीवन
- Author, पल्लब घोष
- पदनाम, विज्ञान संवाददाता
विज्ञान की दुनिया में यह सवाल लंबे समय से है कि क्या पृथ्वी के अलावा किसी और ग्रह पर भी जीवन है या जीवन की संभावनाएं हैं? इस दिशा में समय-समय पर अनुसंधान और अध्ययनों के हवाले से कई तरह के तथ्य सामने आते रहे हैं. यह नया अध्ययन भी इसी की पड़ताल से संबंधित है.
इस अध्ययन के अनुसंधानकर्ताओं का मानना है कि ऐसी संभावना है कि डूबते सूरज के पास एक ऐसा ग्रह हो सकता है, जो जीवन के लिहाज से अनुकूल हो.
अगर इस बात की पुष्टि हो जाती है तो यह पहली बार होगा जब जीवन के हिसाब से अनुकूल ग्रह को 'व्हाइट ड्वार्फ' तारे की परिक्रमा करते हुए पाया गया हो.
ये ग्रह तारे के 'हेबीटेबल ज़ोन' यानी 'रहने योग्य क्षेत्र में' पाया गया. यह एक ऐसा क्षेत्र होता है, जो जीवन के लिहाज से न तो बहुत ठंडा होता है और न ही बहुत गर्म. यह अध्ययन रॉयल एस्ट्रोनॉमिकल सोसाइटी के मासिक नोटिस में प्रकाशित हुआ है.
इस अध्ययन का नेतृत्व करनेवाले यूनिवर्सिटी कॉलेज लंदन के प्रोफ़ेसर जे फ़रिही ने कहा कि यह अवलोकन खगोल विज्ञानियों के लिए बिल्कुल नया है.
उन्होंने बीबीसी न्यूज को बताया, "ऐसा पहली बार है जब किसी व्हाइट ड्वार्फ के रहने योग्य क्षेत्र में कुछ देखा गया है और इस तरह उसकी परिक्रमा करनेवाली दूसरी दुनिया पर जीवन की संभावना हो सकती है."
संभावित ग्रह की पृथ्वी से दूरी
दरअसल, जब बहुत बड़े तारे मरते हैं तो वे ब्लैक होल बन जाते हैं लेकिन हमारे अपने सूरज जैसे छोटे तारे व्हाइट ड्वार्फ बन जाते हैं. ये ऐसे तारे हैं जिन्होंने अपना सारा परमाणु ईंधन इस्तेमाल कर लिया और बाहरी परतों को भी खो चुके हैं.
सामान्य तौर पर ये ग्रह के आकार के होते हैं और पहली बार गठित होने पर नीली-सफ़ेद रौशनी का उत्सर्जन करते हैं. यह संभावित ग्रह पृथ्वी से 117 प्रकाश वर्ष दूर हैं.
शोध दल के पास ग्रह के अस्तित्व का प्रत्यक्ष प्रमाण नहीं है, लेकिन व्हाइट ड्वार्फ के रहने योग्य क्षेत्र की परिक्रमा करते हुए चंद्रमा के आकार की 65 संरचनाओं की गतिविधि इसका संकेत है कि वहां ग्रह है.
इन सरंचनाओं की एक दूसरे से दूरी नहीं बदलती है जो यह संकेत देती है कि वे पास के किसी ग्रह के गुरुत्वाकर्षण के प्रभाव में हैं. प्रोफ़ेसर फ़रिही ने कहा, "इस तथ्य ने टीम को स्तब्ध कर दिया. गति इतनी सटीक थी कि आप इसे ऐसे ही नहीं सोच सकते."
'हेबीटेबल ज़ोन' तारे के चारों ओर का एक बैंड है, जहां किसी ग्रह पर तरल पानी मौजूद हो सकता है. इसकी मौजूदगी से जीवन की संभावनाएं जुड़ती हैं.
इसका हवाला प्राय: 'गोल्डीलॉक्स ज़ोन' के रूप में दिया जाता है क्योंकि अगर कोई ग्रह तारे के काफ़ी नज़दीक रहे तो यह बहुत गर्म होगा और यदि बहुत दूर हो तो बहुत ठंडा होगा, जबकि बैंड के अंदर की स्थिति "बिल्कुल सही" होती है.
इस अध्ययन का परिणाम खगोलविदों को व्हाइट ड्वार्फ के आसपास ग्रहों के प्रत्यक्ष प्रमाण के बारे में और जानकारियां जुटाने के लिए प्रेरित करेगा.
प्रोफ़ेसर फ़रिही ने कहा, "खगोल विज्ञान में ऐसा आमतौर पर होता है कि अगर हमें कोई एक चीज़ मिल गई तो इसका मतलब है कि यह आम है."
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