क्या दिल्ली से प्रदूषण भगाएगा एंटी स्मॉग गन?

दिल्ली सरकार प्रदूषण से निपटने की तैयारी कर रही है. इसी के मद्देनज़र बुधवार को राजधानी दिल्ली के सबसे अधिक प्रदूषित इलाकों में से एक आनंद विहार में 'एंटी स्मॉग गन' का ट्रायल किया गया.

एंटी स्मॉग गन बनाने वाली कंपनी क्लाउड टेक है. बीबीसी ने कंपनी के सीईओ सुशांत सैनी से पूछा कि ये गन कैसे काम करती है और कितनी असरदार है.

सुशांत ने कहा, "दिल्ली के स्मॉग को देखते हुए इसे विकसित किया गया है. इसे किसी एक जगह पर फिक्स किया जा सकता है या फिर ट्रक पर रख कर पूरे शहर में घुमाते हुए पर्यावरण को साफ किया जा सकता है."

उन्होंने कहा, "इससे 100 मीटर के दायरे में धूल की समस्या से पूरी तरह निजात मिलेगी. हमने इसका सफल प्रयोग कर रखा है."

90 फ़ीसदी कम होगा पीएम 2.5

2016 की तरह इस साल भी दिल्ली में प्रदूषण के कारण करीब चार हफ़्ते तक दिल्ली वाले परेशान रहे.

इस दौरान नैशनल ग्रीन ट्रिब्यूनल (एनजीटी) ने दिल्ली सरकार से प्रदूषण से निपटाने के लिए मजबूत कदम उठाने को कहा.

मैकेनिकल इंजीनियर सुशांत सैनी ने कहा, "इस मशीन की सहायता से पर्यावरण में पीएम 2.5 की मात्रा को 90 फ़ीसदी तक कम किया जा सकता है."

फॉग कैनन डस्ट सप्रेशन सिस्टम

सुशांत कहते हैं, "यह एक मल्टी-फंक्शन डस्ट सेप्रेशन ट्रक होता है जिसके ऊपर बड़ा वॉटर कैनन लगा रहता है. एंटी स्मॉग गन के जरिए पानी को बेहद सूक्ष्म कणों में बदलकर उच्च दबाव के साथ छोड़ा जाता है. ये 100 मीटर तक की ऊंचाई तक जा सकते हैं."

दिल्ली सरकार के साथ क्या बात चल रही है. इस पर सुशांत ने कहा, "आज हम ट्रायल दे रहे हैं. यह सफल हुआ तो सरकार को निर्णय लेना है."

सुशांत ने इसकी कीमत बताने से इंकार किया. उन्होंने कहा, "यह ग्राहक की जरूरत के मुताबिक है. उसकी जरूरतों के अनुसार इसमें बदलाव किए जा सकते हैं. जब हमें आवश्यकता मालूम पड़ जाए तो हम खर्च कितना आएगा ये निकाल सकेंगे. इसे ट्रक पर रखना है या मैनुअल रखना है, इसे बाद में हम कैलकुलेट करेंगे."

वो कहते हैं, "हमारे पास मॉडल रहते हैं. हम उनमें से एक लेकर आए हैं जो 70 मीटर की ऊंचाई तक पानी की फुहारों को भेजने में सक्षम है."

चीन कर चुका है 'एंटी स्मॉग गन' का इस्तेमाल

भारी प्रदूषण से निपटने के लिए 2016 में चीन ने एंटी स्मॉग गन का इस्तेमाल किया था. वह गन 200 फ़ीट तक पानी का छिड़काव कर सकती है.

हवा में धुंध और धूल कणों के ऊपर पानी पड़ने से भारी होकर ये नीचे जमीन पर आ जाते हैं. इस प्रकार पर्यावरण से कई गुना धूलकण कम हो जाते हैं.

चीन जैसे देश में इसका सफलतापूर्वक उपयोग किया गया है.

चीन ने तो अपने यहां एंटी स्मॉग पुलिस का भी गठन किया है, जो जगह-जगह प्रदूषण फैलाने वालों पर अपनी नज़र बनाए रखती है.

(बीबीसी संवाददाता अभिजीत श्रीवास्तव से बातचीत के आधार पर)

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