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एप्पल के ख़िलाफ वो क़ानूनी लड़ाई जो सैमसंग हार गया...
एप्पल और सैमसंग का दुनिया की सबसे बड़ी स्मार्टफ़ोन बनाने वाली कंपनियों में शुमार है.
दोनों कंपनिया अमरीका में सात साल से पेटेंट के लिए क़ानूनी लड़ाई लड़ रही हैं.
उनके बीच चल रही इस क़ानूनी लड़ाई पर पिछले गुरुवार (24 मई) को फ़ैसला आ चुका है.
इस बीच एप्पल को जीत मिली और दक्षिण कोरिया की कंपनी सैमसंग को अमरीकी अदालत ने 36 अरब 50 करोड़ 73 लाख 86 हज़ार 300 रुपये का जुर्माना लगाया है.
अमरीका में कैलिफ़ोर्निया स्थित सैन जोसे की अदालत ने सैमसंग को एप्पल के मूल फीचर को चोरी करने का दोषी ठहराया है.
एप्पल के आईफ़ोन और आईपैड के डिज़ाइन और फंक्शन की नक़ल करने के कारण अदालत ने यह फ़ैसला सुनाया है.
सैमसंग पर आरोप
साल 2011 में पेटेंट को लेकर एप्पल और सैमसंग के बीच क़ानूनी लड़ाई शुरू हुई थी.
तब एप्पल ने सैमसंग पर उसके आईफ़ोन और आईपैड के राउंडेड कॉर्नर के साथ उसकी शेप और उसके जैसी लार्ज टच स्क्रीन की नक़ल करने का आरोप लगाया था.
2012 में एक अदालत ने सैमसंग को तीन डिज़ाइन चोरी करने का दोषी पाया और उससे एप्पल को होने वाले नुक़सान के लिए लगभग सात हजार करोड़ यानी 1.05 अरब डॉलर का जुर्माना लगाया.
इस पर गैलेक्सी सिरीज़ के निर्माता ने कहा था, "ये दुर्भाग्यपूर्ण है कि पेटेंट क़ानून का किसी एक कंपनी के राउंडेड कॉर्नर के साथ उसकी शेप पर एकाधिकार बनाए रखने के पक्ष में इस्तेमाल किया जा सकता है."
दक्षिण कोरियाई कंपनी सैमसंग ने फ़ैसले के ख़िलाफ़ ऊपरी अदालत में अपील की थी.
सैमसंग का कहना था कि उसे जुर्माने के रूप में केवल 280 लाख अमरीकी डॉलर का भुगतान करना चाहिए, जो भुगतान की जाने वाली नुक़सान की राशि पेटेंट में कवर किए गए कॉम्पोनेंट्स या फीचर्स से जुड़े कंपनी के मुनाफ़े की सीमित राशि है.
सात साल बाद क्यों आया फ़ैसला?
एक आईफ़ोन की कुल क़ीमत से हासिल लाभ के हिसाब से जोड़कर एप्पल ने सैमसंग से 2.500 मिलियन अमरीकी डॉलर की मांग की थी.
सैमसंग इतना भुगतान करने के लिए राज़ी नहीं हो रहा था जिस वजह से ये विवाद इतने दिनों तक चला.
अदालत के फ़ैसले पर एक बयान जारी कर एप्पल ने कहा है कि ये जानकर ख़ुशी हुई कि अदालत ने भी इस बात को मान लिया है कि सैमसंग हमारी नक़ल कर रहा था.
एप्पल ने एक बयान में कहा, "हमारी टीम कड़ी मेहनत करके अपने ग्राहकों के लिए नए-नए इनोवेटिव प्रोडक्ट्स बनाती है. यह केस हमारे लिए पैसों से बढ़कर था."
हालांकि सैमसंग का कहना है कि कोर्ट फ़ैसला अमरीकी सुप्रीम कोर्ट के फ़ैसले से मेल नहीं खाता है.
सैमसंग का कहना है कि डिजाइन पेटेंट को लेकर नुक़सान के आकार पर सुप्रीम कोर्ट का फ़ैसला उसके पक्ष में था.
सिंगापुर में रिसर्च फ़र्म आईडीसी के टेक्नॉलॉजी विश्लेषक किरनजीत कौर कहती हैं, "किसी भी फ़र्म के लिए यह स्पष्ट जीत नहीं है क्योंकि एप्पल ने अपने नुक़सान के लिए 2.5 अरब अमरीकी डॉलर की मांग के लिए अनुरोध किया था."
कौर आगे कहती हैं कि दूसरी और सैमसंग की अपील की संभावना से भी इनकार नहीं किया जा सकता.
उन्होंने कहा कि ये फ़ैसला दूसरी छोटी कंपनियों के लिए चेतावनी की तरह है कि वे "कम से कम अमरीका जैसे देश के बाज़ारों में पेटेंट का उल्लंघन न ही करें".
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